BJP सांसद कुलस्ते का डेंगू पर बड़ा बयान- ‘कोई नहीं मरता’, कांग्रेस विधायक से बोले- क्या उनके कहने से मर जाऊंगा?

कुलस्ते की बीमारी पर कांग्रेस के सवालों से गरमाई सियासत, सांसद बोले- ‘मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं’

BJP सांसद कुलस्ते का डेंगू पर बड़ा बयान- ‘कोई नहीं मरता’, कांग्रेस विधायक से बोले- क्या उनके कहने से मर जाऊंगा?

डेंगू से ठीक होकर लौटे कुलस्ते बोले- ‘मैं आपके सामने खड़ा हूं’, कांग्रेस विधायक के सवाल पर पूछा- क्या उनके कहने से मैं मर जाऊंगा?

मंडला। मंडला लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते डेंगू से उपचार के बाद दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज होकर वापस लौट आए हैं। मंडला पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी सेहत को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अब उनकी तबीयत ठीक है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने इलाज और स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस विधायक चैन सिंह वरकड़े के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

कुलस्ते ने कहा कि उन्हें डेंगू हुआ था और इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि वह लोगों के सामने खड़े हैं और ठीक होकर लौटे हैं। सांसद के इस बयान के बाद मंडला में उनकी बीमारी को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।

18 सितंबर को बिगड़ी थी तबीयत, दिल्ली पहुंचे थे कुलस्ते

फग्गन सिंह कुलस्ते के मुताबिक तबीयत खराब होने के बाद वह 18 सितंबर को मंडला से दिल्ली रवाना हुए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने एम्स में जांच कराई, जहां डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चला।

इलाज पूरा होने के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद वह वापस मंडला लौट आए। कुलस्ते ने कहा कि फिलहाल उनकी तबीयत अच्छी है और इलाज हो चुका है।

सांसद ने लोगों से डेंगू को लेकर अनावश्यक भय नहीं फैलाने की बात कही। उन्होंने आराम करने, पर्याप्त पानी पीने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार कराने पर जोर दिया।

हालांकि, डेंगू को हल्के में लेना उचित नहीं माना जाता। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के कुछ मामले गंभीर रूप ले सकते हैं और तेज बुखार या अन्य चेतावनी वाले लक्षणों में चिकित्सकीय निगरानी जरूरी होती है।

कांग्रेस विधायक के सवाल पर कुलस्ते का पलटवार

कुलस्ते के दिल्ली एम्स में इलाज कराने को लेकर निवास से कांग्रेस विधायक चैन सिंह वरकड़े ने सवाल उठाए थे। विधायक ने मंडला की स्वास्थ्य व्यवस्था और जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई थी।

इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कुलस्ते ने कहा कि विधायक चैन सिंह वरकड़े कुछ भी कहें, उससे उनकी स्थिति नहीं बदलती। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या विधायक के कहने से वह मर जाएंगे? सांसद ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि वह स्वस्थ हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

कुलस्ते के इस बयान को उनके और कांग्रेस विधायक के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

‘मैं तो आपके सामने खड़ा हूं’

कुलस्ते ने अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें डेंगू हुआ था, लेकिन इलाज के बाद वह ठीक हो गए। उन्होंने अपनी मौजूदगी को ही अपनी सेहत का जवाब बताते हुए कहा कि वह लोगों के सामने खड़े हैं।

सांसद ने डेंगू को लेकर लोगों को घबराने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बीमारी के दौरान पर्याप्त पानी पीना, खाना लेना और आराम करना जरूरी है।

उनके बयान के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक हलकों में डेंगू तथा मंडला की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

विधायक ने मंडला की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक चैन सिंह वरकड़े ने कुलस्ते के दिल्ली जाकर इलाज कराने के मुद्दे को केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मामला नहीं माना। उन्होंने इसे मंडला की स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ते हुए जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया।

विधायक का कहना था कि कुलस्ते लंबे समय से सांसद हैं और कई बार केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। इसके बावजूद बीमारी की स्थिति में उन्हें दिल्ली एम्स जाना पड़ा। वरकड़े ने सवाल उठाया कि अगर एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को उपचार के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है, तो मंडला के सामान्य और गरीब मरीजों के सामने क्या विकल्प बचता है।

कांग्रेस विधायक ने जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

‘स्वास्थ्य मंत्री रहने के बाद भी दिल्ली जाना पड़ा’

वरकड़े ने कुलस्ते के पुराने राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि जब कुलस्ते केंद्र सरकार में मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं, तब मंडला की स्वास्थ्य सुविधाओं में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि दिल्ली का एम्स कांग्रेस सरकार के समय स्थापित हुआ था और आज उसी संस्थान में मंडला के सांसद को इलाज के लिए जाना पड़ा।

उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों के पास देश के बड़े अस्पतालों तक पहुंच हो सकती है, लेकिन ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है।

बीमारी से ज्यादा स्वास्थ्य व्यवस्था बनी राजनीतिक मुद्दा

पूरे विवाद में अब चर्चा केवल कुलस्ते की बीमारी तक सीमित नहीं है। भाजपा सांसद के स्वस्थ होकर लौटने के बाद जहां उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर आश्वस्त किया है, वहीं कांग्रेस विधायक ने मंडला की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

एक ओर कुलस्ते का कहना है कि इलाज के बाद वह स्वस्थ हैं और लोगों को डेंगू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर कांग्रेस विधायक का जोर इस बात पर है कि मंडला में ही बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच डेंगू से जुड़ी वास्तविक स्वास्थ्य सावधानियां भी महत्वपूर्ण हैं। दिल्ली में सितंबर 2026 के शुरुआती 12 दिनों में 121 डेंगू मामले सामने आने और साल की कुल संख्या 432 पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी।

कुलस्ते बोले- स्वास्थ्य अब ठीक, विवाद जारी

फग्गन सिंह कुलस्ते फिलहाल उपचार के बाद मंडला लौट चुके हैं और उन्होंने अपनी तबीयत ठीक बताई है। उनके बयान से साफ है कि वह अपनी बीमारी को लेकर उठाए जा रहे राजनीतिक सवालों से सहमत नहीं हैं।

वहीं कांग्रेस विधायक चैन सिंह वरकड़े अपने सवालों के जरिए मंडला की चिकित्सा व्यवस्था, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और जिला अस्पताल की क्षमता को मुद्दा बना रहे हैं।

ऐसे में कुलस्ते की बीमारी से शुरू हुआ मामला अब मंडला की स्वास्थ्य सुविधाओं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। सांसद का कहना है कि वह स्वस्थ होकर लौटे हैं, जबकि कांग्रेस विधायक इस घटना के बहाने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों पर जवाब मांग रहे हैं।