BJP विधायक प्रीतम लोधी का बड़ा आरोप: ‘विरोधी महिलाओं को भेजकर रेप केस में फंसाने की साजिश रच रहे’, वीडियो बनाकर धारा 376 में केस कराने का दावा
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि विरोधी उन्हें फंसाने के लिए डाक बंगले में महिलाएं भेजते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से भी ऐसी साजिशों से सतर्क रहने की अपील की है।
शिवपुरी के खनियांधाना में आयोजित सभा के दौरान पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के महिलाओं को लेकर कथित बयान का वीडियो वायरल हो रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग महिलाओं को उनके पास भेजकर उन्हें फंसाने की कोशिश करते हैं
शिवपुरी/पिछोर। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से BJP विधायक प्रीतम लोधी ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विधायक ने दावा किया है कि उनके विरोधी उन्हें दुष्कर्म के मामले में फंसाने की साजिश कर रहे हैं। इसके लिए कथित तौर पर महिलाओं को उनके पास भेजा जाता है और उनसे बहस या विवाद कराने की कोशिश की जाती है। विधायक का आरोप है कि इस पूरी बातचीत या विवाद का मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है, जिसे बाद में उनके खिलाफ इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है।
प्रीतम लोधी ने यह आरोप 20 अगस्त को आयोजित एक सभा में लगाए। खनियाधाना में अहिल्याबाई की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में पाल-बघेल समाज की ओर से आक्रोश आंदोलन आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में विधायक शामिल हुए और समाज को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने विरोधियों पर कथित साजिश के आरोप लगाए।
‘महिलाओं को भेजकर मुझसे बहस कराने की कोशिश होती है’
सभा को संबोधित करते हुए विधायक प्रीतम लोधी ने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधी सीधे उनके सामने नहीं आते, बल्कि कथित तौर पर महिलाओं को उनके पास भेजते हैं। उनका दावा है कि इन महिलाओं को इस तरह बातचीत करने या बहस करने के लिए उकसाया जाता है, जिससे वह प्रतिक्रिया दें और विवाद की स्थिति पैदा हो।
विधायक के मुताबिक, इसके बाद उसी बातचीत का वीडियो उनके खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी रणनीति का उद्देश्य उन्हें विवाद में उलझाकर बाद में दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप में फंसाना है।
हालांकि, विधायक की ओर से लगाए गए इन आरोपों के संबंध में किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। यह फिलहाल विधायक का आरोप है।
मोबाइल लेकर खड़ा रहता है एक व्यक्ति, रिकॉर्डिंग का आरोप
प्रीतम लोधी ने दावा किया कि उनके पास आने वाली महिलाओं के साथ कई बार एक व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर आसपास मौजूद रहता है। विधायक के अनुसार, यह व्यक्ति कथित तौर पर बातचीत या विवाद की वीडियो रिकॉर्डिंग करता है।
उन्होंने कहा कि कुछ महिलाओं के व्यवहार और उनके साथ मौजूद लोगों की गतिविधियों से उन्हें कथित साजिश का अंदेशा हुआ। विधायक ने आरोप लगाया कि पहले बातचीत को विवाद में बदलने की कोशिश की जाती है और फिर वीडियो के जरिए पूरे घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की योजना बनाई जाती है।
विधायक ने इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि उन्हें इस तरह के प्रयासों से सावधान रहने की जरूरत है।
‘धारा 376 में फंसाने की साजिश’ का दावा
अपने संबोधन में विधायक ने आरोप लगाया कि विरोधियों का कथित उद्देश्य उन्हें दुष्कर्म के मामले में फंसाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के जरिए पहले उन्हें बहकाने या विवाद में उलझाने की कोशिश की जाती है और उसके बाद रिकॉर्ड किए गए वीडियो को आधार बनाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने का प्रयास किया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 376 का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इसी तरह के गंभीर मामले में फंसाने की साजिश की जा रही है।
विधायक के इन आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को तेज कर दिया है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता और उनके पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
बेटे राकेश लोधी को लेकर भी जताई चिंता
प्रीतम लोधी ने अपने बेटे राकेश लोधी का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधी कथित तौर पर उनके बेटे को भी इसी तरह के विवाद में फंसाने की कोशिश कर सकते हैं।
विधायक ने अपने बेटे को सतर्क रहने की सलाह दी। उनका कहना था कि राजनीतिक विरोध के चलते इस तरह की परिस्थितियां पैदा की जा सकती हैं, इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति से बातचीत या विवाद की स्थिति में सावधानी बरतना जरूरी है।
विधायक ने यह भी दावा किया कि पिछोर के डाकबंगले में पहुंची एक महिला ने कथित तौर पर उन्हें इस तरह की साजिश के बारे में खुद जानकारी दी थी। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
डाकबंगले का किया जिक्र
विधायक ने अपने आरोपों में पिछोर के डाकबंगले का भी उल्लेख किया। उनका दावा है कि कथित तौर पर कुछ महिलाओं को वहीं से या वहां मिलने के बहाने उनके पास भेजने की कोशिश की जाती है।
लोधी के मुताबिक, उन्हें ऐसी स्थिति में जानबूझकर उलझाने की कोशिश की जाती है, जिससे बातचीत रिकॉर्ड हो सके और बाद में उसे राजनीतिक या कानूनी रूप से उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सके।
उन्होंने अपने समर्थकों और समाज के लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की।
अहिल्याबाई की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद हुआ आंदोलन
दरअसल, 14 अगस्त की रात खनियाधाना में अहिल्याबाई की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद पाल-बघेल समाज में नाराजगी है। घटना के विरोध में समाज की ओर से 20 अगस्त को आक्रोश आंदोलन आयोजित किया गया।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में समाज के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। विधायक प्रीतम लोधी भी कार्यक्रम में पहुंचे और मंच से समाज को संबोधित किया।
इसी संबोधन के दौरान उन्होंने प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के मुद्दे के साथ-साथ अपने राजनीतिक विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाए।
विधायक के आरोपों पर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण
प्रीतम लोधी के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ कथित तौर पर वीडियो बनाकर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही उन्होंने अपने बेटे को भी ऐसी किसी कथित साजिश से सावधान रहने को कहा है।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर अभी तक किसी आरोपी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आया है और न ही यह स्पष्ट है कि विधायक ने इन कथित घटनाओं के संबंध में पुलिस को कोई लिखित शिकायत दी है या नहीं।
ऐसे में मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से यदि कोई जांच, शिकायत या आधिकारिक बयान सामने आता है, तो आरोपों की वास्तविक स्थिति और तथ्यों की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल विधायक के बयान ने पिछोर की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर अहिल्याबाई की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने को लेकर समाज में आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर विधायक द्वारा अपने विरोधियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस