जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा: सड़क निर्माण की मांग पर सीएम के सामने अड़े विधायक, मुख्यमंत्री ने दी 17 सड़कों की मंजूरी का भरोसा
शाजापुर के कालापीपल में विकास कार्यों को लेकर अपनी ही सरकार के सामने कसम खाना बीजेपी विधायक घनश्याम चंद्रवंशी को भारी पड़ गया। मंच पर मौजूद सीएम मोहन यादव विधायक की इस बात पर साफ खिन्न नजर आए और उन्होंने भरे मंच से विधायक को शब्दों की मर्यादा रखने की नसीहत दे डाली
कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से संवाद किया और विधायक घनश्याम चंद्रवंशी की जूते-चप्पल त्यागने की घोषणा पर उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी। उन्होंने 17 सड़कों को मंजूरी देने, यूसीसी लाने का प्रयास करने और किसानों व महिलाओं के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कालापीपल (शाजापुर)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित किसान संवाद एवं पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल चर्चा का विषय बन गया, जब भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कों को लेकर भावुक घोषणा कर दी। विधायक ने सार्वजनिक मंच से कहा कि यदि उनके क्षेत्र की वर्षों से लंबित सड़कें स्वीकृत नहीं हुईं तो वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यदि सड़कों को मंजूरी मिल भी जाती है, तब तक जब तक उनका निर्माण पूरा नहीं हो जाता, वे अपने विधानसभा क्षेत्र की सीमा में नंगे पैर ही रहेंगे।
विधायक की इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में विधायक की भावना का सम्मान करते हुए उन्हें ऐसा कदम नहीं उठाने की सलाह दी और मंच से ही उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार करने की घोषणा कर दी।
विधायक ने मंच से सुनाया विकास का दर्द
भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कें लंबे समय से स्वीकृति की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता लगातार सड़क निर्माण की मांग कर रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्य नहीं हो सका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि सड़कों की मंजूरी नहीं मिली तो वे जूते-चप्पल का त्याग कर देंगे। वहीं मंजूरी मिलने के बाद भी निर्माण पूरा होने तक अपने क्षेत्र में जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। विधायक की इस घोषणा को लोगों ने विकास कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जनता की समस्याओं के प्रति चिंता के रूप में देखा।
मुख्यमंत्री बोले—जूते-चप्पल त्यागने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायक की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जूते-चप्पल त्यागने जैसी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जूते-चप्पल हमें कांटों से बचाते हैं और तेजी से चलने में मदद करते हैं। इसलिए ऐसे संकल्प लेने के बजाय विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक द्वारा प्रस्तुत मांग-पत्र उन्हें प्राप्त हो गया है और उसमें शामिल सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि पहले 16 सड़कों पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब 17 सड़कों को मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि इस तरह के प्रतीकात्मक विरोध विपक्ष के लिए छोड़ देना चाहिए, क्योंकि सरकार विकास कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
समान नागरिक संहिता पर बड़ा बयान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लाने का प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होना उचित नहीं है। सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं सहित सभी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता आवश्यक है।
उन्होंने "एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक राष्ट्रगान" की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि समान कानून से समाज में समानता और न्याय की भावना मजबूत होगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ दिन पहले भोपाल में भी उन्होंने यूसीसी लागू करने की दिशा में सरकार की मंशा स्पष्ट की थी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जल्द ही एक और बड़ा राजनीतिक झटका मिलने वाला है। हालांकि उन्होंने किसी नेता या घटना का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।
किसानों के लिए सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों की उपज खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि अपनाने और नई औद्योगिक संभावनाओं का लाभ लेने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित हो रहे पेप्सिको के नए प्लांट से आलू उत्पादक किसानों को बड़ा बाजार मिलेगा। किसानों को अधिक से अधिक आलू उत्पादन करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि इससे उनकी आय बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
लाड़ली बहना योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में लाड़ली बहना योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
सिंचाई परियोजनाओं की दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने सिंचाई और किसानों के हितों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। वर्तमान सरकार जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर काम कर रही है।
उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे राजस्थान के 15 और मध्य प्रदेश के 13 जिलों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि शाजापुर जिले के 118 गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंच चुका है और शेष गांवों को भी जल्द इस योजना से जोड़ दिया जाएगा।
पौधारोपण अभियान में दिखी अव्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान "एक पौधा मां के नाम" अभियान के तहत लोगों को पौधों का वितरण किया गया। हालांकि वितरण व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में लोग पौधे लेने पहुंच गए, जिससे भीड़ बढ़ गई और कई स्थानों पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
अव्यवस्था के कारण कई पौधे टूट गए और कुछ पौधे सड़क पर बिखरे हुए दिखाई दिए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई।
विकास और राजनीति दोनों रहे चर्चा में
कालापीपल का यह कार्यक्रम केवल किसान संवाद और पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़क निर्माण, विकास कार्यों, समान नागरिक संहिता और राजनीतिक बयानबाजी के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी की जूते-चप्पल त्यागने की घोषणा और मुख्यमंत्री द्वारा तुरंत 17 सड़कों की मंजूरी का भरोसा देने से यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सड़क निर्माण, यूसीसी और अन्य विकास योजनाओं को लेकर सरकार के अगले कदमों पर सभी की नजर रहेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस