राजनीति से संन्यास के संकेत!पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान: अब राजनीति नहीं, जीवनभर धर्म रक्षा का करूंगा काम, दशहरे पर निकालेंगे अयोध्या यात्रा

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भोपाल में बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब वह सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर केवल धर्म रक्षा के कार्यों में जुटेंगे।

राजनीति से संन्यास के संकेत!पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान: अब राजनीति नहीं, जीवनभर धर्म रक्षा का करूंगा काम, दशहरे पर निकालेंगे अयोध्या यात्रा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि अब वह सक्रिय राजनीति नहीं करेंगे और अपना पूरा ध्यान धर्म रक्षा के कार्यों पर लगाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि दशहरे के दिन अयोध्या यात्रा शुरू करेंगे, जिसमें किसी राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा।

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक बड़ा राजनीतिक और वैचारिक बयान देते हुए कहा कि अब वह सक्रिय राजनीति से दूरी बनाएंगे और जीवन के शेष समय को धर्म रक्षा के कार्यों के लिए समर्पित करेंगे। अपने 80वें वर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारियां दीं, उन्हें उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाया है। अब उनका लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा और धार्मिक जागरूकता फैलाना होगा।

दिग्विजय सिंह के इस बयान को मध्य प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे दिग्विजय सिंह ने साफ किया कि वह अब चुनावी राजनीति में किसी नई भूमिका की इच्छा नहीं रखते। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि नई पीढ़ी को आगे आने का अवसर मिले और अनुभवी नेता समाज और धर्म से जुड़े विषयों पर अपनी ऊर्जा लगाएं।

पार्टी ने दिया हर सम्मान

दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें जीवन में हर वह अवसर दिया जिसकी एक कार्यकर्ता कल्पना कर सकता है। उन्होंने कहा कि वह पांच बार विधायक बने, दो बार लोकसभा सांसद रहे और दो बार राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी पार्टी ने उन पर विश्वास जताया। इसके अलावा उन्हें मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी मिला। उन्होंने कहा कि इन सभी जिम्मेदारियों को निभाने के बाद अब उन्हें किसी पद या राजनीतिक महत्वाकांक्षा की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा, "मैं 80 वर्ष का हो गया हूं। मेरी पार्टी ने मुझे बहुत सम्मान दिया। अब मैं चाहता हूं कि नई पीढ़ी आगे आए और पार्टी का नेतृत्व संभाले।"

अब मेरा काम धर्म रक्षा है

अपने संबोधन में दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह सनातन धर्म की मूल भावना को समझते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी, और की कार्यशैली को भी अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति को अलग-अलग दृष्टि से देखने की आवश्यकता है और अब उनका उद्देश्य केवल धर्म रक्षा रहेगा।

उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा का समर्थन करना नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने शेष जीवन में इसी दिशा में कार्य करेंगे।

दशहरे पर अयोध्या यात्रा का ऐलान

पूर्व मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह इस वर्ष दशहरे के अवसर पर की यात्रा पर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक होगी और इसका किसी भी राजनीतिक दल या चुनावी गतिविधि से कोई संबंध नहीं होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा में किसी भी राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक संदेश देना होगा।

यात्रा के दौरान नहीं देंगे भाषण

दिग्विजय सिंह ने कहा कि अयोध्या यात्रा के दौरान वह किसी प्रकार का राजनीतिक भाषण नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि न तो वह प्रवचन करेंगे और न ही यात्रा से जुड़े किसी विषय पर अपने सोशल मीडिया मंचों पर स्वयं कोई टिप्पणी लिखेंगे।

उन्होंने कहा कि यात्रा को पूरी तरह धार्मिक स्वरूप दिया जाएगा और इसे राजनीतिक मंच बनने से बचाया जाएगा। उनका मानना है कि धर्म को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।

संतोष दुबे होंगे विशेष अतिथि

दिग्विजय सिंह ने बताया कि वह राम मंदिर आंदोलन के दौरान गोली लगने वाले कारसेवक संतोष दुबे को इस यात्रा में विशेष रूप से आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि संतोष दुबे उनके मुख्य अतिथि होंगे और यात्रा के दौरान अपने अनुभव लोगों के साथ साझा करेंगे।

उनके अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़ना और धार्मिक विषयों पर संवाद स्थापित करना है।

अंतिम सांस तक धर्म के लिए काम करने का संकल्प

अपने संबोधन में दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब वह जीवन की अंतिम सांस तक धर्म रक्षा के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत संकल्प है और इसे किसी राजनीतिक अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि उनकी प्रस्तावित अयोध्या यात्रा पूरी तरह धार्मिक होगी और इसका किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहेगा। उन्होंने लोगों से भी इस यात्रा को धार्मिक दृष्टि से देखने की अपील की।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले दिग्विजय सिंह का सक्रिय राजनीति से पीछे हटने का संकेत संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस बयान से कांग्रेस में नई पीढ़ी के नेताओं को आगे आने का अवसर मिल सकता है। वहीं, धर्म रक्षा और अयोध्या यात्रा की घोषणा को लेकर भी विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।

हालांकि, दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका भविष्य का अभियान किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य से संचालित होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी प्रस्तावित अयोध्या यात्रा को समाज और राजनीतिक जगत किस रूप में देखता है।