छात्राओं को यूरिन मिला पानी पिलाने पर सियासत, घटना के विधानसभा क्षेत्र को लेकर आमने-सामने आए पूर्व मंत्री और विधायक
गुना के एक सरकारी स्कूल में पांचवीं के छात्र ने छात्रा की पानी की बोतल में पेशाब मिला दिया, जिसे अन्य छात्राओं ने पी लिया। इस घटना और प्राचार्य के बेतुके जवाब के बाद आक्रोशित स्वजनों और ग्रामीणों ने स्कूल में ताला लगाकर हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
गुना के आरोन इलाके में हुई छात्रों की पानी की बोतल में यूरिन भरने की बात ने बुधवार को राजनैतिक रूप ले लिया। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने इस घटना को राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र बताया, तो राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने भी पलटवार किया
गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन विकासखंड के एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय में छात्राओं को कथित तौर पर यूरिन मिला पानी पिलाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। घटना ने जहां स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं बुधवार को यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र भी बन गया। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने घटना को राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र का बताते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने तथ्य स्पष्ट करते हुए कहा कि ग्राम घटावदा गुना विधानसभा क्षेत्र में आता है, राघौगढ़ में नहीं।
मामले की शुरुआत सोमवार को हुई बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक आरोन विकासखंड के ग्राम घटावदा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांचवीं की छात्राएं पास ही स्थित आंगनवाड़ी में रंगोली बनाने गई थीं। इस दौरान छात्राओं ने अपने स्कूल बैग और पानी की बोतलें कक्षा में ही रख दी थीं। आरोप है कि इसी दौरान कक्षा के एक शरारती छात्र ने छात्राओं की पानी की बोतल में पेशाब मिला दिया।
रंगोली बनाने के बाद छात्राएं वापस कक्षा में लौटीं और अपनी-अपनी बोतलों से पानी पी लिया। पानी का स्वाद और गंध अलग लगने पर उन्हें किसी गड़बड़ी का संदेह हुआ। इसके बाद छात्राओं ने स्कूल की प्राचार्य से इसकी शिकायत की। आरोप है कि शिकायत को गंभीरता से लेने और तत्काल कार्रवाई करने के बजाय प्राचार्य ने छात्राओं से कथित तौर पर कहा कि यदि मुंह का स्वाद खराब हो गया है तो 10-10 रुपये वाली चॉकलेट खा लो।
प्राचार्य के इस कथित रवैये से छात्राओं और उनके परिजनों में नाराजगी और बढ़ गई। घर पहुंचने के बाद छात्राओं ने जब पूरी घटना अपने परिजनों को बताई तो परिवार के लोग आक्रोशित हो गए। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे और घटना के विरोध में प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को समझने के बजाय शुरुआत में इसे उचित तरीके से नहीं संभाला। आक्रोशित लोगों ने स्कूल में ताला लगा दिया और दोषी छात्र के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही प्राचार्य की भूमिका की जांच तथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। स्थिति बिगड़ने की सूचना प्रशासन को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन एसडीएम मंजूषा खत्री ने तत्काल अधिकारियों को मौके पर भेजा। उनके निर्देश पर तहसीलदार कृष्णकांत चौबे और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
बाद में सरपंच के साथ दो छात्राओं को एसडीएम के समक्ष भी लाया गया। एसडीएम ने छात्राओं से घटना के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और आरोपी बताए जा रहे छात्रों के बयान दर्ज किए। प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
एसडीएम मंजूषा खत्री ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि जांच रिपोर्ट आगामी दो दिनों में प्रस्तुत करने को कहा गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की पूरी स्थिति और जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।
इस मामले में सबसे गंभीर सवाल स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और शिकायतों के तत्काल समाधान को लेकर उठ रहे हैं। यदि छात्राओं के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह न केवल बच्चों के साथ बेहद गंभीर अमानवीय व्यवहार का मामला होगा, बल्कि स्कूल प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करेगा। वहीं, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बुधवार को मामले में आया राजनीतिक मोड़
घटना को लेकर बुधवार को राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना को राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के आरोन विकासखंड के ग्राम घटावदा से जोड़ते हुए इसे अक्षम्य अपराध बताया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना को गंभीरता से लिया जाए और जिन लोगों ने कथित तौर पर मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पूर्व मंत्री की पोस्ट के बाद राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि घटना गंभीर और निंदनीय है तथा बच्चों के साथ हुई ऐसी अमानवीय घटना पर किसी भी प्रकार का पर्दा डालने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। हालांकि उन्होंने घटना के विधानसभा क्षेत्र को लेकर तथ्य स्पष्ट किए।
जयवर्धन सिंह ने कहा कि ग्राम घटावदा, जहां यह घटना सामने आई है, आरोन विकासखंड में जरूर है, लेकिन यह गुना विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र का नहीं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामले पर राजनीति करने के बजाय सही तथ्य सामने रखे जाने चाहिए और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग होनी चाहिए।
विधायक ने यह भी कहा कि अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के अनुसार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि बच्चों से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जांच और कार्रवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बताया गया है कि विधायक की प्रतिक्रिया के बाद पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सुधार करते हुए घटना के विधानसभा क्षेत्र से संबंधित जानकारी को संशोधित कर दिया।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है। अधिकारियों ने छात्राओं, उनके परिजनों और संबंधित छात्रों के बयान लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना वास्तव में किस तरह हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और स्कूल प्रबंधन की भूमिका क्या रही।
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, स्कूल प्रबंधन की संवेदनशीलता और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्राओं के परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
प्रशासन की ओर से फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस