जीतू पटवारी का भाजपा पर बड़ा हमला: बोले- सत्ता में ‘इंजन-डिब्बे’ की लड़ाई, जनता भुगत रही खींचतान का खामियाजा
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव और भाजपा पर साधा निशाना। इंजन-डिब्बे की लड़ाई, शिक्षा व्यवस्था और महंगाई को लेकर दी चेतावनी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर अंदरूनी खींचतान, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, शराब और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा की स्थिति को इंजन-डिब्बे की लड़ाई बताया। पटवारी ने स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए अभियान और साइकिल यात्रा की चेतावनी देते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के मंत्रियों व नेताओं के बीच कथित खींचतान को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पटवारी ने भाजपा के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष की तुलना ट्रेन के इंजन और डिब्बों की लड़ाई से करते हुए कहा कि इस खींचतान का खामियाजा भाजपा नेताओं के साथ-साथ प्रदेश की जनता को भी भुगतना पड़ रहा है।
पटवारी ने कहा कि भाजपा में ऊपर से लेकर नीचे तक सत्ता को लेकर संघर्ष दिखाई दे रहा है। उनका आरोप है कि भाजपा के कई बड़े नेता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ अपनी शिकायतें लेकर दिल्ली जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री लगातार मंत्रिमंडल में बदलाव की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ऐसी ट्रेन बन गई है, जिसमें डिब्बे कह रहे हैं कि इंजन हटा दो और इंजन कह रहा है कि डिब्बे बदल दूंगा। पटवारी के मुताबिक, इस लड़ाई में सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हो रही है जो इस ट्रेन में बैठे हैं और वे यात्री प्रदेश की जनता हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान का असर शासन और जनहित के कामों पर पड़ रहा है।
दतिया में सरकारी आवास खाली कराने पर सवाल
दतिया में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के सरकारी आवास खाली कराने के मामले को लेकर भी पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नरोत्तम मिश्रा से इतनी ही नाराज है और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो भोपाल में नरोत्तम मिश्रा के सरकारी आवास को लेकर भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पटवारी ने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई का आधार सरकारी आवास का नियम है तो नियम सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने दतिया की कार्रवाई को भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़ते हुए सरकार से पारदर्शिता बरतने की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को आठ दिन का अल्टीमेटम
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब स्कूलों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम चलाया जाएगा।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के विधायक से लेकर पंचायत कांग्रेस के अध्यक्ष तक स्कूलों में पहुंचेंगे और वहां उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेंगे। पंचायत स्तर पर स्कूलों की स्थिति सोशल मीडिया के माध्यम से सामने रखी जाएगी और संबंधित पोस्ट में मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को टैग किया जाएगा।
उन्होंने सरकार को आठ दिन का समय देते हुए कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं तो कांग्रेस सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा की स्थिति पर प्रदेश में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठाकर स्वतंत्र और गंभीर संवाद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस का राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि प्रदेश के लाखों बच्चों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।
‘सवाल पूछने वालों पर कार्रवाई करती है सरकार’
पटवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब सरकार से सवाल करती है तो सरकार जवाब देने के बजाय सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है और सरकार को उन सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को दबाया नहीं जा सकता। यदि बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं रहेगा तो देश का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
पूरे प्रदेश में साइक्लोथॉन का ऐलान
पटवारी ने कहा कि यदि सरकार कांग्रेस की मांगों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को गंभीरता से नहीं लेती है तो पार्टी प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाएगी। इसके तहत संभाग स्तर पर साइकिल यात्राएं यानी साइक्लोथॉन आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल सरकार की आलोचना करना नहीं है, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को काम करने के लिए मजबूर करना है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कांग्रेस लगातार जनता के बीच जाएगी और स्कूलों की जमीनी स्थिति सामने रखेगी।
मंदिरों के चढ़ावे को लेकर भी सरकार पर निशाना
मंदिरों में चढ़ावे की चोरी के आरोपों को लेकर भी पटवारी ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अलग से कार्यक्रम जारी करेगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में भी सरकार की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस को भी निशाने पर लिया और कहा कि कांग्रेस जनता की आस्था से जुड़े मामलों को लेकर आवाज उठाएगी।
महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला
पटवारी ने महंगाई को देश की बड़ी समस्याओं में से एक बताते हुए खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि शक्कर के दाम में एक साथ करीब 16 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा खाद्य तेलों की कीमतों में भी लगातार इजाफा होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सूरजमुखी, पाम, सोयाबीन, सरसों और मूंगफली के तेल के दामों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का असर सीधे आम आदमी की रसोई पर पड़ रहा है। पटवारी ने दलहन की बढ़ती कीमतों का भी मुद्दा उठाते हुए सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
सांची दूध के दाम बढ़ने पर सवाल
पटवारी ने सांची दूध की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सांची और अमूल का जिक्र करते हुए कहा कि सांची को एनडीडीबी को सौंपे जाने के बाद दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु महंगी होने का सीधा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है।
उन्होंने सरकार से दूध और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
शराब के मुद्दे पर बड़ा अभियान चलाने की तैयारी
पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मैहर में शराबबंदी को लेकर दिए गए बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ धार्मिक नगरी से शराब बंद करने की बात कही जा रही है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश में घर तक शराब पहुंचने की व्यवस्था बनने के आरोप सामने आ रहे हैं।
उन्होंने लाड़ली बहना योजना और शराब के मुद्दे को भी जोड़ते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस शराब के मुद्दे पर प्रदेशभर में बड़ा अभियान चलाएगी और जनता के बीच सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।
भाजपा नेताओं के बयानों पर भी कांग्रेस का हमला
पटवारी ने भाजपा नेता पन्नालाल शाक्य समेत अन्य नेताओं के महिलाओं को लेकर दिए गए बयानों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर स्थानीय स्तर तक महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में एक जैसी सोच दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी। पटवारी ने कहा कि महिलाओं से जुड़े किसी भी मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
‘नो नैरेटिव, निगेटिव’ के बजाय जनहित पर फोकस का दावा
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का अभियान केवल सरकार के खिलाफ नकारात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने इसे ‘नो नैरेटिव, निगेटिव’ की तर्ज पर चलाने की बात कही। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार की कमियों को सामने लाने के साथ-साथ जनहित के मुद्दों के समाधान के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने को भी तैयार है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, महंगाई, शराब, महिला सम्मान और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों पर कांग्रेस लगातार सरकार को घेरती रहेगी। साथ ही जहां सरकार जनहित में सही कदम उठाएगी, वहां कांग्रेस सहयोग भी करेगी।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता ने सरकार को काम करने का अवसर दिया है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आपसी राजनीतिक खींचतान से ऊपर उठकर जनता के हित में निर्णय ले। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के भीतर चल रहा सत्ता संघर्ष यदि इसी तरह जारी रहा तो इसका असर प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों पर पड़ेगा। कांग्रेस अब इन मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर विधानसभा तक सरकार से जवाब मांगेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस