DUSU चुनाव में ABVP की बड़ी जीत से गरमाई सियासत, 3 सीटों पर कब्जे के बाद राहुल गांधी पर BJP का तीखा हमला; ‘मुंह पर करारा तमाचा’ वाले बयान से मचा घमासान

भाजपा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव (डूसू चुनाव) में एबीवीपी को मिली बड़ी जीत की सराहना करते हुए इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुंह पर ‘करारा तमाचा’ बताया है। भाजपा ने कहा कि डूसू चुनाव के नतीजों ने उनकी ‘झूठ की राजनीति’ को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

DUSU चुनाव में ABVP की बड़ी जीत से गरमाई सियासत, 3 सीटों पर कब्जे के बाद राहुल गांधी पर BJP का तीखा हमला; ‘मुंह पर करारा तमाचा’ वाले बयान से मचा घमासान

ABVP की 3 सीटों पर बड़ी जीत, राहुल गांधी पर BJP का हमला; ‘मुंह पर करारा तमाचा’ वाले बयान से गरमाई सियासत

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों के बाद छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल तेज हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम किया है। ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे।

ABVP की इस जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी और छात्र संगठन से जुड़े नेताओं ने इसे युवाओं के बीच संगठन की स्वीकार्यता से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। चुनाव परिणामों के बाद सामने आए बयानों में इंदौर में हुए राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया गया।

ABVP ने चार में से तीन पद जीते

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष पद समेत तीन प्रमुख पदों पर जीत हासिल की। अध्यक्ष पद पर यश डबास विजयी रहे। सचिव पद पर रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की, जबकि संयुक्त सचिव पद ABVP के लक्ष्य राज सिंह के खाते में गया।

चार केंद्रीय पदों में केवल उपाध्यक्ष का पद ABVP के हाथ नहीं आया। इस पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। इस तरह DUSU के केंद्रीय पैनल में ABVP के तीन और एक निर्दलीय उम्मीदवार चुने गए।

चुनाव में ABVP और कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के बीच कई पदों पर सीधा मुकाबला देखने को मिला। अध्यक्ष पद पर भी दोनों संगठनों के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला रहा।

‘यह राहुल गांधी के मुंह पर तमाचा है’

ABVP की निवर्तमान संयुक्त सचिव दीपिका झा ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने इसे दिल्ली विश्वविद्यालय के Gen Z छात्रों की ताकत और जीत बताया।

दीपिका झा ने कहा कि यह दिल्ली विश्वविद्यालय के Gen Z छात्रों की जीत है। इसी बयान के दौरान उन्होंने चुनाव परिणाम को राहुल गांधी के ‘मुंह पर तमाचा’ बताया।

उनके इस बयान के बाद DUSU चुनाव का मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में भी तेजी से सामने आया। BJP और ABVP नेताओं की ओर से चुनाव परिणाम को राहुल गांधी के हालिया छात्र संवाद कार्यक्रम से जोड़कर देखा गया।

जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी पर साधा निशाना

ABVP की जीत पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संगठन के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले छात्रों का उल्लेख करते हुए चुनाव परिणाम को युवाओं के रुझान से जोड़कर पेश किया।

नड्डा ने राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ करार दिया।

नड्डा की टिप्पणी के बाद DUSU चुनाव का परिणाम सीधे तौर पर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बन गया।

अमित शाह ने ABVP कार्यकर्ताओं को दी बधाई

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी ABVP की जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में शानदार प्रदर्शन के लिए परिषद के कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

अमित शाह ने कहा कि यह जीत ABVP की ‘राष्ट्र प्रथम’ विचारधारा और छात्र कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता में युवाओं के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस जीत से नई ऊर्जा हासिल कर छात्र हितों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का पालन करते हुए विद्यार्थियों के हित में काम करने का भी आह्वान किया।

शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी दी बधाई

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी DUSU चुनाव में ABVP के प्रदर्शन पर संगठन को बधाई दी। उन्होंने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल करने वाले ABVP उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।

जोशी ने ABVP को राष्ट्रीय स्तर पर कैडर आधारित छात्र संगठन बताते हुए कहा कि संगठन विद्यार्थियों के हित, सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने चुनाव परिणाम को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की ओर से इन प्रयासों के समर्थन के रूप में बताया।

NSUI को नहीं मिली केंद्रीय पैनल में जीत

DUSU चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI चार केंद्रीय पदों में से कोई भी पद जीतने में सफल नहीं रही। अध्यक्ष पद पर NSUI उम्मीदवार मुकाबले में रहे, लेकिन जीत ABVP के उम्मीदवार के खाते में गई।

सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। उपाध्यक्ष पद पर भी NSUI उम्मीदवार को सफलता नहीं मिली और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे।

इस परिणाम ने DUSU के केंद्रीय पैनल की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है, जहां अब ABVP के तीन निर्वाचित पदाधिकारी और एक निर्दलीय उम्मीदवार मौजूद हैं।

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जोड़ा गया परिणाम

DUSU चुनाव के परिणाम ऐसे समय सामने आए हैं, जब राहुल गांधी ने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया था। इस कार्यक्रम में छात्रों की भूमिका, सवाल पूछने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

चुनाव परिणाम के बाद BJP और ABVP नेताओं ने इसी कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधना शुरू किया। नेताओं ने DUSU चुनाव में ABVP की जीत को छात्र राजनीति में संगठन के प्रदर्शन के तौर पर प्रस्तुत किया।

हालांकि DUSU चुनाव विश्वविद्यालय स्तर का छात्रसंघ चुनाव है। इसके परिणामों को राष्ट्रीय राजनीति के व्यापक रुझान से जोड़कर देखने को लेकर राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी व्याख्याएं सामने आई हैं।

जीत के बाद अब छात्र मुद्दों पर रहेगी नजर

ABVP के लिए तीन प्रमुख पदों पर जीत के बाद अब नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी। विश्वविद्यालय में हॉस्टल, छात्र सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था, फीस और विद्यार्थियों की सुविधाओं से जुड़े मुद्दे छात्र राजनीति में लगातार प्रमुख रहे हैं।

चुनाव के दौरान उम्मीदवारों ने भी छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया था। अब चुनाव परिणाम आने के बाद छात्रों की अपेक्षाओं को लेकर नए पदाधिकारियों की भूमिका पर नजर रहेगी।

DUSU चुनाव 2026 ने एक बार फिर दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में ABVP की मजबूत मौजूदगी को सामने रखा है। अध्यक्ष समेत तीन केंद्रीय पदों पर जीत के बाद संगठन में उत्साह है। वहीं इस परिणाम के बाद BJP नेताओं की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणियों ने छात्रसंघ चुनाव को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस से भी जोड़ दिया है।

अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नवनिर्वाचित छात्र नेता विश्वविद्यालय के छात्रों से जुड़े मुद्दों को किस तरह उठाते हैं और चुनाव के दौरान किए गए वादों को किस रूप में आगे बढ़ाते हैं।