दतिया उपचुनाव में गरजे नरोत्तम मिश्रा: बोले- "वो नहीं जीता था, मैं हारा था"; जीतू पटवारी और राजेंद्र भारती को बताया 'फेसबुकिया नेता'
पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को रावतपुरा कॉलेज में व्यापारियों के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर तीखा हमला बोला।
दतिया उपचुनाव के बीच पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए खुद को 'अहंकारी नहीं, संस्कारी' बताया. उन्होंने दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी पर निशाना साधा.
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। चुनावी माहौल के बीच प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला। निजी विद्यालय संचालकों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने पिछले चुनावी बयान को दोहराते हुए कहा कि, "वो नहीं जीता था, मैं हारा था और आज भी मैं उसी बात पर कायम हूं।"
उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास विकास के मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे केवल व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं।
"मैं अहंकारी नहीं, संस्कारी हूं"
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस द्वारा उन्हें अहंकारी बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अहंकारी नहीं बल्कि संस्कारी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के आरोप वास्तविकता से परे हैं।
उन्होंने कहा, "छाज बोले तो बोले, छलनी भी बोले जिसमें हजार छेद हैं। जो लोग खुद बड़े अंतर से चुनाव हार चुके हैं, वे मुझे अहंकारी बता रहे हैं।"
मिश्रा ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह करीब 1 लाख 46 हजार वोटों से चुनाव हारे थे, जबकि जीतू पटवारी लगभग 40 हजार वोटों से पराजित हुए थे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं केवल करीब 7 हजार वोटों से चुनाव हारे थे, इसलिए उन्हें अहंकारी कहना उचित नहीं है।
"वो नहीं जीता था, मैं हारा था"
पूर्व गृहमंत्री ने पिछले विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दतिया में कांग्रेस की जीत किसी लहर का परिणाम नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी हार स्थानीय परिस्थितियों का परिणाम थी और वे आज भी अपने पुराने बयान पर कायम हैं।
उन्होंने कहा, "मैं पहले भी कह चुका हूं कि वो नहीं जीता था, मैं हारा था। आज भी मैं उसी बात पर कायम हूं। दतिया की जनता मेरा परिवार है और मेरा उनके साथ आत्मीय रिश्ता हमेशा बना रहेगा।"
उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का स्नेह उन्हें लगातार मिलता रहेगा।
जीतू पटवारी और राजेंद्र भारती पर हमला
डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी केंद्रीय मंत्री के पीए द्वारा कोई राजनीतिक प्रस्ताव दिया गया था तो उसका प्रमाण भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि केवल आरोप लगाने से बात नहीं बनेगी, बल्कि तथ्य और सबूत भी सामने लाने होंगे।
इसी दौरान उन्होंने जीतू पटवारी और राजेंद्र भारती को "फेसबुक और व्हाट्सएप के नेता" बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति केवल सोशल मीडिया तक सीमित है, जबकि जनता के वास्तविक मुद्दों से उनका कोई सरोकार नहीं है।
"दतिया के विकास पर कांग्रेस ने एक शब्द नहीं बोला"
पूर्व गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की हालिया कार्यकर्ता बैठक में क्षेत्र के विकास, रोजगार, शिक्षा, सड़क, सिंचाई या जनहित के किसी विषय पर चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि पूरी सभा का उद्देश्य केवल उन्हें निशाना बनाना था। उनके अनुसार कांग्रेस जनता के मुद्दों से भटककर व्यक्तिगत राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के पास विकास का कोई विजन होता तो वह जनता के सामने उसे रखती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
स्वास्थ्य को लेकर भी साधा निशाना
राजेंद्र भारती के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे पर भी नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता मंच से उन्हें बीमार बता रहे थे, जबकि उसी समय वे विभिन्न टीवी चैनलों पर लगातार बयान दे रहे थे।
मिश्रा ने कहा कि इससे कांग्रेस नेताओं के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
भाजपा की जीत का दावा
डॉ. मिश्रा ने कहा कि दतिया की जनता भाजपा सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों से अच्छी तरह परिचित है। उन्होंने विश्वास जताया कि उपचुनाव में मतदाता विकास के आधार पर फैसला करेंगे, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है और जनता उसी का समर्थन करेगी।
30 जुलाई को होगा मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान निर्धारित है। चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों लगातार जनसभाएं, कार्यकर्ता सम्मेलन और प्रचार अभियान चला रही हैं। वहीं आजाद समाज पार्टी भी चुनावी मैदान में सक्रिय दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रत्याशियों की घोषणा के बाद मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो सकता है।
चुनावी बयानबाजी हुई तेज
उपचुनाव की घोषणा के बाद से दतिया में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
एक ओर भाजपा विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को मुद्दा बना रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार और भाजपा नेताओं पर सवाल उठा रही है।
आने वाले दिनों में दोनों दलों की चुनावी सभाओं और बयानों के चलते राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में दतिया उपचुनाव केवल स्थानीय नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस