वृक्षारोपण महायज्ञ की तैयारियों पर सख्त मंत्री संजय सिंह गंगवार: बोले- लक्ष्य के अनुरूप पूरी करें तैयारी, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बनाएं जनआंदोलन

उरई में 12 जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को जनआंदोलन बनाया जाए तथा पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण, जियो टैगिंग और नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। बैठक के बाद मंत्री ने पांच प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

वृक्षारोपण महायज्ञ की तैयारियों पर सख्त मंत्री संजय सिंह गंगवार: बोले- लक्ष्य के अनुरूप पूरी करें तैयारी, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बनाएं जनआंदोलन

12 जुलाई के वृक्षारोपण महायज्ञ की तैयारियों की समीक्षा: मंत्री संजय सिंह गंगवार बोले- लक्ष्य के अनुरूप समय पर पूरी हों सभी तैयारियां

उरई। 12 जुलाई को आयोजित होने वाले वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस अभियान को जनभागीदारी का महाअभियान बनाया जाए और प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी सुनिश्चित करे।

बैठक में विभागवार तैयारियों, माइक्रोप्लान, पौध उपलब्धता, गड्ढा खुदान, रोपण स्थलों के चयन, पौध उठान, वीआईपी वृक्षारोपण स्थल तथा विभागीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में तैयार माइक्रोप्लान के अनुसार पौधरोपण कराया जाए तथा प्रत्येक पौधे के संरक्षण की पहले से प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा, जियो टैगिंग और सतत निगरानी भी सुनिश्चित की जाए ताकि पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत अधिकतम हो। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

राज्य मंत्री ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी तथा आम नागरिक अपने परिवार के साथ अपनी मां के नाम एक पौधा अवश्य लगाएं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संगठनों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा के दौरान विभागवार लक्ष्य एवं प्रगति का आकलन करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन विभागों में तैयारियां अभी शेष हैं, वे तत्काल उन्हें पूरा करें। वृक्षारोपण के लिए चिन्हित स्थलों पर अग्रिम मृदा कार्य, गड्ढा खुदान तथा अन्य व्यवस्थाएं अभियान से पहले पूरी कर ली जाएं ताकि 12 जुलाई को किसी प्रकार की बाधा न आए।

बैठक में पौधशालाओं में उपलब्ध पौधों की गुणवत्ता और ऊंचाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रोपण स्थल के अनुरूप उपयुक्त प्रजातियों का चयन किया जाए तथा पौधों के परिवहन और रोपण के दौरान सभी तकनीकी मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह अभियान जनपद जालौन को प्रदेश में उत्कृष्ट स्थान दिलाने का माध्यम बनेगा।

समीक्षा बैठक में माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के बाद राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक मूलचंद निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान तथा प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से वन विभाग के पांच प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ये प्रचार वाहन जनपद की सभी तहसीलों—उरई, जालौन, कालपी, कोंच और माधौगढ़—में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। प्रचार वाहनों के माध्यम से "एक पेड़ मां के नाम" तथा "आम बहार आपके द्वार" थीम पर पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और पौधों की सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

वाहनों से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े गीत, नारे और स्लोगन प्रसारित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लोगों को 12 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान आमजन से अपील की गई कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वयं निभाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान स्थायी और सफल बन सके।