राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चंपत राय की चुप्पी टूटी, राम भक्तों के नाम लिखा खुला पत्र; बोले- 45 साल का प्रचारक जीवन खुली किताब रहा है

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहली बार चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने भक्तों के नाम खुला पत्र जारी कर SIT जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील की है.

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चंपत राय की चुप्पी टूटी, राम भक्तों के नाम लिखा खुला पत्र; बोले- 45 साल का प्रचारक जीवन खुली किताब रहा है

अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले के सामने आने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद वीएचपी नेता चंपत राय का पहली बार बयान सामने आया है.

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भगवान श्रीराम के भक्तों के नाम एक खुला पत्र जारी कर पूरे मामले पर अपनी बात रखी। चंपत राय ने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर उनके खिलाफ कई तरह के आरोप और चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन उन्होंने अब तक जानबूझकर इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि मामले की जांच चल रही है।

अपने पत्र में चंपत राय ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी विषय को लेकर भावनाएं स्वाभाविक रूप से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं और चोरी को लेकर कई तरह की बातें सामने आईं, जिनमें कुछ आरोप व्यक्तिगत रूप से उन पर भी लगाए गए। हालांकि, उन्होंने जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं समझा।

SIT जांच पूरी होने के बाद रखेंगे पूरा पक्ष

चंपत राय ने अपने पत्र में भगवान राम के भक्तों को भरोसा दिलाया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह स्वयं पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्यों को सामने रखा जाएगा और लोगों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब दिए जाएंगे।

उन्होंने अपील की कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि सत्य को सामने आने में समय लग सकता है, लेकिन जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

45 साल का प्रचारक जीवन बताया खुली किताब

अपने पत्र में चंपत राय ने अपने लंबे सामाजिक और संगठनात्मक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका 45 वर्षों का प्रचारक जीवन खुली किताब की तरह रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए उन्होंने हमेशा पारदर्शिता और सेवा के भाव को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने यह भी कहा कि जीवनभर उन्होंने समाज और धर्म से जुड़े कार्यों में अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत छवि को लेकर उन्हें सफाई देने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्होंने राम भक्तों को विश्वास दिलाना जरूरी समझा।

निजी आरोपों पर भी नहीं दी प्रतिक्रिया

चंपत राय ने कहा कि पिछले दिनों उन पर व्यक्तिगत स्तर पर कई आरोप लगाए गए, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। उनका मानना है कि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और तथ्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आरोप लगाना आसान होता है, लेकिन सच्चाई सामने आने में समय लगता है। इसलिए उन्होंने संयम रखते हुए जांच प्रक्रिया का इंतजार किया।

चढ़ावा विवाद के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

राम मंदिर चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि ट्रस्ट और उससे जुड़े लोग जांच प्रक्रिया पूरी होने की बात कह रहे हैं।

मंदिर निर्माण और संचालन से जुड़ी गतिविधियां लंबे समय से देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की नजरों में रही हैं। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी विवाद ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

भक्तों से संयम रखने की अपील

चंपत राय ने अपने पत्र के अंतिम हिस्से में राम भक्तों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था सर्वोपरि है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जांच का इंतजार किया जाना चाहिए।

उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक तथ्य सामने आएंगे और सभी भ्रम दूर हो जाएंगे।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

चंपत राय का यह खुला पत्र ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब लोगों की नजरें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल चंपत राय ने अपने पत्र के माध्यम से यही संदेश दिया है कि वह जांच प्रक्रिया का सम्मान कर रहे हैं और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले पर विस्तृत जवाब देंगे। उन्होंने राम भक्तों से विश्वास बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की है।