CM बोले- दोषियों पर फांसी-उम्रकैद वाली धाराओं में होगी कार्रवाई, प्रशासन को फ्री हैंड; अब तक 28 मौतें — सागर जहरीली शराब कांड

सागर जहरीली शराब कांड के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव जिला अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हाल जाना। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले में 16 आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि 17 फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है।

CM बोले- दोषियों पर फांसी-उम्रकैद वाली धाराओं में होगी कार्रवाई, प्रशासन को फ्री हैंड; अब तक 28 मौतें — सागर जहरीली शराब कांड

जहरीली शराब से मौतों के मामले में सीएम सख्त एक्शन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन को 'फ्री हैंड' दिया है। सीएम ने सागर में मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मरीजों से मुलाकात कर वास्विक स्थिति व उनके इलाज की जानकारी ली। पुलिस, प्रशासन और हेल्थ डिपार्टमेंट अधिकारियों संग बैठक कर समीक्षा के बाद सख्त एक्शन के निर्देश दिए...

सागर जहरीली शराब कांड: CM ने कहा- फांसी-उम्रकैद वाली धाराओं में होगी कार्रवाई, प्रशासन को फ्री हैंड; अब तक 28 मौतों का दावा

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर जिला अस्पताल पहुंचकर जहरीली शराब कांड में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मरीजों के इलाज, अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं और चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहरीली शराब बनाने, बेचने और सप्लाई करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ आजीवन कारावास और फांसी जैसी सजा वाली धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने प्रशासन को इस मामले में फ्री हैंड देते हुए कहा कि अवैध शराब के नेटवर्क को खत्म करने के लिए जरूरत के मुताबिक हर जरूरी कदम उठाया जाए।

अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जिला अस्पताल पहुंचे और यहां भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली और डॉक्टरों से इलाज की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। जहरीली शराब के कारण जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति सरकार संवेदनशील है। प्रभावित मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 28 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है, हालांकि प्रशासन की ओर से फिलहाल 15 मौतों की पुष्टि की गई है। कई मरीज अभी भी अस्पतालों में उपचाररत हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की जांच लगातार जारी है।

आरोपियों पर फांसी और उम्रकैद वाली धाराओं में कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जहरीली शराब बनाने और उसके कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सामान्य कार्रवाई नहीं होगी। आरोपियों पर ऐसी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी, जिनमें आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब के कारण लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। आबकारी एक्ट के तहत भी मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को खत्म करना है, जिसके जरिए अवैध शराब तैयार कर लोगों तक पहुंचाई जा रही थी।

प्रशासन को दिया फ्री हैंड

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए फ्री हैंड दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपने स्तर पर हर आवश्यक कदम उठाए। यदि अवैध गतिविधियों से जुड़े ठिकानों पर अतिक्रमण या अन्य निर्माण सामने आते हैं तो नियमानुसार उन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाए।

सरकार का फोकस अवैध शराब तैयार करने से लेकर उसकी पैकिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर है। पुलिस और प्रशासन अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने के साथ उनके ठिकानों और संपर्कों की भी जांच कर रहे हैं।

33 आरोपियों में से 16 गिरफ्तार

पुलिस की जांच में अब तक कुल 33 आरोपियों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 17 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पूछताछ में अवैध शराब तैयार करने, उसकी पैकिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई करने से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध शराब के कारोबार में कौन-कौन लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे।

जांच के दौरान बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, निवासी बंडा, की भूमिका भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के मुताबिक मनीष लोधी अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा के संपर्क में था।

रवि लखेरा से मिला था शराब बनाने का फार्मूला

पुलिस की जांच के अनुसार अवैध शराब तैयार करने का तरीका और उसका फार्मूला रवि लखेरा से मिलने के बाद शराब तैयार की गई थी। इसके बाद उसे पैक कर ग्रामीण इलाकों में सप्लाई किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब बनाने के लिए किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और इसे तैयार करने में कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही शराब की सप्लाई किन इलाकों में की गई और वहां तक इसे पहुंचाने में किन लोगों ने मदद की, इसकी भी जांच की जा रही है।

फरार आरोपियों पर इनाम घोषित

पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा भी की है। फरार मुख्य आरोपी मनीष लोधी और रवि लखेरा पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, अन्य 15 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस की जांच अब केवल शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां शराब तैयार करने, पैकिंग, परिवहन और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध शराब का कारोबार कितने समय से चल रहा था और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि शराब की बिक्री और सप्लाई किन-किन स्थानों पर की गई।

मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल वर्तमान मामले के दोषियों को सजा दिलाना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी है।

फिलहाल सागर में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का खुलासा इस मामले की जांच का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।