आशिक का जनाजा है, हम निकाल चुके हैं यहां से', दिग्विजय सिंह की अयोध्यात्रा पर BJP विधायक का तंज

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पदयात्रा पर है. वह उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा कर रहे हैं. इस यात्रा को लेकर बीजेपी विधायक ने उनपर निशाना साधा है. उन्होंने दिग्विजय की पदयात्रा को आशिक का जनाजा बताया है. उन्होंने कहा कि दिग्विजय जब मुख्यमंत्री थे तब उन्हें सनातन की परवाह नहीं थी.

आशिक का जनाजा है, हम निकाल चुके हैं यहां से', दिग्विजय सिंह की अयोध्यात्रा पर BJP विधायक का तंज

दिग्विजय सिंह की पदयात्रा अभी राजगढ़ पहुंची भी नहीं है, लेकिन उससे पहले ही जिले में सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ पर राजगढ़ और खिलचीपुर के भाजपा विधायकों ने तीखे तंज कसे हैं।

राजगढ़। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के राजगढ़ पहुंचने से पहले ही जिले की राजनीति गरमा गई है। दिग्विजय सिंह की पदयात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजगढ़ और खिलचीपुर विधायकों ने तीखे बयान दिए हैं। राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव ने दिग्विजय सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि “आशिक (दिग्विजय सिंह) का जनाजा तो यहां से निकल चुका है। अब क्या जरूरत है उनकी? अब वे नए सिरे से अपना जीवन तलाश रहे हैं, तो तलाशने दो।”

भाजपा विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिग्विजय सिंह की यात्रा अभी राजगढ़ जिले में पहुंची भी नहीं है, लेकिन यात्रा के मुद्दों को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं ने दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल, सनातन और राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।

राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव ने साधा निशाना

राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव ने दिग्विजय सिंह की यात्रा को लेकर कहा कि उन्हें इस यात्रा से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के पुराने कार्यकाल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए दिग्विजय सिंह को सनातन की याद नहीं आई।

अमर सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भगवान सभी को सद्बुद्धि दें और दिग्विजय सिंह अच्छी यात्रा निकालें। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या के बाद दिग्विजय सिंह काशी और मथुरा की ओर भी जाएं।

विधायक ने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मंदिर बन चुका है और अब काशी तथा मथुरा बाकी हैं। उनके बयान में दिग्विजय सिंह की यात्रा के साथ-साथ धार्मिक स्थलों और सनातन से जुड़े मुद्दों को भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया गया।

‘आशिक का जनाजा निकल चुका है’

राजगढ़ विधायक का सबसे चर्चित बयान दिग्विजय सिंह को लेकर उनका ‘आशिक’ वाला तंज रहा। उन्होंने कहा कि “आशिक का जनाजा तो यहां से निकल चुका है।” इसके बाद उन्होंने कहा कि अब दिग्विजय सिंह नए सिरे से अपना जीवन तलाश रहे हैं तो उन्हें तलाशने दिया जाए।

भाजपा विधायक के इस बयान को दिग्विजय सिंह की राजनीतिक भूमिका और उनके पुराने प्रभाव पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। यात्रा के राजगढ़ पहुंचने से पहले ही इस तरह की बयानबाजी ने जिले में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी ने भी कसा तंज

खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी ने भी दिग्विजय सिंह की यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के पास अब कोई काम नहीं बचा है। भाजपा विधायक ने उनके राजनीतिक सफर और मुख्यमंत्री कार्यकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यात्रा के जरिए राजनीतिक मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

दोनों भाजपा विधायकों ने दिग्विजय सिंह के पुराने शासनकाल और राम मंदिर निर्माण से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की। ऐसे में दिग्विजय सिंह की यात्रा के राजगढ़ पहुंचने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू होता दिखाई दे रहा है।

मंदिरों के चढ़ावे में पारदर्शिता का मुद्दा उठा रहे दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के दौरान मंदिरों में चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता और राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित गड़बड़ी की जांच जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं। दिग्विजय सिंह इन मुद्दों के जरिए धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की बात कर रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने इन्हीं मुद्दों को लेकर दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया है। उनका कहना है कि दिग्विजय सिंह को अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान सनातन और धार्मिक मुद्दों पर अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।

इस तरह यात्रा के मुद्दे अब केवल पदयात्रा तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि इसके जरिए भाजपा और कांग्रेस के बीच पुरानी राजनीतिक बहस भी सामने आने लगी है।

26 अक्टूबर से शुरू होगा राजगढ़ जिले का कार्यक्रम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिग्विजय सिंह की यात्रा 26 अक्टूबर को सारंगपुर पहुंचेगी। इसके बाद 27 अक्टूबर को सारंगपुर से तुकोगंज होते हुए गुलावता तक यात्रा का कार्यक्रम है। 28 अक्टूबर को यात्रा खुजनेर पहुंचेगी, जबकि 29 अक्टूबर को करेड़ी की ओर बढ़ेगी।

इसके बाद 30 अक्टूबर को दिग्विजय सिंह की यात्रा राजगढ़ नगर पहुंचेगी। 31 अक्टूबर को यात्रा कालीपीठ की ओर आगे बढ़ेगी। यात्रा के जिले में प्रवेश करने से पहले ही भाजपा नेताओं के बयान सामने आने के बाद अब सभी की नजरें दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

यात्रा के दौरान उठाए जा रहे मुद्दों पर होगी नजर

दिग्विजय सिंह की यह यात्रा धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश करती नजर आ रही है। यात्रा के दौरान सनातन, मंदिरों की व्यवस्था, चढ़ावे में पारदर्शिता और राम मंदिर से जुड़े चंदे जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।

दूसरी ओर भाजपा विधायक दिग्विजय सिंह के पुराने मुख्यमंत्री कार्यकाल को सामने रखकर कांग्रेस पर हमला कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का तर्क है कि जिन मुद्दों को लेकर अब दिग्विजय सिंह सवाल उठा रहे हैं, उन पर उनके मुख्यमंत्री रहते हुए भी चर्चा होनी चाहिए थी।

यही वजह है कि यात्रा के राजगढ़ पहुंचने से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अब यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह किन मुद्दों पर जोर देते हैं और भाजपा के आरोपों का किस तरह जवाब देते हैं, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

राजगढ़ पहुंचने पर क्या होगा दिग्विजय सिंह का जवाब?

दिग्विजय सिंह की यात्रा अभी जिले में पहुंची नहीं है, लेकिन भाजपा नेताओं के तीखे बयानों ने इसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार कर दी है। खास तौर पर राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव का ‘आशिक का जनाजा’ वाला बयान चर्चा का विषय बन गया है।

अब देखना होगा कि 30 अक्टूबर को राजगढ़ पहुंचने के बाद दिग्विजय सिंह भाजपा विधायकों के इन बयानों पर सीधे प्रतिक्रिया देते हैं या अपनी यात्रा के मूल मुद्दों पर ही फोकस बनाए रखते हैं। फिलहाल यात्रा से पहले शुरू हुई यह बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।

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