माधौगढ़ में नाबालिग की शादी की सूचना पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, विवाह समारोह रुकवाया
माधौगढ़ के सिहारी रोड स्थित शालनी पैलेस में नाबालिग की शादी की सूचना पर पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार रात छापा मारकर विवाह समारोह रुकवा दिया। मौके पर जांच के बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। उरई से भी टीम पहुंची और अधिकारियों ने बाल विवाह रोकने संबंधी कानून का सख्ती से पालन कराने की चेतावनी दी।
शालनी पैलेस में चल रहे विवाह समारोह में पुलिस-प्रशासन ने दी दबिश, कानूनी कार्रवाई शुरू
उरई। जनपद जालौन की माधौगढ़ तहसील में मंगलवार देर रात प्रशासन ने बाल विवाह की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विवाह समारोह रुकवा दिया। सिहारी रोड स्थित शालनी पैलेस में आयोजित इस समारोह में कथित रूप से एक नाबालिग की शादी कराए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की तत्परता से विवाह की आगे की रस्में रोक दी गईं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात लगभग 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि शालनी पैलेस में एक नाबालिग का विवाह कराया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली माधौगढ़ पुलिस ने तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम विवाह स्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने समारोह में मौजूद लोगों से पूछताछ की तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की।
मौके पर पहुंची टीम ने सबसे पहले विवाह की रस्मों को तत्काल प्रभाव से रुकवाया। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन पक्ष से उनकी आयु संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अधिकारियों ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया अपनाई। मामले में संबंधित पक्षों के खिलाफ बाल विवाह निषेध कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद उरई से भी संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया और स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में नाबालिग की शादी कराए जाने की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान विवाह समारोह में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित किया और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए भविष्य में इस प्रकार की गलती न दोहराने की चेतावनी भी दी।
अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। सरकार बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। प्रशासन ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नाबालिग लड़के या लड़की का विवाह कराए जाने की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन या प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने यह भी दोहराया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत नाबालिग की शादी कराने, उसमें सहयोग करने या आयोजन करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान है। इसलिए सभी अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों को कानून का पालन करते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने में सहयोग करना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। आयु संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस