मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वामित्व योजना में शुल्क माफ, खिलाड़ियों को इनाम, युवाओं को मिलेगी ई-स्कूटी; डॉक्टरों की सीधी भर्ती को मंजूरी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है. सरदार सरोवर योजना विवाद के समाधान के लिए गुजरात के साथ समझौते को मंजूरी मिली, जिसमें एमपी को 217 करोड़ रुपये देने होंगे. ज्ञान भारतम योजना में एमपी ने पांडुलिपि संरक्षण में देश में पहला स्थान हासिल किया. इसके अलावा कई योजनाओं समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वामित्व योजना में शुल्क माफ, खिलाड़ियों को इनाम, युवाओं को मिलेगी ई-स्कूटी; डॉक्टरों की सीधी भर्ती को मंजूरी

केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय पूल में शामिल नहीं किए जाने वाले गेहूं, धान, बाजरा और ज्वार की राज्य सरकार नीलामी करेगी

जिलों में छोटे आईटी हब विकसित किए जाएंगे, डॉक्टरों की भर्ती अब लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सीधे करेगा

प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने पर मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया

भोपाल। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के विकास, युवाओं, खिलाड़ियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने सरकार के फैसलों की जानकारी दी।

कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। अब पंचायत क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के अंतर्गत होने वाली रजिस्ट्री पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार की ओर से पट्टा उपलब्ध कराया जाएगा और पंचायत कर व उपकर में भी छूट देने का फैसला किया गया है। इससे प्रदेश के करीब 48 लाख लोगों को लाभ मिलने की संभावना है।

स्वामित्व योजना में बड़ी राहत

मध्यप्रदेश सरकार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार देने के लिए रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। कैबिनेट के नए फैसले से ग्रामीणों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।

सरकार के अनुसार, योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा और लोगों को अतिरिक्त शुल्क से राहत मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

कर्मचारियों के प्रमोशन शुरू होने पर मुख्यमंत्री का आभार

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्णय का भी उल्लेख किया गया। मंत्रियों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद किया। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

800 करोड़ रुपये से बनेगा अत्याधुनिक डाटा सेंटर

मध्यप्रदेश में डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के डाटा सेंटर के लिए 800 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से प्रदेश में डिजिटल सेवाओं को गति मिलेगी और सरकारी विभागों के कामकाज में तकनीक का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।

कैबिनेट ने आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब आईटी उद्योगों को औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उद्योग विभाग संभालेगा। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में छोटे-छोटे आईटी पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान पर जोर

बैठक में वर्षों से लंबित अंतर्राज्यीय मुद्दों के समाधान को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। सरकार ने कहा कि पिछले 30-40 वर्षों से लंबित मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। इनमें गुजरात की सरदार सरोवर परियोजना से जुड़ा मामला भी शामिल है।

समझौते के अनुसार सरदार सरोवर परियोजना से संबंधित 75 प्रतिशत खर्च गुजरात सरकार वहन करेगी, जबकि मध्यप्रदेश सरकार समझौते के तहत गुजरात सरकार को 217 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराएगी। सरकार ने इसे राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और विकास की दिशा में अहम कदम बताया।

ज्ञान भारतम योजना में मध्यप्रदेश की उपलब्धि

कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार की ज्ञान भारतम योजना की प्रगति की जानकारी भी दी गई। इस योजना का उद्देश्य देश की पुरानी पांडुलिपियों को सुरक्षित करना और उन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित करना है।

बताया गया कि इस कार्य में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। प्रदेश में 34 लाख से अधिक पांडुलिपियों का पंजीयन किया गया है, जबकि करीब 12 लाख पांडुलिपियों का सत्यापन पूरा हो चुका है।

टीकमगढ़ से 10 फीट लंबा जम्मूदीप का नक्शा और बुरहानपुर से लगभग 220 वर्ष पुरानी हस्तलिखित श्रीमद्भागवत कथा जैसी दुर्लभ सामग्री भी प्राप्त हुई है। सरकार ने इसे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

खिलाड़ियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष एवं महिला हॉकी प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 3 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और खेलों को नई दिशा मिलेगी।

युवाओं के लिए ई-स्कूटी योजना जारी रहेगी

मध्यप्रदेश सरकार ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए ई-स्कूटी योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया है। इसके लिए 495 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।

इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि ई-स्कूटी योजना से युवाओं को सुविधा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की सीधी भर्ती

प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। इसके अलावा जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के पद खाली हैं, वहां नियुक्तियां की जाएंगी।

सरकार ने फैसला किया है कि नियुक्त किए जाने वाले डॉक्टरों का तीन साल तक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बेहतर बनी रहें।

उज्जैन वेधशाला के विकास के लिए 49 करोड़ मंजूर

उज्जैन के डोंगला स्थित वेधशाला के उन्नयन के लिए 49 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे खगोलीय अध्ययन और वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

नमो हरित नगर योजना को मंजूरी

प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्रों के विकास के लिए नई नमो हरित नगर योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत शहरों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण सुधार के कार्य किए जाएंगे।

कैबिनेट के इन फैसलों को सरकार ने प्रदेश के विकास, रोजगार, डिजिटल विस्तार, स्वास्थ्य सुधार और युवाओं के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से आने वाले समय में मध्यप्रदेश में आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।