राज्यसभा उपचुनाव को लेकर MP में सियासी हलचल तेज: BJP कोर ग्रुप की बैठक में उम्मीदवारों पर मंथन, 3-4 नामों का पैनल केंद्र को भेजा; MP के साथ बाहरी राज्यों के नेताओं के नाम भी चर्चा में
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए भाजपा चार-पांच संभावित नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगी। मुख्यमंत्री निवास पर हुई कोर ग्रुप की बैठक में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बड़ी रैलियां करने के साथ यूसीसी और सरकार के तीन साल के कामकाज पर भी चर्चा हुई।
बीजेपी कोर ग्रुप की मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है। पार्टी लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत तीन बड़ी रैलियां करेगी। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव के लिए भी उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई है। इसमें कुछ राज्य और कुछ बाहरी नाम भी है
डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू, जल्द हो सकता है उम्मीदवार के नाम का ऐलान
भोपाल। केंद्र में मंत्री रहे डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश में खाली हुई राज्यसभा की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग की ओर से उपचुनाव का नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही सोमवार, 26 अक्टूबर से चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी बीच भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की अहम बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा उपचुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उम्मीदवार चयन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा हो चुकी है और जल्द ही प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया जाएगा। पार्टी की ओर से संभावित नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है।
3-4 नामों का पैनल केंद्र को भेजा
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के मुताबिक राज्यसभा उम्मीदवार के लिए करीब 3 से 4 नामों का पैनल तैयार किया गया है। इस पैनल में मध्यप्रदेश के नेताओं के साथ-साथ बाहरी राज्यों के नेताओं के नाम भी शामिल हैं। अब अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
उन्होंने संकेत दिया कि उम्मीदवार चयन में कई स्तरों पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश स्तर पर चर्चा के बाद नामों को केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया है। माना जा रहा है कि पार्टी जल्द ही इस सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकती है।
राज्यसभा की यह सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में उम्मीदवार के चयन को लेकर पार्टी संगठन में भी काफी सक्रियता दिखाई दे रही है।
MP के कई नेताओं के नाम चर्चा में
राज्यसभा उपचुनाव के लिए मध्यप्रदेश भाजपा के कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं।
इन नेताओं में से किसी एक को राज्यसभा भेजे जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है। हालांकि भाजपा ने अभी तक इनमें से किसी भी नाम को आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
पार्टी नेतृत्व के सामने क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, संगठन में भूमिका और राजनीतिक अनुभव समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नाम तय करने की चुनौती है।
बाहरी राज्यों के नेताओं पर भी नजर
राज्यसभा चुनाव को लेकर सिर्फ मध्यप्रदेश के नेताओं के नाम ही चर्चा में नहीं हैं। बाहरी राज्यों से भी कुछ नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आए हैं। इनमें तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है।
वनथी श्रीनिवासन का नाम सामने आने के बाद यह अटकलें भी तेज हुई हैं कि भाजपा इस सीट पर मध्यप्रदेश के बजाय किसी बाहरी राज्य के नेता को राज्यसभा भेज सकती है।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में है। हालांकि हरदीप सिंह पुरी को लेकर भी भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि नहीं की गई है।
MP के बाहर के नेता को मौका मिलने की चर्चा
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक इस सीट पर मध्यप्रदेश से बाहर के किसी नेता को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि यह अभी केवल राजनीतिक अटकलों का हिस्सा है और पार्टी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बयान से इतना स्पष्ट है कि केंद्रीय नेतृत्व के पास कई विकल्प मौजूद हैं और अंतिम निर्णय दिल्ली से ही लिया जाएगा।
ऐसे में अब सबकी नजर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हुई है कि वह मध्यप्रदेश से किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा भेजता है या किसी अन्य राज्य के नेता को इस सीट के लिए मौका देता है।
26 अक्टूबर से शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया
डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए चुनाव आयोग की अधिसूचना के साथ सोमवार, 26 अक्टूबर से उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद राजनीतिक दलों में भी गतिविधियां बढ़ गई हैं।
भाजपा के लिए यह चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्यसभा उम्मीदवार के चयन का असर पार्टी के संगठनात्मक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। संभावित उम्मीदवारों में संगठन से जुड़े नेताओं के नाम होने के कारण पार्टी के अंदर भी इस फैसले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया है कि राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर प्रदेश स्तर पर चर्चा हो चुकी है और 3-4 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है। इसमें मध्यप्रदेश और दूसरे राज्यों के नेताओं के नाम शामिल हैं।
अब केंद्रीय नेतृत्व इन नामों पर विचार करने के बाद अंतिम उम्मीदवार तय करेगा। पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा होने तक सभी नामों को संभावित दावेदार ही माना जा रहा है।
राज्यसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा के अंदर चल रही कवायद के बीच आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी मध्यप्रदेश के किसी नेता पर भरोसा जताती है या फिर बाहरी राज्य के किसी बड़े चेहरे को राज्यसभा भेजने का फैसला करती है।
कौन बनेगा राज्यसभा उम्मीदवार?
फिलहाल संभावित नामों की चर्चा में मध्यप्रदेश से अरविंद भदौरिया, राहुल कोठारी, आशीष अग्रवाल, विनोद गोटिया, शैलेंद्र बरुआ और रंजना बघेल के नाम बताए जा रहे हैं। वहीं बाहरी राज्यों से वनथी श्रीनिवासन और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम की चर्चा है।
हालांकि इन सभी नामों को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। भाजपा की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राज्यसभा की खाली सीट पर पार्टी किस चेहरे को मैदान में उतारती है।
फिलहाल भोपाल से लेकर दिल्ली तक भाजपा के संभावित उम्मीदवार को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजर केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई है।
खरगे के बयान पर निंदा प्रस्ताव पारित
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर चर्चा हुई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, कोर ग्रुप ने टिप्पणी की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने इसे अनुचित बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
यूसीसी पर भी हुई चर्चा
कोर ग्रुप की बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पारित होने के विषय पर भी चर्चा की गई। हालांकि, बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष की ओर से इस मुद्दे पर किसी विस्तृत निर्णय या समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई।
सिंधिया नहीं दिखे
गौरतलब है कि कोर ग्रुप की मीटिंग में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं पहुंचे थे। हालांकि शिवराज सिंह चौहान जरूर मौजूद थे। उन्होंने अकेले में भी प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब से मुलाकात की है। बीजेपी अब कांग्रेस के नैरेटिव को तोड़ने के लिए मध्य प्रदेश में आक्रामक रूख अपनाने वाली है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस