स्कूल बस बनी हादसे का शिकार: स्टेयरिंग फेल होते ही पुलिया और पेड़ से टकराकर खाई में गिरी, कई बच्चे घायल, मची अफरा-तफरी-अस्पताल में इलाज जारी

जालौन के उरई–जालौन स्टेट हाईवे पर अकोड़ी दुबे के पास जयपुरिया स्कूल की बस स्टेयरिंग फेल होने से अनियंत्रित होकर पुलिया और पेड़ से टकराने के बाद खाई में पलट गई। हादसे में एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और प्रशासन ने राहत कार्य चलाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्कूल बस बनी हादसे का शिकार: स्टेयरिंग फेल होते ही पुलिया और पेड़ से टकराकर खाई में गिरी, कई बच्चे घायल, मची अफरा-तफरी-अस्पताल में इलाज जारी

स्टेयरिंग फेल होने से स्कूल बस खाई में गिरी, एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल; मची चीख-पुकार, अस्पताल में इलाज जारी


उरई। जनपद जालौन में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। उरई से जालौन जा रही जयपुरिया स्कूल की बस जालौन–उरई स्टेट हाईवे पर अकोड़ी दुबे गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित बस पहले सड़क किनारे बनी पुलिया से टकराई और फिर तेज रफ्तार में आगे बढ़ते हुए यूकेलिप्टस के एक पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस सड़क किनारे स्थित खाई (खंदक) में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना होते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाला। कई बच्चे हादसे से बुरी तरह सहमे हुए थे, जबकि कुछ दर्द से रो रहे थे और अपने माता-पिता को बुलाने की गुहार लगा रहे थे। लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य और तेज कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक स्कूल बस में दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं सवार थे, जो स्कूल जा रहे थे। हादसे में एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल हुए हैं। कई बच्चों को सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं, जबकि कुछ के हाथ-पैर में फ्रैक्चर होने की भी सूचना मिली है। गंभीर रूप से घायल बच्चों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि कुछ को अन्य निजी वाहनों की मदद से अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और बच्चों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। पुलिस ने बस को खाई से बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच भी की जा रही है।
दुर्घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। अपने बच्चों को घायल अवस्था में देखकर कई अभिभावकों की आंखें भर आईं। अस्पताल परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अभिभावकों ने बस चालक की लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यदि बस की नियमित तकनीकी जांच होती और वाहन पूरी तरह सुरक्षित होता तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था।
हालांकि, प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना का कारण स्टेयरिंग फेल होना बताया जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि बस की तकनीकी जांच कराई जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि वास्तव में स्टेयरिंग में खराबी थी या हादसे के पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार है। पुलिस चालक से भी पूछताछ करेगी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि वाहन की फिटनेस, रखरखाव या चालक की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों की समय-समय पर तकनीकी जांच और फिटनेस की सख्ती से निगरानी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल सभी घायल बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।