कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने जिला पंचायत CEO पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- "हर प्लेट में मुंह मारता है", CM से शिकायत की बात
रीवा के सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर की कुत्ते से तुलना कर दी।
रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिले की सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मेहताब सिंह गुर्जर पर लगाए गए आरोपों के बाद जिले की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने जिला पंचायत CEO पर कथित रूप से भ्रष्टाचार, धन उगाही और विभागों में एजेंटों के माध्यम से काम कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारी की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी तुलना "टॉमी" नामक कुत्ते से की और कहा कि वह "हर प्लेट में मुंह मारता है।"
वीडियो में विधायक अभय मिश्रा का बयान काफी आक्रामक नजर आता है। उन्होंने कहा कि जिले की प्रशासनिक व्यवस्था एक ऐसे अधिकारी के कारण प्रभावित हो रही है, जिसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत CEO विकास कार्यों की बजाय कथित तौर पर पैसे कमाने में अधिक रुचि रखते हैं।
उन्होंने कहा कि "एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। इसी तरह एक अधिकारी पूरे सिस्टम की छवि खराब कर रहा है।" विधायक ने यह भी कहा कि ऐसे अधिकारियों के कारण सरकार की छवि जनता के बीच खराब होती है और विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
मुख्यमंत्री से शिकायत करने की कही बात
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा और उनसे अनुरोध किया जाएगा कि ऐसे अधिकारी को जिले से हटाया जाए।
उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से पूछेंगे कि "इतनी छोटी सोच वाला और टपोरी टाइप का अधिकारी आखिर रीवा जिले में क्यों भेजा गया है?" विधायक ने दावा किया कि इस अधिकारी की कार्यशैली से आम जनता, जनप्रतिनिधि और कई विभागों के कर्मचारी भी परेशान हैं।
विभागों में एजेंट बैठाने का आरोप
विधायक ने जिला पंचायत CEO पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने विभिन्न विभागों में अपने कथित एजेंट नियुक्त कर रखे हैं। उनके अनुसार इन्हीं लोगों के माध्यम से डेपुटेशन, फाइलों की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कार्य कराए जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना कथित लेन-देन के कई कार्य आगे नहीं बढ़ते और पूरे सिस्टम में बिचौलियों का नेटवर्क सक्रिय कर दिया गया है। विधायक ने कहा कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई गंभीर तथ्य सामने आ सकते हैं।
वायरल हुआ वीडियो
विधायक अभय मिश्रा का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस पर चर्चा शुरू हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष इस बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है और वीडियो किस कार्यक्रम का है, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
प्रशासन की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब
समाचार लिखे जाने तक जिला पंचायत CEO मेहताब सिंह गुर्जर की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रशासन की तरफ से भी इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यदि अधिकारी की ओर से कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया आती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आ सके।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
रीवा जिले में कांग्रेस विधायक द्वारा प्रशासनिक अधिकारी पर सार्वजनिक मंच से लगाए गए इन आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। विपक्ष जहां इसे प्रशासनिक भ्रष्टाचार का मुद्दा बता रहा है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री कार्यालय या राज्य सरकार इस मामले में कोई जांच कराती है या नहीं। यदि शिकायत औपचारिक रूप से दर्ज होती है तो संबंधित विभाग द्वारा तथ्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, विधायक द्वारा लगाए गए आरोप सार्वजनिक बयान हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच का परिणाम अभी सामने नहीं आया है और संबंधित अधिकारी की प्रतिक्रिया आना शेष है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस