रिश्वतखोरी मामले में CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन: कटनी CSP नेहा पच्चीसिया समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी सस्पेंड, जमीन सौदे और हत्या की जांच में लापरवाही के आरोप

कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर जमीन धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने उनके कार्यालय को सील कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

रिश्वतखोरी मामले में CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन: कटनी CSP नेहा पच्चीसिया समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी सस्पेंड, जमीन सौदे और हत्या की जांच में लापरवाही के आरोप

सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर हत्या के एक आरोपी को बचाने के लिए जमीन का सौदा करने से जुड़ा है. पुलिस अधिकारी पर आरोप लगा है कि हत्या के एक नामजद आरोपी रमेश लोधी को केस में बचाने के लिए उसकी जमीन का औने-पौने दामों में सौदा कराया. जमीन आरोपी रमेश लोधी के नाम दर्ज थी, लेकिन पुलिस अधिकारी ने उस पर दबाव बनाकर कीमती जमीन को औने-पौने दामों पर दूसरे के नाम ट्रांसफर करा दी.

भोपाल/कटनी। रिश्वतखोरी, जमीन सौदे में कथित गड़बड़ी और हत्या के मामले में जांच में लापरवाही के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया समेत करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

कटनी में CSP नेहा पच्चीसिया पर 1.07 करोड़ रुपये के कथित जमीन सौदे में अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के मुताबिक, कन्हवारा गांव की जमीन का सौदा करीब 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में कराए जाने का आरोप है। मामले में CSP समेत तीन लोगों के खिलाफ कुठला थाने में FIR भी दर्ज की गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन मालिक को दबाव में लेकर रजिस्ट्री कराई गई और सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया। वहीं, जेल में रहने के दौरान जमीन का नामांतरण खरीदार के पक्ष में कराने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन, रजिस्ट्री और नामांतरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

इसके अलावा CSP की भूमिका हत्या के एक मामले की जांच में लापरवाही को लेकर भी जांच के दायरे में रही है। समय पर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने के मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की गई थी।

इससे पहले वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपये की कथित वसूली के आरोप भी CSP पर लगे थे। अब नए मामले में कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ने जांच निष्पक्ष तरीके से कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, FIR और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।