पशुपालन ऋण में पशुपालक को परेशान करने का आरोप, जिलाधिकारी समीर ने केनरा बैंक प्रबंधक को तलब कर दिखाई सख्ती,
उरई में पशुपालन ऋण को लेकर एक पशुपालक ने बैंक प्रबंधक पर परेशान करने और आवेदन वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। शिकायत पर जिलाधिकारी समीर ने केनरा बैंक के प्रबंधक को तलब कर ऋण आवेदन की स्थिति पूछी और सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया कि गाय या भैंस खरीदने के लिए ऋण राशि सीधे विक्रेता के बैंक खाते में भेजी जाए। जिलाधिकारी ने ऋण प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने तथा बिचौलियों की भूमिका खत्म करने पर जोर दिया।
बिचौलियों पर लगेगी रोक, पशुपालन ऋण प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के डीएम ने दिए निर्देश
पशुपालक की शिकायत पर हरकत में आया प्रशासन, बैंक प्रबंधक से ऋण की स्थिति पूछी
सरकारी योजना के तहत ऋण पाने के लिए भटक रहा पशुपालक, डीएम ने बैंक को दिए निर्देश
उरई । पशुपालन ऋण के लिए एक पशुपालक ने बैंक अधिकारी द्वारा परेशान किए जाने और आवेदन निरस्त कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित पशुपालक ने जिलाधिकारी समीर को शिकायत करते हुए बताया कि ऋण से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होने के बाद भी बैंक मैनेजर द्वारा उसे आवेदन वापस लेने के लिए कहा जा रहा था। शिकायत पर जिलाधिकारी ने केनरा बैंक के प्रबंधक को कार्यालय बुलाया और पशुपालक के सामने ही ऋण स्वीकृति की स्थिति की जानकारी ली।
जिलाधिकारी के सामने पेश होते हुए बैंक प्रबंधक ने पशुपालक पर दलाली देने का आरोप लगाया। इस पर नाराज पशुपालक ने स्पष्ट कहा कि उससे किसी प्रकार की दलाली नहीं ली गई है और वह केवल सरकारी योजना के तहत अपना वैध अधिकार पाना चाहता है। पशुपालक का कहना था कि उसके पास ऋण हेतु मांगे गए सभी दस्तावेज पहले से उपलब्ध थे, फिर भी बैंक में उसे बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
मामले पर जिलाधिकारी समीर ने सख्त रुख अपनाते हुए बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि यदि पशुपालक दूध देने वाला गाय या भैंस खरीदना चाहता है, तो ऋण राशि सीधे विक्रेता के बैंक खाते में भेजी जाए। उन्होंने कहा कि इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और दलाली की प्रथा पर रोक लगेगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि बैंक पशुपालक को इधर-उधर घुमाएगा, तो दलालों का जाल और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि पशुपालकों को ऋण देने की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई जाए, ताकि वे बिना अनावश्यक रुकावट के दूध देने वाले पशु खरीद सकें और अपनी आजीविका बढ़ा सकें। जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद बैंक प्रबंधक से पशुपालक के आवेदन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की अपेक्षा की गई है। घटना के बाद पशुपालकों में यह उम्मीद जगी है कि बैंकों में ऋण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और दलाली की शिकायतों पर अंकुश लगेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस