"वोट मुझे नहीं दोगे तो किसको दोगे?" विधायक प्रीतम लोधी का जवाब वायरल, बिजली-पानी की शिकायत पर थमाई पानी की बोतल
पिछोर से BJP विधायक प्रीतम लोधी का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में गांव की कुछ महिलाएं पेयजल संकट की शिकायत लेकर विधायक के पास पहुंचती हैं। इस दौरान विधायक अपनी कार से पानी की एक बोतल निकालकर महिलाओं की ओर बढ़ा देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं...
शिवपुरी में परेशान महिलाओं ने रोका था विधायक लोधी का काफिला, बिजली, सड़क और पानी की समस्याओं को लेकर सुना डाली खरी-खोटी, सामने आया वीडियो
शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक ग्रामीण महिलाओं के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। महिलाएं गांव में लंबे समय से बिजली और पानी की समस्या से परेशान होने की शिकायत करती हैं, लेकिन बातचीत के दौरान विधायक का एक जवाब और बाद में पानी की बोतल बढ़ाने का उनका अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में ग्रामीण महिलाएं विधायक की गाड़ी रोककर उनसे गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने की मांग करती दिखाई देती हैं। महिलाओं का कहना है कि गांव में बिजली नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति भी ठप पड़ी है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी दौरान विधायक का कथित बयान—"वोट मुझे नहीं दोगे... तो किसको दोगे?"—अब राजनीतिक बहस का कारण बन गया है।
ग्रामीण महिलाओं ने रोकी विधायक की गाड़ी
जानकारी के अनुसार, विधायक प्रीतम लोधी रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर निकले थे। इसी दौरान एक गांव की महिलाओं ने उनकी गाड़ी रोक ली और उन्हें गांव की समस्याओं से अवगत कराया। महिलाओं ने कहा कि गांव में बिजली नहीं है, पानी नहीं मिल रहा और लोग बेहद परेशान हैं।
महिलाओं ने भावुक होकर कहा, "हम मरे जात हैं, बहुत परेशानी हो रही है।"
इस पर विधायक ने पहले उनसे शिकायत लिखकर देने की बात कही। बातचीत के दौरान माहौल हल्का-फुल्का था, तभी महिलाओं ने मजाक में कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अगली बार उन्हें वोट नहीं देंगे।
इस पर विधायक ने जवाब दिया, "वोट हमें नहीं दोगी तो किसको दोगी वोट?"
महिलाओं ने भी मुस्कुराते हुए कहा कि "वोट तो तुम्हें ही देंगे, लेकिन पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।"
पानी की बोतल बढ़ाने का वीडियो बना चर्चा का विषय
बातचीत के दौरान विधायक ने अपनी कार में रखी पानी की एक छोटी बोतल निकालकर महिलाओं की ओर बढ़ा दी और कहा, "लो, पानी पी लो।"
इस पर महिलाओं ने तुरंत जवाब दिया, "इतने पानी से क्या होगा?"
वीडियो में यह दृश्य सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हो रहा है। कई लोग इसे जनसमस्या पर हल्के अंदाज में प्रतिक्रिया मान रहे हैं, जबकि कुछ समर्थकों का कहना है कि बातचीत पूरी तरह हास्य-परिहास के माहौल में हो रही थी और वीडियो को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है।
दो महीने से खराब पड़ा ट्रांसफार्मर
बातचीत के दौरान पीछे से एक ग्रामीण की आवाज भी सुनाई देती है। वह विधायक से कहता है कि गांव का ट्रांसफार्मर (डीपी) पिछले दो महीने से खराब पड़ा है। बिजली नहीं होने के कारण पूरे गांव में अंधेरा रहता है और पानी की सप्लाई भी बंद है।
इसके बाद महिलाओं ने विधायक से नई डीपी लगवाने की मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलवाया जाए ताकि गांव में बिजली और पानी की समस्या दूर हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
बिजली नहीं तो पानी भी बंद
ग्रामीणों के अनुसार गांव में बिजली आपूर्ति ठप होने से मोटर नहीं चल पा रही हैं। इसका सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी और उमस के बीच बिजली और पानी दोनों की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
महिलाओं ने विधायक से कहा कि गांव की सबसे बड़ी जरूरत बिजली बहाल करना और पेयजल की व्यवस्था करना है। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों के समर्थक इसे जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील रवैया बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थकों का कहना है कि बातचीत मजाकिया माहौल में हुई थी और वीडियो का केवल एक हिस्सा वायरल किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी राजनीति में ऐसे वीडियो तेजी से वायरल होते हैं और जनप्रतिनिधियों के व्यवहार पर लोगों की नजर रहती है। ऐसे में सार्वजनिक संवाद के दौरान दिए गए छोटे-छोटे बयान भी बड़े राजनीतिक मुद्दे बन जाते हैं।
पहले भी विवादों में रहे हैं प्रीतम लोधी
यह पहला अवसर नहीं है जब विधायक प्रीतम लोधी विवादों में आए हों। इससे पहले भी उनके कई बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन चुके हैं।
ब्राह्मण समाज और कथावाचकों को लेकर की गई उनकी टिप्पणियां काफी चर्चित रही थीं। उन बयानों के बाद पार्टी ने उन्हें कुछ समय के लिए बाहर का रास्ता भी दिखाया था, हालांकि बाद में उनकी संगठन में वापसी हो गई।
हाल ही में पटवारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर दिए गए उनके बयान ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को "उल्टा लटकाने" जैसी टिप्पणी की थी। उस बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला था।
विधायक ने दी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद विधायक प्रीतम लोधी ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह याद नहीं है कि वायरल वीडियो किस गांव का है, लेकिन ग्रामीणों ने बिजली और पानी की समस्या बताई थी और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
विधायक ने कहा, "मैं रोज अपनी विधानसभा में लोगों के बीच रहता हूं। जनता की समस्याओं का समाधान करना मेरी प्राथमिकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "मोदी और लोधी कभी छुट्टी नहीं लेते, रोज काम करते हैं।"
अब समाधान का इंतजार
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है कि आखिर दो महीने से खराब पड़ा ट्रांसफार्मर कब बदलेगा और गांव में बिजली तथा पानी की नियमित व्यवस्था कब बहाल होगी।
राजनीतिक बयानबाजी और वायरल वीडियो से अलग, गांव के लोगों की प्राथमिक चिंता मूलभूत सुविधाएं हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी कर पाते हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस