NEET-UG विवाद: CJP का 24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान, छात्रों से शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है. पार्टी ने छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.

NEET-UG विवाद: CJP का 24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान, छात्रों से शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है. पार्टी ने छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.

नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन अब एक नए चरण में पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन ने छात्रों, छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपने-अपने जिलों में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की है। CJP का कहना है कि यह आंदोलन केवल परीक्षा में पारदर्शिता की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि उन छात्रों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई भी है, जिन्होंने कथित गड़बड़ियों और पुलिस कार्रवाई का सामना किया है।

"हर जिला, एक दिन, एक मांग" का नारा

CJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें "हर जिला, एक दिन, एक मांग" का नारा दिया गया है। इस अभियान का उद्देश्य पूरे देश में एक ही दिन, एक समान मांगों के साथ विरोध प्रदर्शन आयोजित करना है। संगठन का दावा है कि यदि देशभर के छात्र और सामाजिक संगठन एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे, तो सरकार पर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का दबाव बढ़ेगा।

पोस्टर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर किए जाएं। CJP ने किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचने की अपील की है।

छात्रों और सामाजिक संगठनों से विशेष अपील

संगठन ने देशभर के छात्र संगठनों, युवा समूहों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने-अपने जिलों में स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। प्रदर्शन के दौरान आंदोलन से जुड़ी प्रमुख मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़कर लोगों को जागरूक करने की भी अपील की गई है।

CJP का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि आम जनता को यह बताना भी है कि NEET-UG विवाद को लेकर छात्र किस तरह की समस्याओं और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

वेबसाइट पर जारी किया गया SOP

प्रदर्शन को व्यवस्थित और एक समान तरीके से आयोजित करने के लिए CJP ने अपनी वेबसाइट पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), अभियान सामग्री और ज्ञापन का प्रारूप उपलब्ध कराया है। संगठन के अनुसार, इससे देशभर में होने वाले प्रदर्शन एक समान स्वरूप में आयोजित किए जा सकेंगे।

SOP में प्रदर्शन के दौरान पालन किए जाने वाले दिशा-निर्देश, प्रशासन से समन्वय, शांतिपूर्ण मार्च, ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया और सार्वजनिक संवाद के तरीके शामिल किए गए हैं। संगठन का कहना है कि इससे किसी प्रकार की अव्यवस्था की संभावना कम होगी और आंदोलन अनुशासित ढंग से आगे बढ़ेगा।

'संसद चलो' मार्च के बाद लिया गया फैसला

24 जुलाई के देशव्यापी प्रदर्शन का निर्णय दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो' मार्च के बाद लिया गया है। इस मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव देखने को मिला था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग करने के आरोप लगाए थे।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद कई एफआईआर भी दर्ज की गईं और पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया।

पुलिस कार्रवाई से प्रभावित छात्रों के समर्थन में आंदोलन

CJP का कहना है कि 24 जुलाई का प्रदर्शन उन छात्रों और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में भी आयोजित किया जाएगा, जो हालिया आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। संगठन का आरोप है कि कई छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ।

हालांकि, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के अनुसार की गई और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

CJP की प्रमुख मांगें

संगठन ने अपनी मांगों को एक बार फिर दोहराया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

NEET-UG पेपर लीक के कथित मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच।

दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई।

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।

छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करना।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।

CJP का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार का पक्ष

दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि वह पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से ले रही है। सरकार के अनुसार संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सरकार का यह भी कहना है कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित तथा पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राजनीतिक माहौल भी गरमाया

NEET-UG विवाद अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है। विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।

इसी बीच CJP लगातार देशभर में अपने अभियान का विस्तार कर रही है और विभिन्न छात्र संगठनों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। 24 जुलाई का प्रदर्शन इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

देशभर की नजरें 24 जुलाई पर

अब सभी की निगाहें 24 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न राज्यों में छात्र, सामाजिक संगठन और आम नागरिक किस स्तर पर इस आंदोलन में भाग लेते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहता है या नहीं और इसके बाद सरकार तथा आंदोलनकारी संगठन के बीच किसी तरह की बातचीत का रास्ता निकलता है।

फिलहाल इतना तय है कि NEET-UG विवाद ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में सरकार की कार्रवाई, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आंदोलन की दिशा इस पूरे मामले की अगली तस्वीर तय करेगी।