CM मोहन यादव की बड़ी सौगात: भोपाल में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी के कल्याण का बनेगा आधार

स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क के तहत 25 एकड़ में विश्वस्तरीय कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर भी बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 10 हजार से ज्यादा लोगों की होगी।

CM मोहन यादव की बड़ी सौगात: भोपाल में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी के कल्याण का बनेगा आधार

25 एकड़ में 10 हजार क्षमता वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर तैयार होगा, जिससे भोपाल मध्य भारत का प्रमुख MICE हब बनेगा 

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के सतगढ़ी क्षेत्र में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन कर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश को नई गति देने वाला केंद्र बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है और यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को यह ऐतिहासिक सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी देश के पहले उद्योग मंत्री थे और उनके नाम पर बनने वाला यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क औद्योगिक विकास के नए युग की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को विकास की योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि गारमेंट और टेक्सटाइल उद्योगों के विस्तार से कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार तक मजबूत व्यवस्था विकसित कर रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और उद्योगों को आवश्यक कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क के विकसित होने से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। प्रदेश सरकार रोजगार आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और युवाओं को बेहतर भविष्य मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल अब केवल झीलों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक औद्योगिक विकास के लिए भी पहचाना जाएगा।

मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगातार बड़े निवेश आ रहे हैं। अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। इससे औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही अन्य औद्योगिक परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में शिवपुरी में लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये की लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक इकाई का भूमि-पूजन किया गया है। मुरैना में सोलर सेक्टर की बड़ी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जबकि गुना में लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से सीमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि शिवपुरी में बनने वाली रक्षा उत्पादन इकाई में आधुनिक मिसाइलों का निर्माण होगा, जिनकी मारक क्षमता लगभग 1000 किलोमीटर तक होगी। इससे देश की रक्षा क्षमता मजबूत होगी और मध्यप्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह पार्क राजा भोज विमानतल से लगभग 25 किलोमीटर तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा भोपाल का प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिससे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और लॉजिस्टिक लागत कम होगी।

उन्होंने कहा कि सतगढ़ी में 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जाएगा। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा, जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापारिक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां और विभिन्न बड़े आयोजन आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल की पहचान एक प्रमुख व्यावसायिक और निवेश केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने छोटे और मझोले उद्योगों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उद्योगों की लंबित देनदारियों का समाधान किया गया है और बिजली, पानी, सड़क तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है, ताकि अधिक से अधिक निवेशक मध्यप्रदेश में अपने उद्योग स्थापित करें।

कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों की सराहना की। इस अवसर पर सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल ने सतगढ़ी क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश का औद्योगिक विकास और तेज होगा।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। पारदर्शी शासन, बेहतर आधारभूत संरचना, निवेशकों के अनुकूल नीतियां और कुशल मानव संसाधन राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क आने वाले वर्षों में प्रदेश की औद्योगिक पहचान बनेगा और किसानों, युवाओं, महिलाओं तथा गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।