बारिश में हादसे का खतरा! निर्माणाधीन नाला पुल में मिलीं गंभीर खामियां, सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी पर एसडीएम ज्योति सिंह ने ठेकेदार को लगाई फटकार

उरई में निर्माणाधीन नाला पुल और रपटे की जांच: सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही पर एसडीएम ज्योति सिंह नाराज, ठेकेदार को एक सप्ताह में खामियां दूर करने के निर्देश

बारिश में हादसे का खतरा! निर्माणाधीन नाला पुल में मिलीं गंभीर खामियां, सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी पर एसडीएम ज्योति सिंह ने ठेकेदार को लगाई फटकार

बारिश से पहले निर्माण कार्यों की जांच: नाला पुल और रपटे में मिलीं खामियां, एसडीएम ज्योति सिंह ने ठेकेदार को लगाई फटकार

उरई। बरसात के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने जिले में निर्माणाधीन पुल-पुलियों और जल निकासी से जुड़े कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में सदर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योति सिंह ने रगोली गांव पहुंचकर निर्माणाधीन नाला पुल और नून नदी पर बने रपटे का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई।

एसडीएम ज्योति सिंह ने शुक्रवार को रगोली गांव में प्रस्तावित नाला पुल निर्माण कार्य का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों, बैरीकेटिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि पुल के दोनों ओर की गई बैरीकेटिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी। पतले बांस से की गई बैरीकेटिंग केवल औपचारिकता निभाने जैसी दिखाई दी।

एसडीएम ने पाया कि निर्माण स्थल पर राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए थे। बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। संकेतक बोर्ड और सावधानी संबंधी सूचना पट्ट नहीं होने पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए ठेकेदार को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य केवल गुणवत्ता के साथ ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी किया जाना चाहिए। किसी भी लापरवाही से जनहानि की स्थिति बन सकती है, जिसे प्रशासन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को लेकर एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग के तीनों खंडों के अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कराया जाए और इसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।

इसके बाद एसडीएम ज्योति सिंह ने नून नदी पर बने रपटे का भी निरीक्षण किया। यहां भी उन्हें कुछ छोटी-बड़ी कमियां नजर आईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन्हें शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि बरसात के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से पूरे कर लिए जाएं।

उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद वह दोबारा मौके पर जाकर निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की स्थिति की जांच करेंगी। यदि दोबारा निरीक्षण में लापरवाही या अव्यवस्था मिली तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

प्रशासन के इस निरीक्षण से निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों और ठेकेदारों में सतर्कता बढ़ गई है। बारिश के मौसम में जलभराव, सड़क क्षति और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन लगातार ऐसे निर्माण स्थलों की निगरानी कर रहा है, ताकि आम लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।