ब्लैकबोर्ड पर स्वयं प्रश्न, उत्तर लिखवाकर जांची विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, पहाड़े, कविता और अंग्रेजी-हिंदी ज्ञान से हुए संतुष्ट

उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव का औचक निरीक्षण कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता का स्वयं परीक्षण किया। बच्चों ने ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर, पहाड़े, हिंदी-अंग्रेजी कविताएं आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कीं। प्रदर्शन से संतुष्ट डीएम ने शिक्षकों की सराहना करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित अभ्यास पर जोर दिया।

ब्लैकबोर्ड पर स्वयं प्रश्न, उत्तर लिखवाकर जांची विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, पहाड़े, कविता और अंग्रेजी-हिंदी ज्ञान से हुए संतुष्ट

डीएम ने कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता का लिया परीक्षण

ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न-उत्तर लिखकर बच्चों ने दिखाई सीखने की क्षमता

13, 14, 15 और 19 के पहाड़े सुनाकर विद्यार्थियों ने किया प्रभावित 

उरई । जनपद में प्राथमिक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित पठन-पाठन व्यवस्था का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीधे कक्षा में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा उनकी शैक्षणिक दक्षता का स्वयं परीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने कक्षा 3, 4 एवं 5 के विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न लिखवाए तथा उनका उत्तर देने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास और सहजता के साथ सभी प्रश्नों के सही एवं स्पष्ट उत्तर लिखकर अपनी शैक्षणिक तैयारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की समझ, लेखन क्षमता और आत्मविश्वास को देखकर जिलाधिकारी ने उनकी सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से 13, 14, 15 एवं 19 के पहाड़े भी सुनाए, जिन्हें बच्चों ने बिना किसी हिचकिचाहट के धाराप्रवाह सुनाकर अपनी गणितीय दक्षता का परिचय दिया। इसके अलावा बच्चों ने हिंदी एवं अंग्रेजी में कविताओं का भी प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया, जिससे उनकी भाषाई क्षमता और शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए नियमित अभ्यास, नवाचारी शिक्षण पद्धति तथा अनुशासित वातावरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह सहित अध्यापिकाएं मौजूद रहे।