आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर भड़के अभिजीत दीपके, बोले- “कल असम आ रहा हूं, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लेना”
अभिजीत दीपके ने कहा कि मैं कल सुबह असम के लिए फ्लाइट लूंगा, क्योंकि आशु को पुलिस ने अभी तक रिहा नहीं किया है। हम गिरफ्तारी या जेल की धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे। आप मुझे कल एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर सकते हैं।
सीजेपी के सह-संस्थापक आषुतोष रांका और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को असम पुलिस ने गुवाहाटी में डिटेन कर लिया है. अब इस पर पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक नए पोस्ट में बताया कि वो कल असम जा रहे हैं.
आशुतोष रांका अब तक रिहा नहीं, अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान- “कल असम आ रहा हूं, चाहो तो एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लो”
गुवाहाटी में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन और असम पुलिस के बीच विवाद तेज हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि रांका की रिहाई नहीं हुई तो वह सोमवार सुबह असम पहुंचेंगे। वहीं रांका ने हिरासत के दौरान असम सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि संगठन स्थानीय मुद्दों को उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
गुवाहाटी में हिरासत के बाद गरमाया मामला
असम के गुवाहाटी में रविवार को CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम के कई सदस्यों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया। संगठन का कहना है कि कार्यकर्ता असम में स्थानीय मुद्दों को लेकर अभियान चला रहे थे और इसी सिलसिले में एक बैठक आयोजित की जानी थी।
रांका की हिरासत के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आशुतोष रांका को अभी तक रिहा नहीं किया गया है और इसी वजह से वह अगले दिन सुबह असम पहुंच रहे हैं।
दीपके ने अपने बयान में कहा कि संगठन गिरफ्तारी या जेल की धमकियों से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार करना है तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार किया जा सकता है।
“कल सुबह असम जा रहा हूं”
अभिजीत दीपके के इस बयान ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रांका की रिहाई नहीं होने की स्थिति में वह खुद असम पहुंचेंगे।
उनका कहना है कि संगठन किसी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। दीपके के बयान के बाद अब यह देखने पर नजर है कि उनके असम पहुंचने के बाद पुलिस और CJP के बीच क्या स्थिति बनती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच रांका की हिरासत और उनके साथ मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं की स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
स्कूलों की हालत को लेकर अभियान
CJP की ओर से बताया गया है कि आशुतोष रांका और उनकी टीम असम में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अभियान चला रही थी। संगठन का दावा है कि वह जमीनी स्तर पर जाकर स्कूलों और स्थानीय समस्याओं की स्थिति को समझने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा मतदाता सूची से जुड़े SIR मुद्दे को लेकर भी संगठन की गतिविधियां चल रही थीं। CJP का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर लोगों से बातचीत और बैठकें की जा रही थीं।
संगठन के मुताबिक, इसी अभियान के तहत गुवाहाटी में स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों के साथ बैठक प्रस्तावित थी। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई की बात सामने आई।
रांका ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
हिरासत के बाद सामने आए एक वीडियो में आशुतोष रांका पुलिस वाहन में नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक निजी संपत्ति पर स्थानीय लोगों के साथ शांतिपूर्ण बैठक आयोजित की जानी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें और उनकी टीम को हिरासत में ले लिया।
रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि CJP असम के स्कूलों की स्थिति और दूसरे स्थानीय मुद्दों को देश के सामने लाना चाहती है।
उन्होंने काजीरंगा को लेकर भी कई सवाल उठाए। रांका का आरोप है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे गंभीर हैं और जमीन, जंगल तथा पानी से जुड़े मामलों में स्थानीय लोगों की भूमिका तथा अधिकारों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार का विस्तृत पक्ष इस घटनाक्रम में सामने आना बाकी है। इसलिए रांका द्वारा लगाए गए आरोपों को फिलहाल उनके और संगठन के दावे के रूप में देखा जा रहा है।
“हम डरने वाले नहीं हैं”
पुलिस वाहन से जारी वीडियो में रांका ने कहा कि संगठन धमकी से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक असम की व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सुधार नहीं होता, तब तक वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
रांका ने कहा कि संगठन असम के लोगों के अधिकारों और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी गतिविधियां जारी रखेगा। उन्होंने सरकार पर दबाव बनाने के बजाय मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की बात कही।
उनके बयान के बाद CJP कार्यकर्ताओं और समर्थकों की ओर से भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देखने को मिली।
हिरासत को लेकर उठे सवाल
आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस कार्रवाई के आधार को लेकर उठ रहा है। संगठन का कहना है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण था और किसी तरह की हिंसक गतिविधि की योजना नहीं थी।
दूसरी तरफ, पुलिस की कार्रवाई के पीछे क्या कानूनी आधार था और हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इसको लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
मामले में आगे की स्थिति रांका की रिहाई और उनके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
अब दीपके के असम पहुंचने पर नजर
आशुतोष रांका की हिरासत के बाद अब अभिजीत दीपके के असम जाने के ऐलान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। दीपके ने साफ कहा है कि वह अगले दिन सुबह असम पहुंचेंगे और यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है तो एयरपोर्ट पर ही कार्रवाई कर सकती है।
CJP की ओर से इसे संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने का कदम बताया जा रहा है। वहीं, अब प्रशासन और पुलिस की ओर से दीपके के असम पहुंचने के बाद क्या कार्रवाई की जाती है, यह महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। एक तरफ CJP अपने अभियान और आरोपों को लेकर मुखर है, तो दूसरी तरफ हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को लेकर पुलिस की आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस