शिक्षक पात्रता परीक्षा पर जल्द बैठक करेंगे CM मोहन यादव: स्कूल शिक्षा मंत्री ने अफसरों के साथ की बैठक; नियुक्ति तारीख से सेवा गणना और अनुकंपा भर्ती समेत कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बैठक करेंगे। इसमें शिक्षकों को राहत देने के विकल्पों के साथ नियुक्ति तारीख से सेवा गणना, ई-अटेंडेंस में सुधार, अनुकंपा नियुक्ति, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और परिवार पेंशन जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सरकार ने 20 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू करने की भी घोषणा की है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही विभाग के मंत्री और अफसरों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा के मामले में अधिक से अधिक शिक्षकों को राहत दिलाने और विभाग की नीतियों पर निर्णय लिए जाएंगे। इसके साथ ही अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आंदोलन को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन पर अमल के मामले में भी अधिकारी मुख्यमंत्री को नीतिगत तथ्यों से अवगत कराएंगे।
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही विभागीय बैठक कर सकते हैं। प्रस्तावित बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रदेश के शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें शिक्षक पात्रता परीक्षा, नियुक्ति की तारीख से सेवा की गणना, अनुकंपा नियुक्ति, ई-अटेंडेंस व्यवस्था में सुधार, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और परिवार पेंशन जैसे विषय प्रमुख हैं।
गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इन मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय गोयल और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं की जानकारी देते हुए उनके अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
TET को लेकर मुख्यमंत्री की बैठक अहम
शिक्षक पात्रता परीक्षा का मुद्दा लंबे समय से प्रदेश के शिक्षकों के बीच चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रस्तावित बैठक में इस विषय पर विशेष रूप से विचार किया जा सकता है। सरकार शिक्षकों को अधिकतम राहत देने के लिए उपलब्ध विकल्पों पर मंथन कर सकती है।
हालांकि, अभी तक TET को लेकर किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में शिक्षकों की नजर मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बैठक पर बनी हुई है। बैठक में कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात और सरकार की ओर से मिले आश्वासनों के बाद अपना आंदोलन समाप्त किया था। अब शिक्षकों की नजर इस बात पर है कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर किस तरह और कितनी जल्दी अमल होता है।
नियुक्ति की तारीख से सेवा गणना की मांग
शिक्षकों की एक प्रमुख मांग नियुक्ति की तारीख से सेवा की गणना करने की है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी वास्तविक सेवा अवधि नियुक्ति की तारीख से ही मानी जानी चाहिए। इस मांग को लेकर भी लंबे समय से चर्चा होती रही है।
सरकार की प्रस्तावित बैठक में इस विषय पर भी विचार हो सकता है। यदि सरकार इस संबंध में कोई निर्णय लेती है तो इसका सीधा असर शिक्षकों की सेवा अवधि से जुड़े लाभों पर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल इस मामले में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
20 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान शिक्षक भर्ती को लेकर भी बड़ी घोषणा की थी। उन्होंने प्रदेश में 20 हजार शिक्षक पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने की बात कही थी।
कार्यक्रम के दौरान 954 दिवंगत कर्मचारियों के पात्र परिजनों को सहायक ग्रेड-3 के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई। अनुकंपा नियुक्ति के तहत किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार उसके पात्र परिजन को सरकारी नौकरी दी जाती है।
मुख्यमंत्री की शिक्षक भर्ती संबंधी घोषणा के बाद अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग की आगामी बैठकों में भर्ती को लेकर भी आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हो सकती है।
आंदोलन खत्म कराने के दौरान दिए गए थे कई आश्वासन
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अपना आंदोलन समाप्त किया था। उस दौरान शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। TET के मुद्दे पर केंद्र सरकार से बातचीत करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने शिक्षकों का पक्ष रखने का आश्वासन भी दिया गया था।
शिक्षकों का कहना है कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद उन्होंने आंदोलन समाप्त किया है। इसलिए अब इन मांगों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
क्यूरेटिव याचिका में शिक्षकों का पक्ष रखने का भरोसा
TET के मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दायर किए जाने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। क्यूरेटिव याचिका न्यायालय के अंतिम फैसले के बाद उपलब्ध विशेष न्यायिक उपाय है। शिक्षकों की ओर से इस मामले में सरकार से उनका पक्ष मजबूती से रखने की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री की ओर से शिक्षकों को भरोसा दिलाया गया था कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष रखने के लिए आवश्यक प्रयास करेगी। अब प्रस्तावित बैठक में इस मामले की कानूनी स्थिति और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर भी चर्चा हो सकती है।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था में सुधार की मांग
शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग ई-अटेंडेंस व्यवस्था की विसंगतियों को दूर करने की है। ई-अटेंडेंस के जरिए शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाती है। शिक्षकों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ व्यावहारिक समस्याएं हैं, जिन्हें दूर किया जाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को ई-अटेंडेंस व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया था। अब शिक्षक विभाग की ओर से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को इस व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधारों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लागू करने की मांग
शिक्षकों की मांगों में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना भी शामिल है। शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें ऐसी स्वास्थ्य बीमा सुविधा मिले, जिसमें इलाज के दौरान पात्र मामलों में उन्हें तत्काल नकद भुगतान न करना पड़े।
इसके अलावा सेवाकाल के दौरान शिक्षक की मृत्यु होने पर परिवार को पेंशन का लाभ देने की मांग भी उठाई गई है। शिक्षक इस लाभ को 30 मार्च 2021 से प्रभावी किए जाने की मांग कर रहे हैं। इन दोनों विषयों पर भी सरकार की ओर से विचार किए जाने की उम्मीद है।
विभागीय अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश
गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की अधिकारियों के साथ हुई बैठक को आगामी फैसलों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय गोयल और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इससे संकेत मिल रहे हैं कि विभाग शिक्षकों से जुड़े लंबित विषयों पर तैयारी कर रहा है।
अब मुख्यमंत्री की बैठक का इंतजार
फिलहाल मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बैठक की तारीख घोषित नहीं हुई है। माना जा रहा है कि बैठक में TET सहित शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट और विकल्पों की जानकारी ली जा सकती है।
शिक्षकों के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आंदोलन समाप्त होने के दौरान सरकार की ओर से कई मुद्दों पर आश्वासन दिए गए थे। अब शिक्षकों की नजर इस बात पर है कि इन आश्वासनों को लागू करने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है।
TET, नियुक्ति की तारीख से सेवा गणना, ई-अटेंडेंस, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और परिवार पेंशन जैसे मुद्दों पर यदि सरकार कोई निर्णय लेती है तो इसका असर बड़ी संख्या में शिक्षकों और उनके परिवारों पर पड़ सकता है। वहीं 20 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की घोषणा से नए अभ्यर्थियों को भी उम्मीद जगी है।
ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आगामी बैठक में होने वाली चर्चा और उसके बाद लिए जाने वाले फैसलों पर शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की भी नजर रहेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस