कोंच तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस: 222 शिकायतें दर्ज, 27 का मौके पर निस्तारण; डीएम बोले- बिना जांच शिकायत बंद करने पर होगी कार्रवाई

उरई की कोंच तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने जनता की शिकायतें सुनीं। कुल 222 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 27 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। डीएम ने अधिकारियों को बिना जांच किसी भी शिकायत का निस्तारण न दिखाने और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

कोंच तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस: 222 शिकायतें दर्ज, 27 का मौके पर निस्तारण; डीएम बोले- बिना जांच शिकायत बंद करने पर होगी कार्रवाई

डीएम-एसपी ने संयुक्त रूप से सुनीं फरियादियों की समस्याएं

बिना जांच शिकायत बंद करने पर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

राजस्व, पुलिस, बिजली, पेयजल और भूमि विवाद के मामलों पर हुई सुनवाई

ग्रामीणों को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

उरई। आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोंच तहसील सभागार में मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की। दोनों अधिकारियों ने दूर-दराज के गांवों और कस्बों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। राजस्व, पुलिस, विद्युत, नगर पालिका, विकास, समाज कल्याण, पूर्ति, पेयजल, सड़क, सफाई तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित कुल 222 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 27 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक शिकायत का समाधान पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को बिना स्थलीय जांच या तथ्यात्मक परीक्षण के निस्तारित न दिखाया जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा बिना जांच के शिकायत का निस्तारण दर्शाने की शिकायत मिली तो उसके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आमजन और प्रशासन के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला समाधान उपलब्ध कराए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण करते समय संवेदनशीलता और पारदर्शिता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।

जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, पैमाइश, अवैध कब्जा, नामांतरण, सीमांकन, बिजली आपूर्ति, पेयजल संकट, सड़क निर्माण, नालियों की सफाई, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने कई मामलों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कर शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान उमरी निवासी मीना देवी ने अमलदरामद कराए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए शिकायत का निस्तारण कराया, जिससे शिकायतकर्ता ने प्रशासन के प्रति संतोष व्यक्त किया।

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की विस्तार से सुनवाई की। उन्होंने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी पीड़ित को न्याय मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि भूमि विवाद, मारपीट, घरेलू विवाद तथा अन्य संवेदनशील मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, जिससे विवादों का स्थायी समाधान हो सके और भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का मौके पर समाधान संभव नहीं है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। संबंधित विभाग शिकायतकर्ता से नियमित संपर्क बनाए रखें और निस्तारण की प्रगति से उन्हें अवगत कराते रहें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने उपस्थित ग्रामीणों को पौधों का वितरण करते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग एक-एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करें तो क्षेत्र का पर्यावरण बेहतर होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।

ग्रामीणों ने भी पौधारोपण अभियान में भागीदारी का संकल्प लिया और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियान की सराहना की। अधिकारियों ने लोगों को जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया।

संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों का समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया गया कि उनकी समस्याओं का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान कराया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, उप जिलाधिकारी हेमंत पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई और संपूर्ण समाधान दिवस जैसे मंचों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, जिससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हो तथा समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।