कांग्रेस नेता ने SP ऑफिस में जहर खाकर दी जान, जेब से मिला सुसाइड नोट; उधार चुकाने के बाद भी ब्याज मांगने का आरोप

ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां पहुंचे कांग्रेस के जिला महामंत्री राजेश किरार ने अचानक जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।

कांग्रेस नेता ने SP ऑफिस में जहर खाकर दी जान, जेब से मिला सुसाइड नोट; उधार चुकाने के बाद भी ब्याज मांगने का आरोप

ग्वालियर में कांग्रेस नेता जहर खाकर एसपी ऑफिस पहुंच गया। यहां उल्टियां होने पर पुलिसकर्मी उसे अस्पताल ले गए। मेडिकल चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी जेब से सुसाइड नोट मिला है। इसमें 9 लोगों के नाम लिखे हैं, जिन पर ब्याज के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार दोपहर उस समय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हड़कंप मच गया, जब कांग्रेस के जिला महामंत्री राजेश किरार ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। आत्मघाती कदम उठाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे एसपी कार्यालय परिसर के बाहर बेहोश होकर गिर पड़े। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें शासकीय वाहन से जयारोग्य अस्पताल के हजार बिस्तर भवन पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं, मृतक के कपड़ों से कथित तौर पर एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। इसमें लेन-देन को लेकर कुछ लोगों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख बताया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

एसपी से मिलने पहुंचे थे राजेश किरार

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता राजेश किरार सोमवार दोपहर करीब दो बजे किसी व्यक्तिगत परेशानी को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह एसपी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताना चाहते थे। कुछ देर तक परिसर में बैठने के बाद उन्होंने एसपी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही मिनट बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। एसपी कार्यालय के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया। उनकी हालत देखकर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।

बताया गया कि राजेश किरार के मुंह से झाग निकल रहा था और वह कुछ ही देर में बेहोश होकर गिर पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए उन्हें सरकारी वाहन से जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

राजेश किरार को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल स्थित हजार बिस्तर भवन में ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पेंट की जेब से मिला सुसाइड नोट

घटना के बाद राजेश किरार के कपड़ों की तलाशी के दौरान कथित तौर पर एक सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, नोट में आर्थिक लेन-देन को लेकर कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि राजेश किरार ने आरोप लगाया था कि उधार की रकम चुकाने के बावजूद उनसे ब्याज की मांग की जा रही थी। हालांकि, सुसाइड नोट में लिखी बातों और उसमें लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जिन लोगों के नाम या विवरण नोट में दर्ज हैं, उनकी भूमिका क्या थी और राजेश किरार को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था।

कांग्रेस से 25 साल से जुड़े थे

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कांग्रेस नेता रवीन्द्र सिंह ने बताया कि राजेश किरार करीब 25 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हुए थे। वह लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे और वर्तमान में कांग्रेस के जिला महामंत्री के पद पर थे।

रवीन्द्र सिंह के मुताबिक, राजेश किरार के पास से मिले सुसाइड नोट में लेन-देन से जुड़े विवाद और कथित प्रताड़ना का जिक्र है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्वालियर में सूदखोरी से जुड़े मामलों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राजेश किरार की मौत के मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

जमीन विवाद की बात भी सामने आई

पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक अन्य जानकारी भी सामने आई है। सीएसपी रोबिन जैन के अनुसार, राजेश किरार किसी जमीन पर कब्जे से जुड़ी परेशानी को लेकर भी तनाव में बताए जा रहे थे।

सीएसपी ने बताया कि राजेश किरार ने जहरीला पदार्थ खाया था और एसपी कार्यालय परिसर में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी मौत हो गई।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि राजेश किरार ने जहरीला पदार्थ कहां से लिया और उसे कब खाया। इसके साथ ही पुलिस उनके परिवार, परिचितों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे।

एसपी कार्यालय में किसी पुलिसकर्मी से नहीं हुई बातचीत

सीएसपी रोबिन जैन के मुताबिक, अभी तक की जानकारी में यह सामने आया है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले राजेश किरार की किसी पुलिसकर्मी से कोई महत्वपूर्ण बातचीत नहीं हुई थी। वह अपनी समस्या लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन एसपी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी।

ऐसे में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उन्होंने एसपी कार्यालय परिसर में ही यह कदम क्यों उठाया। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटा रही है और घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू को जांच में शामिल किया जा रहा है।

सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम

पुलिस के सामने अब सबसे अहम सवाल यह है कि राजेश किरार किन परिस्थितियों में मानसिक और आर्थिक दबाव में थे। सुसाइड नोट में जिन लोगों या घटनाओं का उल्लेख किया गया है, उनकी वास्तविक भूमिका जांच के बाद ही सामने आएगी।

पुलिस सुसाइड नोट की जांच के साथ-साथ मोबाइल फोन, संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और जमीन से जुड़े विवाद की भी जानकारी जुटा सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण की चिकित्सकीय पुष्टि होगी।

फिलहाल पुलिस ने मामले को जांच के दायरे में रखा है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर किए जाने की बात कही है।

परिवार और पार्टी में शोक

राजेश किरार की अचानक मौत की खबर से उनके परिवार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े होने के कारण पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है।

वहीं, इस घटना ने ग्वालियर में कथित सूदखोरी और आर्थिक विवादों से जुड़ी समस्याओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। सुसाइड नोट में दर्ज कथित आरोप, जमीन विवाद, आर्थिक लेन-देन और राजेश किरार द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम के बीच संबंधों की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।