PM मोदी से बात हुई... चंपत राय जा सकते हैं जेल', BJP नेता विनय कटियार का बड़ा दावा, सियासी हलचल तेज

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद में भाजपा नेता विनय कटियार के एक चौंकाने वाले बयान ने यूपी से लेकर दिल्ली तक की सियासत में भूचाल ला दिया है! उनका दावा है कि उनकी सीधे प्रधानमंत्री मोदी से बात हुई है और जांच के बाद चंपत राय का जेल जाना तय है

PM मोदी से बात हुई... चंपत राय जा सकते हैं जेल', BJP नेता विनय कटियार का बड़ा दावा, सियासी हलचल तेज

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विनय कटियार ने कहा कि यह साफ है कि पैसे का गबन हुआ है। चंपत राय समेत कई लोग जेल जा सकते 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विनय कटियार के एक बड़े बयान ने इस पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। कटियार ने दावा किया है कि उनकी सीधे नरेंद्र मोदी से बात हुई है और मामले की जांच के बाद चंपत राय के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि जांच के आधार पर भविष्य में चंपत राय को जेल भी जाना पड़ सकता है।

कटियार का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विपक्ष पहले से ही इस मुद्दे पर सरकार और ट्रस्ट को घेर रहा है, वहीं अब राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के बयान भी चर्चा का विषय बन गए हैं।

कटियार ने कहा कि वह लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपर्क में हैं और उन्हें भरोसा है कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने कहा कि इस विवाद में केवल चंपत राय ही नहीं बल्कि गोपाल राव का नाम भी सामने आ रहा है। उनके मुताबिक जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए गए तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

उन्होंने चंपत राय का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे अयोध्या पहुंचे थे तो उन्होंने चंपत राय को सलाह दी थी कि कारसेवकपुरम में रहकर काम करें। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने चंपत राय को अपने घर आने तक का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। कटियार ने कहा कि उन्हें पहले से लग रहा था कि चंपत राय का समय ठीक नहीं चल रहा है।

'पैसों का जबरदस्त गबन हुआ'

विनय कटियार ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में पैसों का "जबरदस्त गबन" हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और एसआईटी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पड़ताल करेगी। उनका कहना था कि इतनी बड़ी जांच एक दिन में पूरी नहीं होती और इसमें कई दिन या उससे अधिक समय भी लग सकता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी अविनाश उस मूल समूह का हिस्सा नहीं थे और यदि उनके खिलाफ कार्रवाई होती है तो उन्हें उस पर कोई आपत्ति नहीं है। कटियार ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

बाबरी ढांचा विध्वंस का भी किया जिक्र

अपने बयान के दौरान विनय कटियार ने बाबरी मस्जिद विध्वंस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने उनसे पूछा था कि क्या तत्कालीन प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव उनके मित्र हैं। कटियार के अनुसार, उस दौरान नरसिंह राव लगातार फोन पर हालात की जानकारी लेते रहे थे और ढांचा गिरने के बाद उन्होंने कहा था कि "अब तो भेजना पड़ेगा ही।"

PM मोदी की नजर पूरे मामले पर होने का दावा

कटियार ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रधानमंत्री ने इस संबंध में क्या निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अब तक इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए कटियार का यह बयान फिलहाल उनका व्यक्तिगत दावा माना जा रहा है।

नृपेंद्र मिश्रा ने भी उठाए थे सवाल

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी हाल ही में मंदिर में हुई कथित चोरी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि "डाका" है।

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद नृपेंद्र मिश्रा अचानक अयोध्या पहुंचे थे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली थी। उस समय तक एसआईटी का गठन नहीं हुआ था। बाद में उन्होंने विभिन्न मीडिया इंटरव्यू में ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे।

एसआईटी जांच पर टिकी निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी आरोपी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष या कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तब तक सभी दावों और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।