ट्रैफिक टीआई और भाजपा जिला उपाध्यक्ष के बीच तीखी बहस, पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप; हेलमेट चेकिंग के दौरान हुआ विवाद, वीडियो वायरल
राजधानी भोपाल में हेलमेट चेकिंग के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित और ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल अभय पंडित ने पुलिस पर 'चौथ वसूली' का आरोप लगाया है।
हेलमेट चेकिंग के दौरान भाजपा नेता और टीआई आमने-सामने
फोन पर बात से इनकार के बाद मौके पर पहुंचे अभय पंडित
पुलिस पर "चौथ वसूली" का लगाया गंभीर आरोप
टीआई बोले—सरकारी काम में बाधा डालेंगे तो होगी कार्रवाई
"अभी एक टीआई सस्पेंड हुई है", जवाब मिला—"हमें भी करा दो"
भोपाल। राजधानी भोपाल में ट्रैफिक पुलिस की हेलमेट चेकिंग के दौरान रविवार दोपहर उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित और ट्रैफिक थाना प्रभारी (टीआई) संजय सूर्यवंशी के बीच सड़क पर ही तीखी बहस हो गई। करीब ढाई मिनट तक चली इस नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेता ट्रैफिक पुलिस पर वाहन चालकों से कथित तौर पर "चौथ वसूली" और अवैध वसूली करने का आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि टीआई संजय सूर्यवंशी उन्हें सरकारी कार्य में बाधा नहीं डालने और पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार से बचने की सलाह देते नजर आ रहे हैं।
यह पूरा घटनाक्रम भोपाल के कंट्रोल रूम तिराहे पर हुआ, जहां ट्रैफिक पुलिस विशेष हेलमेट चेकिंग अभियान चला रही थी। अभियान के दौरान बिना हेलमेट बाइक चला रहे एक युवक को पुलिस ने रोक लिया। बताया जा रहा है कि युवक भाजपा से जुड़ा कार्यकर्ता था। उसने मौके पर मौजूद ट्रैफिक टीआई से भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित की फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन टीआई ने फोन पर बातचीत करने से इनकार कर दिया। इसके बाद अभय पंडित स्वयं मौके पर पहुंच गए और यहीं से विवाद शुरू हो गया।
मौके पर पहुंचते ही शुरू हुई बहस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभय पंडित के पहुंचते ही उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। वायरल वीडियो में वे ट्रैफिक पुलिस पर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने और "चौथ वसूली" जैसे गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रैफिक पुलिस नियमों की आड़ में लोगों को परेशान कर रही है।
दूसरी ओर, ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी लगातार शांत रहने की अपील करते रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस केवल मोटर वाहन अधिनियम के तहत अपनी नियमित कार्रवाई कर रही है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। टीआई ने यह भी कहा कि यदि कोई सरकारी कार्य में बाधा डालेगा या पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो में सुनाई दी तीखी नोकझोंक
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों के बीच तीखी जुबानी बहस साफ सुनाई देती है। एक समय अभय पंडित यह कहते नजर आते हैं कि "अभी कुछ दिन पहले ही एक टीआई सस्पेंड हुई है।" इस पर टीआई संजय सूर्यवंशी ने जवाब दिया, "हमें भी करा दो।"
इसके बाद कुछ देर तक दोनों के बीच तीखी बहस जारी रही। टीआई बार-बार यह कहते रहे कि वे केवल अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और कानून के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे।
बहस देखने जुट गई भीड़
सड़क पर अचानक शुरू हुई इस बहस को देखने के लिए आसपास मौजूद लोग रुक गए। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी। कुछ समय बाद यातायात व्यवस्था भी सामान्य कर दी गई।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी
विवाद के बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी। बिना हेलमेट पकड़े गए बाइक चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून का पालन सभी नागरिकों के लिए समान रूप से आवश्यक है और किसी भी प्रकार के दबाव में कार्रवाई नहीं रोकी जाएगी।
टीआई ने दी सफाई
ट्रैफिक थाना प्रभारी संजय सूर्यवंशी ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनसे बहस करने वाले व्यक्ति कौन हैं। उनका कहना है कि वे केवल अपनी ड्यूटी का पालन कर रहे थे।
उन्होंने बताया, "मुझे नहीं पता बहस करने वाले सज्जन कौन थे। हमारी टीम नियमित हेलमेट चेकिंग अभियान चला रही थी। बिना हेलमेट मिले वाहन चालक के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई। जांच में यह भी सामने आया कि उसके तीन पुराने चालान पहले से लंबित थे। नियमानुसार कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे जाने दिया गया।"
टीआई ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार करना और सरकारी कार्य में बाधा डालना कानूनन गलत है। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए नियमों का पालन सभी के लिए समान होने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ लोग भाजपा नेता द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
हालांकि अब तक पुलिस की ओर से अवैध वसूली के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं भाजपा की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कानून सबके लिए समान
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के दौरान यदि प्रभावशाली व्यक्ति या जनप्रतिनिधि हस्तक्षेप करते हैं तो कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा अभियान तभी प्रभावी हो सकते हैं, जब नियमों का पालन बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू किया जाए।
फिलहाल इस मामले में वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि हेलमेट चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती रहेगी। वहीं भाजपा नेता द्वारा लगाए गए आरोपों और सड़क पर हुई इस बहस ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस