गलत काम करने वालों सुधर जाओ, वरना अगले जन्म में नाग बनोगे: मंत्री करण सिंह वर्मा का अनोखा बयान

​राजस्व मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में किसी का बुरा नहीं करना चाहिए। दूसरों का बुरा करने या बदले की भावना रखने वालों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा जिंदगी में यह भाव त्याग दो, वरना अगले जन्म में नाग बनोगे।

गलत काम करने वालों सुधर जाओ, वरना अगले जन्म में नाग बनोगे: मंत्री करण सिंह वर्मा का अनोखा बयान

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि पहले हमें इछावर विधानसभा से 42 प्रतिशत वोट मिले थे, अबकी बार 54 प्रतिशत वोट मिले हैं। जो आज हमें सहयोग नहीं कर रहे हैं, वे कल करेंगे

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का दिया गया बयान चर्चा में है। ढाबला केलवाड़ी गांव में बिजली उपकेंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने लोगों को किसी का बुरा न करने और बदले की भावना से दूर रहने की नसीहत दी। इसी दौरान उन्होंने पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गलत काम करने और दूसरों का बुरा सोचने वालों को सुधर जाना चाहिए, वरना अगले जन्म में नाग बनना पड़ सकता है।

बदले की भावना छोड़ने की दी सलाह

मंत्री करण सिंह वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में किसी का बुरा नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को हमेशा अच्छे कार्य करने और समाज के हित में योगदान देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी से बदला लेने की भावना रखना उचित नहीं है और इंसान को ऐसी सोच से बाहर निकलना चाहिए।

इसी बात को समझाते हुए उन्होंने पौराणिक प्रसंगों का हवाला दिया और कहा कि गलत भावना तथा बुरे कर्म व्यक्ति को गलत दिशा में ले जाते हैं। उन्होंने लोगों से सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने और दूसरों के हित में काम करने का आह्वान किया।

मंत्री के भाषण का यह हिस्सा कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उनके बयान को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री ने इसी संबोधन में अपने राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में मिले समर्थन का भी संदर्भ दिया था।

पौराणिक संदर्भ के जरिए समझाया संदेश

करण सिंह वर्मा ने अपने संबोधन में अच्छे कर्म, बुराई से दूरी और सदमार्ग पर चलने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन में व्यक्ति को ऐसे काम करने चाहिए, जिनसे समाज और आसपास के लोगों को फायदा मिले।

उन्होंने बदले की भावना को छोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि किसी के प्रति बुरी भावना रखना स्वयं व्यक्ति के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने “अगले जन्म में नाग बनोगे” वाली बात कही।

मंत्री के बयान का मूल संदेश लोगों को अच्छे कर्म करने और नकारात्मक भावनाओं से दूर रहने की सलाह से जुड़ा था। हालांकि, उनका यह अंदाज कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच विशेष चर्चा का कारण बन गया।

2.32 करोड़ रुपये से तैयार हुआ बिजली उपकेंद्र

जिस कार्यक्रम में मंत्री ने यह बयान दिया, वह सीहोर जिले के ढाबला गांव में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के लोकार्पण से जुड़ा था। इस नए बिजली उपकेंद्र का निर्माण करीब 2.32 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।

यह उपकेंद्र बिलकिसगंज वितरण केंद्र के अंतर्गत बनाया गया है और 24 सितंबर को इसे ऊर्जीकृत किया गया। उपकेंद्र से तीन 11 केवी फीडर शुरू किए गए हैं। इनमें एक घरेलू फीडर और दो कृषि पंप फीडर शामिल हैं।

नए उपकेंद्र के शुरू होने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है। बिजली विभाग के अनुसार इससे घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

आठ गांवों को मिलेगा बिजली व्यवस्था का लाभ

नए विद्युत उपकेंद्र से ढाबला सहित आसपास के कई गांवों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है। इनमें रामखेड़ी, ढाबला, हीरापुर, पीपलनेर, किशनपुरा, नापली, चैनपुरा और सिकंदरगंज शामिल हैं।

उपकेंद्र के चालू होने के बाद इन क्षेत्रों में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर कृषि क्षेत्र के लिए अलग फीडर शुरू किए जाने से किसानों को सिंचाई के दौरान बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

किसानों को दो कृषि पंप फीडरों का फायदा

नए उपकेंद्र में दो अलग कृषि पंप फीडर बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य कृषि पंपों को सिंचाई के लिए बेहतर वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या के कारण किसानों को कृषि पंप चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। नए उपकेंद्र और कृषि फीडरों के शुरू होने से ऐसी दिक्कतों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।

इससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था को भी सहूलियत मिल सकती है। बिजली आपूर्ति बेहतर होने पर कृषि पंपों के संचालन में आने वाली तकनीकी परेशानियां कम होने की संभावना है।

उपकेंद्र को मिला ISO प्रमाण-पत्र

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आई। ढाबला के नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र को ISO प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। समारोह में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने यह प्रमाण-पत्र सीहोर वृत्त की महाप्रबंधक पूनम तुमराम को प्रदान किया।

बताया गया कि सीहोर जिले में किसी विद्युत उपकेंद्र को पहली बार ISO प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में विद्युत कंपनी के अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक भी मौजूद रहे।

विकास कार्य के मंच से बयान बना चर्चा का विषय

ढाबला में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए विद्युत उपकेंद्र का शुभारंभ था। लेकिन मंत्री करण सिंह वर्मा के संबोधन में दिए गए “अगले जन्म में नाग बनोगे” वाले बयान ने कार्यक्रम को एक अलग वजह से भी चर्चा में ला दिया।

मंत्री ने अपने संबोधन में जहां लोगों से अच्छे कर्म करने और किसी का बुरा नहीं करने की अपील की, वहीं उन्होंने बदले की भावना छोड़ने पर भी जोर दिया। उनका यह बयान अब सीहोर के राजनीतिक और स्थानीय चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आया है।

दूसरी ओर, ढाबला में शुरू हुआ नया विद्युत उपकेंद्र ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विकास कार्य है। दो कृषि फीडरों के शुरू होने से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है, जबकि घरेलू फीडर से ग्रामीण उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की बात कही गई है।

इस तरह कार्यक्रम में एक ओर 2.32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विद्युत अधोसंरचना का लोकार्पण हुआ, वहीं मंत्री का पौराणिक संदर्भ वाला बयान भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।