शिकायतकर्ता की संतुष्टि से ही माना जाएगा शिकायत का वास्तविक निस्तारण, DM ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

कोंच तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान 62 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 7 का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी समीर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि फरियादी को वास्तविक राहत और संतुष्टि मिले

शिकायतकर्ता की संतुष्टि से ही माना जाएगा शिकायत का वास्तविक निस्तारण, DM ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

समाधान दिवस में 62 शिकायतें पहुंचीं, 7 का मौके पर निस्तारण

DM ने कहा- कागजी कार्रवाई नहीं, फरियादी को वास्तविक राहत मिलना जरूरी

शिकायतों के रैंडम सत्यापन के दिए निर्देश

निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संतुष्टि की जानकारी लेने पर जोर

उरई। तहसील कोंच में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 62 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए सौंपा गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलने के बाद ही शिकायत को निस्तारित माना जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही शिकायत के वास्तविक निस्तारण की सबसे महत्वपूर्ण कसौटी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल शिकायत मिलने और उसका निस्तारण दर्ज करने तक समाप्त नहीं होती। निस्तारण के बाद यह भी देखा जाना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति की समस्या वास्तव में दूर हुई है या नहीं। इसके लिए अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने और की गई कार्रवाई के संबंध में उनकी संतुष्टि की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का रैंडम सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों का निस्तारण वास्तव में धरातल पर हुआ है या केवल अभिलेखों में ही कार्रवाई पूरी दिखाई गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान देने को कहा, जिनमें मौके पर जाकर जांच करना जरूरी है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी स्वयं अथवा सक्षम टीम के माध्यम से स्थल का निरीक्षण करें और वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करें। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनी रहेगी और फरियादियों को अनावश्यक रूप से अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि कई शिकायतें ऐसी होती हैं, जिनका समाधान केवल एक विभाग के स्तर से संभव नहीं होता। ऐसे मामलों में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय समन्वय के अभाव में किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से समस्या का समाधान कराया जाए।

भूमि विवादों से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का परीक्षण करे। दोनों विभाग आपसी समन्वय से नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विवाद का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि मामले लंबे समय तक लंबित न रहें और विवाद बढ़ने की स्थिति पैदा न हो।

उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। यदि किसी मामले में समय लगना आवश्यक है तो शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। फरियादी अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारियों को उनकी बात गंभीरता से सुनते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को यह महसूस होना चाहिए कि उसकी समस्या पर प्रशासन ने गंभीरता से काम किया है।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायतों का नियमानुसार परीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और पीड़ित अथवा शिकायतकर्ता को नियमानुसार उचित कार्रवाई उपलब्ध कराई जाए।

पुलिस अधीक्षक ने राजस्व से जुड़े विवादों के मामलों में भी संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग दोनों की भूमिका आवश्यक है, उनमें आपसी तालमेल के साथ मौके पर कार्रवाई की जाए, ताकि फरियादियों को समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें दर्ज कीं और संबंधित विभागों को उनके निस्तारण के लिए निर्देशित किया। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को शिकायतों की समयबद्ध निगरानी करने तथा निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और निस्तारण के बाद उसकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण भी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत का निस्तारण तभी सार्थक माना जाएगा, जब फरियादी को वास्तविक राहत मिले और वह कार्रवाई से संतुष्ट हो।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान उप जिलाधिकारी अभिनव यादव, सीओ परमेश्वर, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।