आधी रात हॉस्टल की खिड़कियों से निकलीं 34 छात्राएं, 10 KM पैदल चलकर पहुंचीं कुक्षी; घटिया खाना और वार्डन के दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
धार जिले के निसरपुर में छात्रावास की व्यवस्थाओं से नाराज करीब 35 छात्राएं रविवार रात हॉस्टल से बाहर निकलकर कुक्षी थाने की ओर पैदल रवाना हो गईं। छात्राओं ने लंबे समय से रहने, भोजन और अन्य सुविधाओं में परेशानी होने का आरोप लगाया...
धार के निसरपुर स्थित माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास की कुव्यवस्थाओं से परेशान 40 छात्राओं ने आधी रात को खिड़की से निकलकर कुक्षी तक 2.5 किमी पैदल मार्च किया। छात्राओं ने तहसीलदार व पुलिस अधिकारी को अपनी समस्याएं बताईं, जिसके बाद त्वरित समाधान के आश्वासन पर वे वापस लौटीं।
धार जिले के निसरपुर स्थित आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब 34 छात्राएं हॉस्टल से निकलकर करीब 10 किलोमीटर दूर कुक्षी पहुंच गईं। छात्राएं कक्षा 9वीं से 11वीं तक की हैं। उन्होंने हॉस्टल में घटिया खाना मिलने, वार्डन के कथित दुर्व्यवहार और भेदभाव समेत कई समस्याओं की शिकायत अधिकारियों के सामने रखी। छात्राओं ने हॉस्टल को दूसरे भवन में स्थानांतरित करने और वार्डन को हटाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार देर रात की है। छात्राएं करीब रात 12 बजे अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर निकलीं। इसके बाद सभी छात्राएं हॉस्टल के पीछे वाले रास्ते से बाहर आ गईं और पैदल ही कुक्षी की ओर निकल पड़ीं। बताया जा रहा है कि हॉस्टल से निकलने के बाद छात्राओं ने करीब 10 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि छात्राओं के हॉस्टल से बाहर निकलने के करीब एक घंटे तक वार्डन को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। रात करीब एक बजे वार्डन बबिता चौहान ने निसरपुर पुलिस चौकी को छात्राओं के गायब होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने छात्राओं की तलाश शुरू की।
रास्ते में मिलीं छात्राएं
कुक्षी से करीब दो किलोमीटर पहले छात्राओं को जयस प्रदेश अध्यक्ष रविराज बघेल ने पैदल जाते हुए देखा। इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं को रात के समय सड़क पर देखकर उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। कुक्षी थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान को सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस वाहनों और अन्य पिकअप वाहनों की मदद से सभी छात्राओं को सुरक्षित कुक्षी थाने लाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत की और उनके हॉस्टल छोड़कर आने की वजह जानी।
अधिकारियों के सामने बताई अपनी परेशानी
एसडीओपी, थाना प्रभारी और तहसीलदार के सामने छात्राओं ने हॉस्टल में होने वाली परेशानियों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें ठीक गुणवत्ता का खाना और नाश्ता नहीं दिया जाता। इसके अलावा उन्होंने वार्डन बबिता चौहान पर भेदभाव और दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए।
छात्राओं ने अधिकारियों से कहा कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने कन्या शिक्षा परिसर को किसी वैकल्पिक भवन में स्थानांतरित करने की मांग रखी। इसके साथ ही छात्राओं ने वर्तमान वार्डन बबिता चौहान को हटाकर मोनिका चौहान को वार्डन का प्रभार देने की मांग की।
50 की क्षमता वाले भवन में 139 छात्राएं
हॉस्टल की व्यवस्था को लेकर सामने आई जानकारी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि निसरपुर में 50 सीटर उत्कृष्ट छात्रावास के भवन में कन्या शिक्षा परिसर की 89 छात्राओं को रखा जा रहा है। इसके अलावा इसी भवन में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कुल 139 छात्राएं रह रही हैं।
इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के एक ही भवन में रहने से वहां अत्यधिक भीड़ और असुविधा की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, एक बड़े कमरे में करीब नौ छात्राओं को रहना पड़ता है। छात्राओं ने भीड़भाड़ और रहने की व्यवस्था को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।
दूसरे भवन में शिफ्ट करने की तैयारी
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने छात्राओं की समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। बीईओ हीरालाल निंग्वाल ने बताया कि सहायक आयुक्त से अनुमति लेने के बाद कन्या शिक्षा परिसर को पुराने हॉस्टल भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नई वार्डन मोनिका चौहान ने कार्यभार संभाल लिया है। वैकल्पिक भवन में छात्राओं को शिफ्ट करने के बाद उनके साथ नई वार्डन की व्यवस्था की जाएगी।
आज अधिकारी करेंगे हॉस्टल का निरीक्षण
घटना के बाद प्रशासन भी पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है। कुक्षी एसडीएम विशाल धाकड़ और अन्य अधिकारी आज निसरपुर स्थित हॉस्टल पहुंचकर छात्राओं से सीधे बातचीत करेंगे। अधिकारियों द्वारा हॉस्टल की व्यवस्थाओं, भोजन, रहने की क्षमता और छात्राओं की शिकायतों की जानकारी ली जाएगी।
34 छात्राओं का आधी रात हॉस्टल से निकलकर 10 किलोमीटर दूर पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब प्रशासन के सामने छात्राओं की शिकायतों का समाधान करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। छात्राओं की मांग है कि उन्हें बेहतर रहने की व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस