हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी से दिया इस्तीफा, भावुक पोस्ट से मचा हड़कंप
37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर ने 2025 में भारत को पहला वनडे वर्ल्ड कप खिताब और दो एशियन गेम्स गोल्ड मेडल दिलाए। वह अब खिलाड़ी के तौर पर भारतीय टीम के लिए खेलना जारी रखेंगी।
हरमनप्रीत कौर के इंस्टाग्राम पोस्ट ने उनकी कप्तानी छोड़ने की कहानी को और दिलचस्प बना दिया है. हरमन ने लिखा कि अब वह 'सुकून' के साथ पद छोड़ रही हैं. बीसीसीआई की रीव्यू मीटिंग के अगले ही दिन आए उनके फैसले ने उन अटकलों को जरूर हवा दे दी, जिसमें कहा जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें खुद इस्तीफा देने को कहा.
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए तीनों फॉर्मेट—टेस्ट, वनडे और टी-20—की कप्तानी से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भी उनके कप्तानी छोड़ने की पुष्टि की है। करीब एक दशक तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत अब केवल खिलाड़ी के तौर पर टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी।
हरमनप्रीत के इस फैसले ने भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि उन्होंने अपने संदेश में साफ किया है कि उनका क्रिकेट सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। वह आगे भी भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलती रहेंगी और अपना पूरा ध्यान बल्लेबाजी तथा टीम के लिए योगदान देने पर लगाएंगी।
करीब एक दशक तक संभाली टीम की कमान
हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिनी जाती हैं। उन्होंने लंबे समय तक टीम को नेतृत्व दिया और इस दौरान भारतीय क्रिकेट ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने 2025 में घरेलू मैदान पर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में बेहद खास मानी गई। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर विश्व कप ट्रॉफी उठाई और हरमनप्रीत महिला वनडे विश्व कप जीतने वाली भारत की पहली कप्तान बनीं।
इसके अलावा उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक हासिल किए। लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते दबदबे को दर्शाता है।
इंस्टाग्राम पोस्ट में छलका भावुक अंदाज
कप्तानी से इस्तीफा देने के बाद हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने अपने सफर को याद करते हुए संकेत दिया कि कप्तानी उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव भी रही है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम के लिए अपना सबकुछ देने की कोशिश की। कप्तानी छोड़ने के बावजूद भारतीय टीम के साथ उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा। वह खिलाड़ी के रूप में मैदान पर अपना योगदान जारी रखेंगी।
हरमनप्रीत का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक टीम की कमान संभाली और भारतीय महिला क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
क्या बढ़ती उम्र बनी इस्तीफे की वजह?
हरमनप्रीत कौर के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्होंने इस समय कप्तानी छोड़ने का फैसला क्यों किया?
हरमनप्रीत करीब 17 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़ी हुई हैं। लंबे समय तक लगातार क्रिकेट खेलने और कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब भारतीय महिला क्रिकेट में बदलाव का दौर दिखाई दे रहा है।
हरमनप्रीत की उम्र भी इस चर्चा का एक अहम हिस्सा है। वह 37 वर्ष की हो चुकी हैं। हालांकि उम्र अपने आप में कप्तानी छोड़ने का कारण नहीं मानी जा सकती, लेकिन आधुनिक क्रिकेट में टीम मैनेजमेंट अक्सर भविष्य को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने पर जोर देता है।
ऐसे में हरमनप्रीत का कप्तानी से हटना भारतीय टीम में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
स्मृति मंधाना के नाम की चर्चा तेज
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा स्मृति मंधाना के नाम को लेकर हो रही है। भारतीय टीम की उपकप्तान रह चुकीं मंधाना कई मौकों पर कप्तानी को लेकर अपनी इच्छा जाहिर कर चुकी हैं।
मंधाना लंबे समय से भारतीय टीम की अहम बल्लेबाज हैं और टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा भी रही हैं। ऐसे में चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट उनके अनुभव और लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर सकते हैं।
हालांकि नई कप्तान को लेकर अंतिम फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चयनकर्ताओं की ओर से किया जाएगा।
2028 ओलंपिक तक कप्तानी करना चाहती थीं हरमन
हरमनप्रीत कौर ने पहले 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक तक भारतीय टीम की कप्तानी करने की इच्छा भी जाहिर की थी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ओलंपिक में वापसी करने जा रही है और ऐसे में हरमनप्रीत के नेतृत्व को लेकर काफी उम्मीदें थीं।
इसी वजह से उनका अचानक तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला और भी चौंकाने वाला माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने कप्तानी छोड़ने के बावजूद खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ बने रहने की बात स्पष्ट कर दी है।
इसका मतलब है कि आने वाले समय में भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों को जहां नेतृत्व का अवसर मिल सकता है, वहीं हरमनप्रीत का अनुभव टीम के लिए उपलब्ध रहेगा।
2016 में बनी थीं टी-20 कप्तान
हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय महिला टी-20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम की कमान सौंपी गई। वर्ष 2023 में वह सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम की कप्तान बन गईं।
इस तरह उन्होंने लगभग एक दशक तक भारतीय महिला क्रिकेट के नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे और टीम को बड़े टूर्नामेंटों में नेतृत्व दिया।
उनकी कप्तानी का सबसे यादगार पल 2025 में आया, जब भारत ने घरेलू मैदान पर महिला वनडे विश्व कप जीता। यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही।
कप्तानी छोड़ना, क्रिकेट नहीं
हरमनप्रीत के बयान से सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का कोई फैसला नहीं है। वह भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के रूप में खेलती रहेंगी।
कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद उनके सामने अब अपने खेल पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का मौका होगा। बल्लेबाजी में उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए अब भी बेहद महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कप्तानी का दबाव हटने से हरमनप्रीत अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं। साथ ही उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
भारतीय महिला क्रिकेट में नए दौर की शुरुआत
हरमनप्रीत कौर का इस्तीफा भारतीय महिला क्रिकेट में एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। एक ओर टीम के पास विश्व कप जीतने वाली अनुभवी खिलाड़ी मौजूद रहेगी, वहीं दूसरी ओर नई कप्तानी के जरिए युवा नेतृत्व को आगे आने का मौका मिलेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हरमनप्रीत के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कमान किसे सौंपी जाएगी। अगर स्मृति मंधाना को यह जिम्मेदारी मिलती है तो भारतीय टीम एक नए नेतृत्व युग में प्रवेश करेगी।
फिलहाल हरमनप्रीत के लिए कप्तानी का अध्याय जरूर खत्म हुआ है, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनकी भूमिका खत्म नहीं हुई। विश्व कप विजेता कप्तान के रूप में उनकी विरासत और अनुभव आने वाले वर्षों में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
एक दशक की कप्तानी, ऐतिहासिक विश्व कप जीत और कई यादगार उपलब्धियों के बाद हरमनप्रीत कौर का यह फैसला भारतीय महिला क्रिकेट में बदलाव की बड़ी तस्वीर पेश करता है। अब नजरें नई कप्तान और 2028 ओलंपिक की तैयारियों पर रहेंगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस