एमपी में कांग्रेस का बड़ा दांव: Gen-Z को साधने निकलेगी साइकिल रैली, 'छात्रों की गूंज' आंदोलन से भाजपा सरकार पर हमला

इंदौर से भोपाल तक 14-15 जुलाई को जेन-Z की साइकिल रैली, मोहन यादव पर लगाया सीएम पद पर रहते परिवार को लाभ पहुंचाने का आरोप.

एमपी में कांग्रेस का बड़ा दांव: Gen-Z को साधने निकलेगी साइकिल रैली, 'छात्रों की गूंज' आंदोलन से भाजपा सरकार पर हमला

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने उज्जैन भूमि प्रकरण, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ चरणबद्ध जनआंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा ने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरेगी।

एमपी में कांग्रेस का बड़ा दांव: Gen-Z को साधने निकलेगी साइकिल रैली, 'छात्रों की गूंज' आंदोलन से भाजपा सरकार पर हमला

14-15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक निकलेगी युवा साइकिल रैली, छात्र-युवा, किसान और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

मध्य प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा सत्र से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ बड़े जनआंदोलन का ऐलान किया है। इस अभियान का केंद्र छात्र, युवा, किसान और भ्रष्टाचार के मुद्दे होंगे। कांग्रेस ने विशेष रूप से जेनरेशन-Z (Gen-Z) यानी युवाओं को जोड़ने की रणनीति तैयार की है। इसी के तहत 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक साइकिल रैली निकाली जाएगी, जिसे 'छात्रों की गूंज' आंदोलन का हिस्सा बताया गया है।

कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में छात्रों और युवाओं के सामने रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़े गंभीर संकट हैं। किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि भ्रष्टाचार ने सरकारी व्यवस्था को प्रभावित किया है। इन मुद्दों को लेकर पार्टी अब सड़क से लेकर विधानसभा तक सरकार को घेरने की तैयारी में है।

महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छात्रों, युवाओं और किसानों की स्थिति चिंताजनक है और आम जनता भ्रष्टाचार से परेशान है। इसलिए कांग्रेस इन सभी मुद्दों को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है।

उन्होंने बताया कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से कांग्रेस सीधे कॉलेजों और युवाओं के बीच पहुंचेगी। इसके तहत इंदौर से भोपाल तक दो दिवसीय साइकिल यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे। पार्टी का दावा है कि इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और शिक्षा, रोजगार तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।

कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सड़क पर प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि विधानसभा के मानसून सत्र में भी सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे। विपक्ष विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच नहीं पाएगी।

इसी दौरान शोभा ओझा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री रहते हुए उनके परिवार के लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक निश्चित अवधि में एक विशेष क्षेत्र में जमीनों की खरीदारी की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

इसके अलावा कांग्रेस ने उज्जैन के मंदिरों और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों को भी अपने आंदोलन का हिस्सा बनाया है। पार्टी का कहना है कि धार्मिक स्थलों के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी।

मीडिया ने जब राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान से जुड़े मामले में कोर्ट में माफी मांगने को लेकर सवाल किया, तब शोभा ओझा ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से कार्तिकेय का नाम भूलवश लिया गया था और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि युवाओं और छात्रों के बीच बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं, किसानों की आर्थिक परेशानियां और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे जनता के बीच प्रमुख चिंता का विषय हैं। इसी कारण पार्टी इन सभी विषयों को एक साथ जोड़कर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करना चाहती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की यह रणनीति आगामी विधानसभा सत्र और भविष्य की चुनावी राजनीति को ध्यान में रखकर बनाई गई है। खासकर Gen-Z मतदाताओं को जोड़ने का प्रयास कांग्रेस की नई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। साइकिल रैली के माध्यम से पार्टी युवाओं के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह आंदोलन प्रदेश की राजनीति में कितना असर छोड़ता है और भाजपा सरकार इन आरोपों तथा आंदोलनों का किस तरह जवाब देती है। फिलहाल इतना तय है कि विधानसभा सत्र से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा चुकी है।