केन-बेतवा जुड़ने के बाद बुंदेलखंड में होंगी तीन-तीन फसलें- स्वतंत्र देव-घर-घर नल से जल पहुंचा रही सरकार, जल संरक्षण कर अगली पीढ़ियों तक पहुंचाएं योजना का लाभ

उरई के कदौरा ब्लॉक के चमारी गांव में आयोजित 'जल अर्पण' कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना से बुंदेलखंड की सिंचाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और किसान साल में तीन फसलें ले सकेंगे। उन्होंने हर घर नल से जल योजना का संचालन ग्राम पंचायत को सौंपते हुए जल संरक्षण का आह्वान किया। कार्यक्रम में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया, जबकि पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

केन-बेतवा जुड़ने के बाद बुंदेलखंड में होंगी तीन-तीन फसलें- स्वतंत्र देव-घर-घर नल से जल पहुंचा रही सरकार, जल संरक्षण कर अगली पीढ़ियों तक पहुंचाएं योजना का लाभ

चमारी गांव में 'जल अर्पण' कार्यक्रम, ग्राम पंचायत को सौंपी नल-जल योजना की जिम्मेदारी

जल संरक्षण का दिया संदेश, कहा- आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाएं पानी

शिफ्ट किए गए 10 परिवारों को भी जल्द मिलेगी नल से जल सुविधा

35 हजार से अधिक सरकारी भवनों पर रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था

उरई । प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य में जुटी राज्य सरकार अब परियोजनाओं को पूरा कर मिशन मोड में ग्राम पंचायतों को हैंडओवर करने जुट गई है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जनपद के कदौरा विकास खंड के चमारी गांव में जल अर्पण कार्यक्रम कर ग्रामवासियों को नल से जल पहुंचाने वाली इस योजना की कमान सौंपी। जल अर्पण कार्यक्रम के मौके पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि राज्य सरकार घरों तक नल से जल की सप्लाई के साथ-साथ परिवारों को फ्री में राशन, घर तक बिजली, पक्की सड़क, किसान सम्मान निधि और बच्चों को पोषण आहार की सुविधा मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नल से जल आप लोगों के घरों तक पहुंचा दिया है। अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप पानी का इस्तेमाल भी करें और संरक्षण भी करें। जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी इसी तरह घर तक पानी की सप्लाई मिलती रहे। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि केन-बेतवा को जोड़ने का काम किया जा रहा है। दोनों नदियों को जोड़ने के बाद बुंदेलखंड की सिंचाई व्यवस्था में अभूतपूर्व परिर्वतन आएगा। किसान तीन-तीन फसलों का उत्पादन कर सकेंगे। 
कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने ग्रामवासियों को बताया कि किस तरह से  सरकार ने बुंदेलखंड के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को साकार किया। शिफ्ट हुए परिवारों को भी जल्द मिलेगा नल से जल 
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि चमारी गांव में 10 घर ऐसे हैं, जिन्हें शिफ्ट किया गया है। उन घरों में भी जल्द ही पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए राज्य सरकार सरकारी भवनों में रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दे रही है। 35,000 से अधिक भवनों पर रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। खेत में तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा 6500 चैकडैम बनाए गए हैं। गांव में नल की सप्लाई पाकर भावुक हुए ग्रामवासी कभी पानी के लिए दूर-दूर तक भटकने वाले ग्रामवासी अपने हाथों में पानी की सप्लाई की कमान पाकर बेहद भावुक नजर आए। ग्रामवासियों ने संकल्प लिया कि वो अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी का संरक्षण करेंगे। जिससे पानी के जो दुख और संकट उन्होंने झेला, वो उनकी आने वाली पीढ़ियों को न भुगतना पड़े। कार्यक्रम के दौरान जलशक्ति मंत्री ने कहा कि वो और जल जीवन मिशन की पूरी टीम गांव-गांव जाकर जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत जान रही है। यह सुनिश्चित कर रही है कि हर घर तक नल से जल पहुंचे। इसमें किसी भी तरह का भेदभाव न हो। इस दौरान जलशक्ति मंत्री ने ग्रामवासियों से पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन के कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे है वह बुंदेलखंड को अलग राज्य के लिए जिलों जिलों में दौरे कर रहे है उस दौरान प्रेस को यह बताने में नहीं चूकते कि 28 हजार करोड़ की जल जीवन योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी इसकी जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए ।
कार्यक्रम के दौरान जालौन के जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरजंन,  एमएलसी रमा निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में जल जीवन मिशन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।