"अपने चमड़े के जूते भी पहनाऊं तो कर्ज नहीं उतरेगा...": CM मोहन यादव के लिए मंत्री गौतम टेटवाल का बयान वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

राजगढ़ के सारंगपुर में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री गौतम टेटवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंच से जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "अपने चमड़े के जूते बनाकर भी अगर आपको पहनाऊं, तब भी आपका कर्ज नहीं उतार पाऊंगा।" मंत्री के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव इस दौरान मुस्कुराते नजर आए और बाद में इशारे से मंत्री को भाषण आगे बढ़ाने का संकेत दिया। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन और आलोचना, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

"अपने चमड़े के जूते भी पहनाऊं तो कर्ज नहीं उतरेगा...": CM मोहन यादव के लिए मंत्री गौतम टेटवाल का बयान वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सारंगपुर के कार्यक्रम में दिया भावुक बयान

मुख्यमंत्री की जमकर की प्रशंसा

मोहन यादव को बताया प्रदेश का 'भागीरथ'

उज्जैन का प्रभारी मंत्री बनाने पर जताया आभार

'चमड़े के जूते' वाला बयान हुआ वायरल

भोपाल/राजगढ़। मध्यप्रदेश सरकार के कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति दिया गया एक भावुक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजगढ़ जिले के सारंगपुर स्थित भैंसवामाता मंदिर परिसर में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह में मंत्री टेटवाल ने मंच से कहा, "अपने चमड़े के जूते बनाकर भी अगर आपको पहनाऊं, तब भी आपका कर्ज नहीं उतार पाऊंगा।" उनके इस बयान के बाद मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुस्कुराते नजर आए। कुछ क्षण बाद उन्होंने हाथ के इशारे से मंत्री को संबोधन आगे बढ़ाने और कार्यक्रम को आगे ले जाने का संकेत भी दिया।

हालांकि यह कार्यक्रम दो दिन पहले आयोजित हुआ था, लेकिन मंत्री के भाषण की यह क्लिप अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच इस बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत

राजगढ़ जिले के सारंगपुर में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे।

मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही मंत्री गौतम टेटवाल ने उनका जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन की शुरुआत से ही उन्होंने मुख्यमंत्री की खुलकर प्रशंसा की और उन्हें अनेक विशेषणों से संबोधित किया।

कई विशेषणों से किया मुख्यमंत्री का सम्मान

अपने भाषण के दौरान गौतम टेटवाल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को जनप्रिय, लोकप्रिय, बहुमुखी प्रतिभा के धनी, इतिहासकार, ज्योतिषाचार्य, लेखक, साहित्यकार, खगोल और भूगोल के जानकार, पहलवानों के पहलवान तथा बाबा महाकाल का लाल बताया।

उन्होंने मंच से उपस्थित लोगों से मुख्यमंत्री के सम्मान में जोरदार तालियां बजाने की भी अपील की। मंत्री के लगातार प्रशंसात्मक शब्दों के बीच मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए दिखाई दिए।

मुख्यमंत्री को बताया प्रदेश का "भागीरथ"

भाषण के दौरान गौतम टेटवाल ने जल संरक्षण और जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को प्रदेश का "भागीरथ" बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल संरक्षण, सिंचाई और विकास के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं, जिनका लाभ प्रदेश के लाखों किसानों और आम लोगों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल स्रोतों के संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और मुख्यमंत्री स्वयं इन योजनाओं की निगरानी कर रहे हैं।

उज्जैन का प्रभारी मंत्री बनाए जाने का किया जिक्र

मंत्री गौतम टेटवाल ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें उज्जैन का प्रभारी मंत्री बनाए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि यह अवसर उन्हें कई जन्मों के पुण्य के कारण मिला है और इसके लिए वे मुख्यमंत्री के प्रति सदैव आभारी रहेंगे।

भावुक होकर दिया वायरल बयान

भाषण के दौरान मंत्री टेटवाल भावुक भी दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी विधानसभा के विकास के लिए अनेक योजनाएं स्वीकृत की हैं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी भरपूर सम्मान दिया है।

इसी क्रम में उन्होंने कहा—

"मुख्यमंत्री जी ने मुझे इतना दिया है कि मैं जीवनभर उसका ऋणी रहूंगा। अपने चमड़े के जूते बनाकर भी अगर आपको पहनाऊं, तब भी आपका कर्ज नहीं उतार पाऊंगा।"

यही वाक्य अब सोशल मीडिया पर सबसे अधिक साझा किया जा रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया भी चर्चा में

मंत्री के इस भावुक बयान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंच पर मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। कुछ देर तक उन्होंने मंत्री का भाषण सुना और फिर हल्के इशारे से उन्हें संबोधन समाप्त कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का संकेत दिया।

कार्यक्रम का यह पूरा दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

कुछ लोग इसे मुख्यमंत्री के प्रति मंत्री की व्यक्तिगत कृतज्ञता और सम्मान का भाव बता रहे हैं। उनका कहना है कि किसी वरिष्ठ नेता या मार्गदर्शक के प्रति आभार व्यक्त करना भारतीय राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रहा है।

वहीं दूसरी ओर कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस बयान को राजनीतिक प्रशंसा की पराकाष्ठा बताते हुए इसकी आलोचना भी की। कई लोगों ने इसे अत्यधिक चाटुकारिता करार दिया, जबकि कुछ ने इसे केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति बताया।

राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना बयान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर नेताओं द्वारा दिए गए ऐसे बयान अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं। सोशल मीडिया के दौर में किसी भी भाषण का छोटा सा अंश कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच जाता है और उस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगती हैं।

गौतम टेटवाल का यह बयान भी उसी श्रेणी में शामिल हो गया है। कार्यक्रम समाप्त होने के कई दिन बाद भी वीडियो लगातार शेयर किया जा रहा है और इस पर बहस जारी है।

जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन

जिस कार्यक्रम में यह बयान दिया गया, वह जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया था। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, तालाबों और जल स्रोतों के संरक्षण तथा लोगों में जल बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने की बात कही।

चर्चा का विषय बना एक वाक्य

हालांकि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और विकास कार्यों की समीक्षा था, लेकिन मंत्री गौतम टेटवाल का "चमड़े के जूते" वाला बयान पूरे कार्यक्रम पर भारी पड़ गया। अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक उसी एक पंक्ति की सबसे अधिक चर्चा हो रही है।

फिलहाल मंत्री या मुख्यमंत्री की ओर से इस वायरल वीडियो और उस पर हो रही चर्चाओं को लेकर कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना तय है कि मंत्री गौतम टेटवाल का यह बयान आने वाले दिनों तक राजनीतिक और सोशल मीडिया की चर्चाओं में बना रह सकता है।