ड्रग्स कनेक्शन मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी हिरासत में, पूछताछ जारी; जीतू बोले- 'यह बदले की राजनीति'
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामले में हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई दो कथित ड्रग्स पैडलरों से पूछताछ के बाद हुई, जिसमें नाना का नाम सामने आया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामले में इंदौर पुलिस ने हिरासत में लिया है।
इंदौर। मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि दो कथित ड्रग्स पैडलरों की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में नाना पटवारी का नाम सामने आया, जिसके आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उन्हें आरोपी घोषित नहीं किया है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है।
मामले की जानकारी मिलते ही जीतू पटवारी भोपाल से इंदौर पहुंचे और अपने भाई को हिरासत में लिए जाने को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया।
ड्रग पैडलरों से पूछताछ में सामने आया नाम
जानकारी के अनुसार, राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने हाल ही में दो कथित ड्रग्स पैडलरों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने नाना पटवारी का नाम लिया और दावा किया कि उनका उनसे संपर्क रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने नाना पटवारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में नाना पटवारी ने भी गिरफ्तार आरोपितों को जानने की बात स्वीकार की है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि परिचय होने का अर्थ किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होना नहीं है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों पक्षों के बीच संबंध केवल व्यक्तिगत परिचय तक सीमित थे या ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ी किसी गतिविधि से भी उनका कोई संबंध रहा है।
हर पहलू की जांच कर रही पुलिस
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में कोई ठोस प्रमाण मिलता है तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जबकि यदि कोई आपराधिक संबंध नहीं मिलता है तो उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुराने मामलों से भी जोड़कर हो रही पड़ताल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नाना पटवारी का नाम इससे पहले भी एक ड्रग्स से जुड़े प्रकरण में सामने आया था। इसी वजह से जांच एजेंसियां वर्तमान मामले की कड़ियों को पुराने मामलों से जोड़कर भी जांच कर रही हैं। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि पुराने मामलों में नाम आने मात्र से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता और प्रत्येक मामले की जांच अलग-अलग साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि करीब सात वर्ष पुराने खुशी कुलवाल आत्महत्या प्रकरण में भी नाना पटवारी का नाम चर्चा में आया था। हालांकि उस मामले और वर्तमान जांच के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं किया गया है।
जीतू पटवारी पहुंचे इंदौर
भाई को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी तत्काल भोपाल से इंदौर पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कानून का इस्तेमाल कर रही है।
जीतू पटवारी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई को बिना पूर्व सूचना हिरासत में लेकर सरकार ने राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
'यह बदले की राजनीति है'
अपने बयान में जीतू पटवारी ने कहा कि उन्हें पहले से आशंका थी कि सरकार उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे मामलों में कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने लिखा कि भाजपा सरकार अब "बदला" लेने की राजनीति कर रही है और जो भी सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसे कानून के माध्यम से दबाने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वह इस तरह के दबाव से डरने वाले नहीं हैं और न ही झुकेंगे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पहले से अधिक मजबूती के साथ जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई राजनीतिक प्रेरित प्रतीत होती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि किसी के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं तो कानून अपना काम करे, लेकिन केवल राजनीतिक आधार पर किसी को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
भाजपा की प्रतिक्रिया पर नजर
मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि एक ओर पुलिस ड्रग्स नेटवर्क की जांच का दावा कर रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है।
जांच पूरी होने का इंतजार
फिलहाल नाना पटवारी से पुलिस की पूछताछ जारी है। अभी तक उन्हें किसी मामले में आरोपी घोषित नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ पुलिस ड्रग्स नेटवर्क की तह तक पहुंचने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बता रही है। ऐसे में अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाना पटवारी की भूमिका केवल परिचय तक सीमित थी या मामले में कोई अन्य तथ्य भी सामने आते हैं। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी भी पक्ष के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस