सामान्य प्रशासन विभाग ने किए प्रमोशन:मंत्रालय के 463 कर्मचारी लोक सेवा पदोन्नति नियमों के तहत हुए प्रमोट,सोमवार से संभालेंगे नई जिम्मेदारी

मोहन सरकार की ओर से पदोन्नति का निर्णय लिए जाने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागीय स्तर पर पहला पदोन्नति आदेश जारी किया है। इस विभाग ने 463 सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग ने किए प्रमोशन:मंत्रालय के 463 कर्मचारी लोक सेवा पदोन्नति नियमों के तहत हुए प्रमोट,सोमवार से संभालेंगे नई जिम्मेदारी

मोहन सरकार का बड़ा फैसला, मंत्रालय के 463 कर्मचारियों को मिला प्रमोशन

301 सहायक ग्रेड-3 बने सहायक ग्रेड-2, 162 बने सहायक अनुभाग अधिकारी

सोमवार से नए पद पर संभालेंगे कार्यभार, पुराने पद से किए गए कार्यमुक्त

भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार द्वारा प्रमोशन प्रक्रिया को फिर से गति देने के फैसले के बाद अब विभागीय स्तर पर बड़े पैमाने पर पदोन्नति आदेश जारी होने लगे हैं। इसी क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंत्रालय के 463 कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसे प्रदेश में विभागीय स्तर पर जारी पहला बड़ा प्रमोशन आदेश माना जा रहा है।

इस फैसले से न केवल सैकड़ों कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है, बल्कि अन्य विभागों में भी लंबित प्रमोशन प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रशासनिक हलकों में इसे राज्य सरकार की कर्मचारी हितैषी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

463 कर्मचारियों को मिला पदोन्नति का लाभ

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 301 सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को पदोन्नत कर सहायक ग्रेड-2 बनाया गया है। वहीं 162 सहायक ग्रेड-2 कर्मचारियों को प्रमोट कर सहायक अनुभाग अधिकारी (Assistant Section Officer) के पद पर नियुक्त किया गया है।

इस प्रकार विभाग ने कुल 463 कर्मचारियों को एक साथ पदोन्नति देकर मंत्रालय में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

सोमवार से संभालेंगे नई जिम्मेदारी

विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है, वे उसी विभाग में अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करेंगे, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। सभी कर्मचारियों को उनके पुराने पद से कार्यमुक्त करते हुए निर्देश दिया गया है कि वे सोमवार से अपने नए पद पर जिम्मेदारी संभालें।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभागीय कार्य प्रभावित न हों और पदोन्नत अधिकारियों की सेवाओं का लाभ तुरंत मिल सके।

लंबे समय बाद तेज हुई प्रमोशन प्रक्रिया

मध्य प्रदेश में पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों की पदोन्नति विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कारणों से प्रभावित रही थी। इससे हजारों कर्मचारी अपने करियर में आगे बढ़ने से वंचित थे। मोहन सरकार ने इस समस्या के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC) की बैठकों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

अब सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस बड़े आदेश को उसी प्रक्रिया का परिणाम माना जा रहा है।

विधानसभा सचिवालय ने भी दिए थे प्रमोशन

इससे पहले 1 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने भी 12 अधिकारी एवं कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश जारी किए थे। अब सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 463 कर्मचारियों को एक साथ प्रमोशन दिए जाने के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि अन्य विभाग भी जल्द ही इसी तरह के आदेश जारी कर सकते हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में विभिन्न विभागों में लंबित डीपीसी बैठकों का आयोजन तेजी से होगा और हजारों कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने की संभावना है।

डीपीसी बैठकों में आई तेजी

सामान्य प्रशासन विभाग प्रदेश में कर्मचारी नीतियों और सेवा संबंधी मामलों का प्रमुख विभाग माना जाता है। विभाग की कमान संभालने के बाद अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

इन निर्देशों के बाद विभागीय स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा तेज हुई और पदोन्नति प्रस्तावों का तेजी से निपटारा शुरू हुआ। इसी का परिणाम है कि मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए इतने बड़े पैमाने पर प्रमोशन आदेश जारी किए गए।

कर्मचारियों में खुशी का माहौल

प्रमोशन आदेश जारी होने के बाद मंत्रालय के कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि इससे उनके करियर में नई संभावनाएं खुलेंगी और कार्य करने का उत्साह भी बढ़ेगा।

कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अन्य विभागों में भी जल्द लंबित पदोन्नतियां पूरी की जाएंगी।

अन्य विभागों की बढ़ीं उम्मीदें

सामान्य प्रशासन विभाग के इस फैसले के बाद शिक्षा, राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत, लोक निर्माण, जल संसाधन और अन्य विभागों के कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि जहां-जहां विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकें पूरी हो चुकी हैं, वहां जल्द ही इसी प्रकार के आदेश जारी किए जाएंगे।

यदि यह प्रक्रिया लगातार जारी रहती है तो प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा और लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट सकती है।

प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पदोन्नति होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, कार्यकुशलता में सुधार आता है और विभागों में रिक्त पदों पर योग्य अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित होती है। इससे शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी यह आदेश केवल 463 कर्मचारियों के प्रमोशन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य में रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को फिर से गति देने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि अन्य विभाग भी इसी तरह तेजी दिखाते हैं तो हजारों कर्मचारियों को वर्षों से लंबित पदोन्नति का लाभ मिल सकता है।