कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, आरआरके को प्रतिकूल प्रविष्टि और अनुपस्थित कर्मचारी को नोटिस

उरई कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी समीर ने अभिलेखागार की गंदगी पर आरआरके को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए। बिना स्वीकृत अवकाश अनुपस्थित कर्मचारी को नोटिस, लंबित राजस्व वसूली में जिम्मेदारी तय करने और ई-ऑफिस में कमजोर कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के आदेश दिए गए। साथ ही सीसीटीवी कमांड सेंटर को प्रभावी बनाने, नकल व्यवस्था में पारदर्शिता और कलेक्ट्रेट की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, आरआरके को प्रतिकूल प्रविष्टि और अनुपस्थित कर्मचारी को नोटिस

डीएम समीर ने अभिलेखागार की गंदगी पर जताई नाराजगी, लंबित वसूली में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश; ई-ऑफिस और सीसीटीवी कमांड सेंटर को प्रभावी बनाने पर जोर

उरई। जिलाधिकारी समीर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न पटलों, अनुभागों और राजस्व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों के रख-रखाव, स्वच्छता, ई-ऑफिस व्यवस्था, लंबित प्रकरणों, राजस्व वसूली, नकल व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा जनसुविधाओं की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए तथा लापरवाही पर कार्रवाई के आदेश दिए।

निरीक्षण के दौरान सबसे पहले राजस्व अभिलेखागार के कक्ष संख्या-4 की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। कक्ष में गंदगी के साथ फर्श पर अभिलेख रखे पाए गए और अभिलेखों के आसपास चींटियां भी मिलीं। महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों के इस तरह रखे होने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित आरआरके ऊषा निरंजन के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने प्रभारी नजारत एवं अभिलेखागार प्रभारी को निर्देशित किया कि अभिलेखागार में नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए। कीट नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से रखा जाए, ताकि पुराने राजस्व अभिलेखों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। उन्होंने अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

पूर्व निरीक्षण से संबंधित मामलों में अपेक्षित सुधार न मिलने पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को प्रभारी अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी नियमित समीक्षा की जानी चाहिए।

नकल व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

कलेक्ट्रेट की नकल व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने आम लोगों को समय पर और पारदर्शी तरीके से अभिलेखों की नकल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नकल के लिए निर्धारित आवेदन प्रारूप का उपयोग किया जाए। आवेदनों की डिजिटल फीडिंग सुनिश्चित करने के साथ ही नकल उपलब्ध कराने की निर्धारित तिथि भी दर्ज की जाए।

उन्होंने नाजिर सदर को कंप्यूटर, इंटरनेट और प्रिंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नकल के लिए आने वाले आवेदकों के बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

करोड़ों की लंबित वसूली पर सख्ती

निरीक्षण के दौरान संग्रह अनुभाग में लंबित राजस्व वसूली की स्थिति भी सामने आई। वर्ष 2022 से करीब 1.81 लाख रुपये की वसूली लंबित पाई गई। इसके अलावा मैसर्स राम ट्रेडर्स की 83.71 लाख रुपये से अधिक की वसूली वर्ष 2015 से लंबित मिली।

लंबे समय से लंबित इतनी बड़ी धनराशि की वसूली को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देशित किया कि लंबित वसूली के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जहां लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए।

जिलाधिकारी ने जिले में लंबित शीर्ष 10 बड़ी बकायादारियों की विभागवार सूची भी तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत वसूली की कार्रवाई को गति दी जाए।

बिना स्वीकृत अवकाश अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति की भी जांच की गई। मुख्य राजस्व अंकिक बृजेश निरंजन बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने या कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नजारत अनुभाग में पुराने मामलों के निस्तारण के निर्देश

नजारत अनुभाग के निरीक्षण में वर्ष 2019 से लंबित धनराशि के मामलों की समीक्षा की गई। इसके अलावा संपत्ति पंजिका में लंबित प्रविष्टियों और लगभग 35 ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति भी देखी गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने लंबित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचा जाए और प्रत्येक प्रकरण में निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ई-ऑफिस में कमजोर दक्षता वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण

शिकायत पटल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित डाक के मामलों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतों और डाक का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। ई-ऑफिस व्यवस्था में जिन कर्मचारियों की दक्षता कमजोर है, उन्हें NIC के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण दिलाया जाए।

उन्होंने ई-ऑफिस व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल प्रणाली का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाना है। इसलिए कर्मचारियों को तकनीकी प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी होना आवश्यक है।

ई-डिस्ट्रिक्ट और गौशाला कंट्रोल रूम बनेगा सीसीटीवी कमांड सेंटर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट एवं गौशाला कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने इसे चरणबद्ध तरीके से प्रभावी सीसीटीवी कमांड सेंटर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

इसके तहत नगर क्षेत्र, तहसीलों, नगर निकायों, विकासखंडों और जिला अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को कमांड सेंटर से जोड़ने की योजना पर काम करने को कहा गया। इससे विभिन्न क्षेत्रों की निगरानी को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

जनसुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में हेल्पलाइन नंबरों और जनोपयोगी सूचनाओं को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी स्थिति की भी समीक्षा की तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कार्यालयों में पत्रावलियों की सूची और पहचान स्लिप लगाने के साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम की नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य कार्यालयीन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने और आम नागरिकों को संबंधित अधिकारी या कर्मचारी तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करना है।

आतिशबाजी लाइसेंस और शस्त्र व्यवसायियों के सत्यापन पर जोर

जिलाधिकारी ने आतिशबाजी लाइसेंसधारकों और शस्त्र व्यवसायियों के सत्यापन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार सत्यापन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई से संबंधित मामलों में प्राप्त आख्या का केवल औपचारिक निस्तारण न करते हुए उसके गुण-दोष का परीक्षण करने पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कलेक्ट्रेट पार्क के रख-रखाव के लिए 15 दिन की समयसीमा

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क के रख-रखाव की स्थिति का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पार्क की साफ-सफाई और रख-रखाव की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए तथा 15 दिनों के भीतर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी समीर ने सभी प्रभारी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निरीक्षण को केवल औपचारिकता न माना जाए। निरीक्षण में दिए गए प्रत्येक निर्देश का बिंदुवार अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने कहा कि कार्यालयीन व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है। लंबित मामलों का निस्तारण, अभिलेखों की सुरक्षा, राजस्व वसूली, ई-ऑफिस की प्रभावी कार्यप्रणाली और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुघ्न पाठक, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।