PM मोदी को कैप्टन स्मित ने बताया विमान हादसे का खौफनाक पल- घायल होकर भी हनुमान चालीसा पढ़ते हुए खोला कॉकपिट का दरवाजा

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्लाईदुबई कैप्टन स्मित से बात कर उनकी असाधारण बहादुरी को सराहा. स्मित ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बचाया. पीएम ने कहा, भारत जान लेने वाला नहीं, बचाने वाला देश है.

PM मोदी को कैप्टन स्मित ने बताया विमान हादसे का खौफनाक पल- घायल होकर भी हनुमान चालीसा पढ़ते हुए खोला कॉकपिट का दरवाजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 174 जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट वीडियो कॉल पर बात की। स्मित ने दो दिन पहले दुबई से तेल अवीव जा रहे प्लेन की हाइजैकिंग नाकाम की थी। ओमानी को-पायलट ने उन्हें चाकू मारा। स्मित ने फिर भी प्लेन क्रैश नहीं होने दिया।

 फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर विमान हादसे के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि विमान नीचे जा रहा था, वे घायल होकर गिर चुके थे और उनके सामने आखिरी मौका था। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों को बचाने के लिए प्रयास किया। कैप्टन स्मित ने बताया कि उस मुश्किल वक्त में वे लगातार हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे।

घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ी हिम्मत

फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार के साहस और सूझबूझ की चर्चा दुनियाभर में हो रही है। विमान हादसे के दौरान गंभीर स्थिति का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। हादसे में घायल कैप्टन स्मित फिलहाल अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और हादसे के दौरान हुई घटनाओं के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद कम समय में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए और लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पीएम मोदी बोले- देश को आप पर गर्व है

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि उनकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने कुछ ही क्षणों में उन्हें कई फैसले लेने में मदद की। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की चिंता किए बिना यात्रियों की जिंदगी को प्राथमिकता दी।

पीएम मोदी ने कहा कि देश को उनके साहस पर गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि स्मित ने अपने परिवार के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन किया है।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के परिवार का भी जिक्र किया और उनकी मां गीता बहन, भूपेंद्र भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से हुई बातचीत के बारे में बताया।

‘आंखें बंद करके भी पता था विमान में क्या हो रहा है’

जब प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से पूछा कि हादसे के समय आखिर क्या हुआ था, तो उन्होंने अपने अनुभव के बारे में विस्तार से बताया।

स्मित ने कहा कि उस समय वे अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे। वे नीचे गिर चुके थे और उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है। उस वक्त उन्हें अपने लंबे विमान उड़ाने के अनुभव की याद आई।

उन्होंने बताया कि वह 17 साल से ज्यादा समय से इस क्षेत्र में हैं और पिछले 11 साल से कैप्टन हैं। अपने अनुभव के कारण उन्हें विमान की स्थिति का अंदाजा था। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि आंखें बंद करके भी वे समझ सकते हैं कि विमान में क्या हो रहा है।

‘ये आखिरी पुश है, स्मित कर ले’

कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब वह नीचे गिरे हुए थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। उस समय उनके सामने बहुत कम समय था।

उन्होंने खुद को संभालते हुए कहा कि यह आखिरी कोशिश है और उन्हें इसे करना ही होगा। उन्होंने कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने का फैसला किया।

स्मित ने बताया कि उस समय वह चोटिल थे और दर्द भी हो रहा था, लेकिन उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद बाकी लोग भी वहां पहुंचे और अपनी-अपनी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि उस समय उनके मन में एक बात स्पष्ट थी कि वे यात्रियों को मरने नहीं दे सकते।

दर्द में सिर्फ हनुमान चालीसा का सहारा

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने अपने आध्यात्मिक विश्वास का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि जब भी उन्हें दर्द होता है, तो वे हनुमान चालीसा पढ़ते हैं।

उन्होंने कहा कि हादसे के दौरान भी जब वे दर्द और मुश्किल परिस्थिति में थे, तब वे लगातार हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। स्मित ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भगवान ने ही उन्हें बचाया।

यह बताते हुए कैप्टन स्मित भावुक भी हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनके फोन के बाद उन्हें गर्व महसूस हो रहा है और वह बातचीत के दौरान भावुक हो गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा- भावुक होना स्वाभाविक है

कैप्टन स्मित के भावुक होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना से गुजरने के बाद भावुक होना स्वाभाविक है।

प्रधानमंत्री ने उनके परिवार के संस्कारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस परिस्थिति में कैप्टन स्मित ने साहस दिखाया, वह उनके परिवार से मिले संस्कारों को भी दर्शाता है।

पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने कैप्टन स्मित के परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की है। उन्होंने स्मित की पत्नी सोनल से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि वह भी इस कठिन परिस्थिति में काफी हिम्मत के साथ बात कर रही थीं।

मंदिरों और तीर्थस्थलों में हुई प्रार्थना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित को यह भी बताया कि उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए देशभर में लोगों ने प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि कई मंदिरों में पूजा, आरती और प्रार्थना की गई तथा तीर्थस्थलों पर भी उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई।

पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि पूरा देश उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है और भारत उनके लौटने का इंतजार कर रहा है।

दुनिया भर में हुई बहादुरी की चर्चा

विमान हादसे के बाद कैप्टन स्मित मछार के साहस की चर्चा भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित कई प्रमुख लोगों ने उनके साहस को लेकर प्रतिक्रिया दी।

हादसे के बाद घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित की कहानी सामने आने के बाद उनके साहस और पेशेवर अनुभव की चर्चा तेज हुई है।

‘मैंने उन्हें मरने नहीं देने का फैसला किया’

प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत में कैप्टन स्मित की बातों का सबसे अहम हिस्सा वह क्षण रहा, जब उन्होंने बताया कि वह खुद घायल थे, लेकिन उन्हें यात्रियों की जिंदगी की चिंता थी।

विमान के नीचे जाने का अहसास होने के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। उनका कहना था कि वह किसी भी कीमत पर यात्रियों को मरने नहीं देना चाहते थे।

कैप्टन स्मित ने अपनी इस कोशिश का श्रेय अकेले खुद को नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बाकी लोगों की भी अपनी-अपनी भूमिका थी और सभी ने मिलकर स्थिति का सामना किया।

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने जिस तरह हादसे के उन मुश्किल क्षणों को याद किया, उससे साफ हुआ कि उस वक्त उनके सामने हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण था। चोट, दर्द और भय के बावजूद उन्होंने अपने विमानन अनुभव और हिम्मत का सहारा लिया।

अब कैप्टन स्मित अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। देशभर में उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। पीएम मोदी ने भी उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनके स्वस्थ होकर वापस आने का इंतजार कर रहा है।

English Headline: Captain Smit Recalls Terrifying Plane Crash Moments, Tells PM Modi How He Opened Cockpit Door While Injured

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