दर्दनाक सड़क हादसा: मजदूरों से भरी लोडिंग ट्रक से टकराई, 8 की मौत; 24 से ज्यादा घायल
मध्य प्रदेश के भिंड में NH-719 पर मजदूरों से भरी लोडिंग सड़क पर मवेशी आने के बाद ट्रक से टकरा गई. हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
मध्य प्रदेश के भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 पर भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 24 मजदूर घायल हो गए।
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छींमका गांव के पास मजदूरों से भरी एक लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से जा भिड़ी। हादसा इतना भीषण था कि लोडिंग वाहन में सवार मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में अब तक 8 मजदूरों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 24 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लौट रहे थे मजदूर
जानकारी के मुताबिक, लोडिंग वाहन में सवार मजदूर ग्वालियर जिले के डबरा-चीनोर क्षेत्र से अपने घर उत्तर प्रदेश लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे उनका वाहन नेशनल हाईवे-719 से गुजर रहा था। इसी दौरान छींमका गांव के पास अचानक सड़क पर मवेशी आ जाने से वाहन चालक के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई।
बताया जा रहा है कि चालक ने मवेशियों से बचने और वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन अचानक संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से जा टकराया। टक्कर की रफ्तार और जोर इतना अधिक था कि वाहन में बैठे कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
टक्कर के बाद मची चीख-पुकार
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। रात के समय हाईवे पर हुए इस हादसे की सूचना आसपास के लोगों और पुलिस को दी गई। स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव में जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन से घायलों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को तत्काल गोहद अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने पांच मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बड़ी संख्या में घायलों का इलाज शुरू किया गया।
ग्वालियर रेफर किए गए गंभीर घायल
हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूरों की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से ग्वालियर भेजा गया। उपचार के दौरान तीन और मजदूरों की मौत होने की सूचना सामने आई। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।
घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। हालांकि प्रशासन और पुलिस की ओर से घायलों की स्थिति तथा मृतकों की अंतिम संख्या की आधिकारिक जानकारी जांच और उपचार की स्थिति के अनुसार सामने आने की बात कही जा रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, लोडिंग वाहन और ट्रक की टक्कर में आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के समय लोडिंग वाहन की गति कितनी थी और चालक ने वाहन को नियंत्रित करने के लिए क्या प्रयास किए। इसके साथ ही सड़क की स्थिति, वाहन की तकनीकी स्थिति और ट्रक की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
मवेशियों के सड़क पर आने से हादसा?
प्रारंभिक जानकारी में सड़क पर अचानक मवेशियों के आ जाने को हादसे की संभावित वजह बताया जा रहा है। बताया गया है कि मवेशियों को देखकर चालक ने वाहन को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह नियंत्रण से बाहर हो गया और सामने चल रहे ट्रक से टकरा गया।
हालांकि पुलिस ने अभी दुर्घटना के कारणों की अंतिम पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा केवल मवेशियों के सड़क पर आने के कारण हुआ या इसके पीछे वाहन की रफ्तार, चालक की लापरवाही, सड़क की स्थिति अथवा कोई अन्य वजह भी जिम्मेदार थी।
हाईवे पर कुछ समय मची रही अफरा-तफरी
भीषण टक्कर के बाद नेशनल हाईवे-719 पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रात का समय होने के कारण राहत और बचाव कार्य में शुरुआती परेशानी भी सामने आई। स्थानीय लोगों ने पुलिस के पहुंचने से पहले घायलों की मदद की और उन्हें वाहन से बाहर निकालने में सहयोग किया।
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए यातायात को व्यवस्थित कराया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने हादसे से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए हैं।
परिवारों में पसरा मातम
हादसे में आठ मजदूरों की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों में मातम पसर गया। ये मजदूर काम के सिलसिले में ग्वालियर जिले के डबरा-चीनोर क्षेत्र में थे और लोडिंग वाहन से अपने घर उत्तर प्रदेश लौट रहे थे। सफर के दौरान हुए हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि उनके परिजनों को घटना की सूचना दी जा सके। घायलों के इलाज और गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
हादसे ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
भिंड का यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। रात के समय सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। तेज गति से चल रहे वाहनों के सामने अचानक मवेशी आ जाने पर चालक को प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हाईवे पर पर्याप्त रोशनी, मवेशियों को सड़क पर आने से रोकने के इंतजाम, वाहनों की निर्धारित गति और यातायात नियमों का पालन दुर्घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। खासतौर पर मजदूरों को ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने की स्थिति की भी जांच जरूरी होती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के वास्तविक कारण और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। इस दर्दनाक हादसे ने आठ परिवारों को गहरा आघात दिया है, जबकि दो दर्जन से अधिक घायल मजदूर अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस