छात्रसंघ चुनाव के लिए कांग्रेस ने 13 क्षेत्र प्रभारी नियुक्त किए:भोपाल में प्रकाश चौकसे, इंदौर में अमन बजाज बनाएंगे स्टूडेंट पॉलिटिक्स की रणनीति

मध्यप्रदेश में आगामी छात्रसंघ चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अलग-अलग जिलों और संभागों के लिए 13 चुनाव प्रभारी नियुक्त किए हैं।

छात्रसंघ चुनाव के लिए कांग्रेस ने 13 क्षेत्र प्रभारी नियुक्त किए:भोपाल में प्रकाश चौकसे, इंदौर में अमन बजाज बनाएंगे स्टूडेंट पॉलिटिक्स की रणनीति

मध्य प्रदेश में करीब नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने 2026-27 के अकादमिक कैलेंडर में सितंबर में प्रदेश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने का प्रावधान किया है। हालांकि, चुनाव प्रत्यक्ष होंगे या अप्रत्यक्ष, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी छात्रसंघ चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने छात्र राजनीति में सक्रियता बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित रूप देने के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों एवं संभागों को 13 समूहों में बांटकर क्षेत्र प्रभारियों की नियुक्ति की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले ने इन नियुक्तियों से संबंधित आदेश जारी किए हैं।

कांग्रेस की ओर से जारी पत्र के अनुसार, नवनियुक्त क्षेत्र प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों को गति देने के साथ ही छात्रों और छात्र संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी का फोकस जिला स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और छात्र राजनीति से जुड़े युवाओं को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने पर रहेगा।

भोपाल और इंदौर समेत प्रमुख शहरों की जिम्मेदारी तय

छात्रसंघ चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भी कांग्रेस ने अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति की है। भोपाल की जिम्मेदारी प्रकाश चौकसे को सौंपी गई है, जबकि इंदौर में अमन बजाज छात्र राजनीति से जुड़े संगठनात्मक कामकाज को देखेंगे। वहीं ग्वालियर की जिम्मेदारी हेवरन कसाना को दी गई है।

कांग्रेस ने इन नियुक्तियों के जरिए बड़े शैक्षणिक केंद्रों में छात्र राजनीति को लेकर अपनी तैयारियों को मजबूत करने का प्रयास किया है। भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में बड़ी संख्या में कॉलेज और विश्वविद्यालय होने के कारण छात्रसंघ चुनाव के दौरान इन क्षेत्रों की भूमिका अहम मानी जाती है।

विंध्य और बुंदेलखंड में भी प्रभारियों की तैनाती

रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर जिलों की जिम्मेदारी मंजुल त्रिपाठी को दी गई है। वहीं सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों का संगठनात्मक दायित्व अक्षय दुबे संभालेंगे।

इन क्षेत्रों में कॉलेज स्तर पर छात्र संगठनों के बीच गतिविधियां बढ़ने की संभावना को देखते हुए कांग्रेस ने क्षेत्रीय स्तर पर जिम्मेदारी तय की है। पार्टी का उद्देश्य चुनाव की घोषणा से पहले ही स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक नेटवर्क को सक्रिय करना बताया जा रहा है।

शहडोल से जबलपुर तक जिम्मेदारियां तय

कांग्रेस ने शहडोल संभाग के जिलों के लिए भी प्रभारी नियुक्त किए हैं। अजय यादव को शहडोल, उमरिया और अनूपपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जिलों का दायित्व विजय रजक को सौंपा गया है। यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से बड़ा होने के साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और कॉलेजों की संख्या के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

नर्मदापुरम और आसपास के जिलों की जिम्मेदारी मयूर जायसवाल को

मयूर जायसवाल को नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिलों का प्रभारी बनाया गया है। इन जिलों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों और छात्रों से संपर्क बढ़ाने का काम उनके जिम्मे रहेगा।

वहीं चंबल क्षेत्र के भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों की जिम्मेदारी सचिन त्रिवेदी को सौंपी गई है। पार्टी इन क्षेत्रों में छात्र संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर देगी।

मालवा-निमाड़ में भी संगठन ने तय की जिम्मेदारी

मालवा और निमाड़ क्षेत्र के जिलों में भी कांग्रेस ने छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है। रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा की जिम्मेदारी अर्पित उपाध्याय को दी गई है।

इसी तरह शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और दतिया जिलों का दायित्व सौरभ यादव संभालेंगे। धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर में छात्रसंघ चुनाव से संबंधित संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी दीपक उईके को दी गई है।

उज्जैन संभाग के महत्वपूर्ण जिलों उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच की जिम्मेदारी डॉ. विजय बोधमा को सौंपी गई है।

छात्रों के बीच सक्रिय भूमिका निभाएंगे प्रभारी

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी नवनियुक्त प्रभारियों को आगामी छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। संगठन की ओर से उम्मीद जताई गई है कि सभी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में छात्रों से संपर्क स्थापित करेंगे और चुनाव से जुड़े युवाओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे।

प्रभारियों को पार्टी की ओर से सौंपे गए दायित्वों का सक्रियता के साथ निर्वहन करने और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही छात्र राजनीति से जुड़े मुद्दों को समझने और युवाओं के बीच कांग्रेस की पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी।

छात्र राजनीति में पकड़ मजबूत करने की कोशिश

कांग्रेस की ओर से की गई ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। लंबे समय से छात्र राजनीति को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चाएं चलती रही हैं। ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

13 क्षेत्र प्रभारियों की नियुक्ति को कांग्रेस की संगठनात्मक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अलग-अलग जिलों को समूहों में बांटकर जिम्मेदारी देने से पार्टी को स्थानीय स्तर पर गतिविधियों की निगरानी और समन्वय में मदद मिल सकती है।

कांग्रेस की कोशिश है कि चुनाव से पहले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र नेताओं तथा युवाओं के साथ संवाद बढ़ाया जाए। इसके लिए क्षेत्र प्रभारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने और संगठन को सक्रिय करने की जिम्मेदारी दी गई है।

अब इन प्रभारियों की भूमिका इस बात में महत्वपूर्ण होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छात्रों के बीच पार्टी की पहुंच कितनी मजबूत कर पाते हैं और छात्रसंघ चुनाव के लिए संगठन को किस तरह तैयार करते हैं। कांग्रेस की ताजा नियुक्तियों से साफ संकेत है कि पार्टी आगामी छात्र राजनीति को लेकर अभी से मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।