ग्राम विरासनी में सीढ़ी की स्लैब गिरने से तीन घायल, गंभीर रूप से घायल मासूम झांसी रेफर; दैवीय आपदा मद से मिलेगी अनुमन्य सहायता: उप जिलाधिकारी
जालौन के ग्राम विरासनी में एक मकान की सीढ़ी की स्लैब अचानक गिरने से तीन लोग घायल हो गए। हादसे में 6 वर्षीय प्रिया के सिर में गंभीर चोट आई, जिसे बेहतर इलाज के लिए झांसी रेफर किया गया। वहीं जिया (28) और सरस्वती (30) को सामान्य चोटें आई हैं और उनका इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में जारी है। सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल मौके पर पहुंचे, घायलों का हाल जाना और अधिकारियों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन के प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा मद से अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सीढ़ी की स्लैब गिरने से मची अफरा-तफरी, तीन लोग घायल
6 वर्षीय मासूम प्रिया के सिर में गंभीर चोट, झांसी किया गया रेफर
दो अन्य घायलों का राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में चल रहा उपचार
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल
उरई। जनपद जालौन के ग्राम विरासनी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा उस समय हो गया, जब एक मकान की जीने (सीढ़ी) की स्लैब अचानक भरभराकर गिर गई। इस अप्रत्याशित घटना में एक छह वर्षीय मासूम बच्ची सहित तीन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को मलबे से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी सक्रिय हो गया और उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अधिकारियों को राहत एवं उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार हादसे में प्रिया पुत्री अनिल कुमार (6 वर्ष) के सिर में गंभीर चोट आई है। उसकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई से झांसी रेफर कर दिया। वहीं जिया पत्नी अनिल कुमार (28 वर्ष) तथा सरस्वती पत्नी शिवम कुमार (30 वर्ष) को सामान्य चोटें आई हैं। दोनों घायलों का उपचार राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति सामान्य एवं स्थिर बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। स्लैब गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल भेजा। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका।
सूचना प्राप्त होते ही उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल प्रशासनिक टीम के साथ ग्राम विरासनी पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
उप जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यदि बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता हो तो तत्काल आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों को घटना की रिपोर्ट तैयार करने और आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए।
हेमन्त पटेल ने बताया कि शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार यदि यह घटना दैवीय आपदा मद के अंतर्गत सहायता के लिए पात्र पाई जाती है, तो पीड़ित परिवार को अनुमन्य आर्थिक सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ मामले की निगरानी कर रहा है और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
हादसे के बाद गांव में लोगों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए पुराने एवं जर्जर मकानों की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में कमजोर भवनों और पुरानी संरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर भवनों का निरीक्षण कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी, समय पर रखरखाव न होना तथा पुराने भवनों की जर्जर स्थिति इस प्रकार की दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन सकती है। ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और किसी भी प्रकार की दरार या कमजोरी दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने की आवश्यकता है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायल बच्ची का बेहतर उपचार सुनिश्चित करना और अन्य दोनों घायलों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना है। चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी घायलों के उपचार की नियमित निगरानी कर रहे हैं। वहीं राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारी घटना से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं ताकि शासन से मिलने वाली सहायता समय पर पीड़ित परिवार तक पहुंच सके।
ग्राम विरासनी की इस घटना ने एक बार फिर भवनों की सुरक्षा और समय पर रखरखाव की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी मकान की दीवार, छत या सीढ़ी में दरार अथवा कमजोरी दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें और आवश्यक मरम्मत अवश्य कराएं। प्रशासन का कहना है कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस