उज्जैन में चलती कार में युवती से गैंगरेप का आरोप: इंस्टाग्राम दोस्त ने मिलने बुलाया, रास्ते में 5 लोगों पर यौन हिंसा का आरोप; इंदौर में छोड़ गए
इंदौर की महिला से उज्जैन में चलती कार में गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महिला ने इंस्टाग्राम पर दोस्त बने युवक पर मिलने बुलाकर 5 लोगों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाया है। वहीं महिला का कहना है कि उससे मारपीट कर यौन हिंसा भी की गई।
उज्जैन। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच उज्जैन से इंदौर के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर की 20 वर्षीय युवती ने उज्जैन के एक युवक और उसके साथियों पर चलती कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट करने का आरोप लगाया है। युवती का दावा है कि उसे इंस्टाग्राम पर दोस्त बने युवक ने मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वह कार में बैठी और रास्ते में उसके साथ कथित तौर पर यौन हिंसा की गई। आरोपियों ने बाद में उसे इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के पास छोड़ दिया।
पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर उज्जैन के चक्रेश जैन और एक अन्य आरोपी के खिलाफ गैंगरेप की एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, घटना की सटीक जगह, कार का पूरा रूट और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, मिलने के लिए बुलाया
युवती ने पुलिस को दिए आवेदन और जारी किए गए वीडियो में बताया कि उसकी इंस्टाग्राम के जरिए चक्रेश जैन नाम के युवक से दोस्ती हुई थी। युवक उसे कई बार मिलने के लिए बुला चुका था। युवती के मुताबिक, सोमवार को वह उससे मिलने के लिए उज्जैन पहुंची थी।
उसने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे वह मेघदूत होटल के सामने युवक की कार में बैठी। युवती का आरोप है कि कार में बैठने के बाद उसे कोई कॉफी जैसी चीज पिलाई गई। इसके बाद उसका सिर घूमने लगा और वह असहज महसूस करने लगी।
युवती के अनुसार, कुछ देर बाद युवक का एक दोस्त भी कार में आकर बैठ गया। इसके बाद कार इंदौर की तरफ बढ़ी। युवती का दावा है कि रास्ते में चार और लोग कार में सवार हुए और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई।
युवती ने वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद युवती ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती बताई। वीडियो में उसने आरोप लगाया कि कार में मौजूद लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसके साथ जबरदस्ती की गई।
युवती ने दावा किया कि आरोपियों ने उसके साथ बेहद गंभीर तरीके से यौन हिंसा की। उसका आरोप है कि उसे कार में बुरी तरह मारा गया और निजी अंग में प्लास्टिक की डंडीनुमा वस्तु से चोट पहुंचाई गई।
युवती के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने उसे इंदौर में ऐसी जगह पर उतार दिया, जहां कथित तौर पर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। बाद में वह पुलिस के पास पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के बयान में सामने आई अलग जानकारी
मामले में पुलिस का पक्ष युवती के आरोपों से कुछ अलग है। सीएसपी श्वेता गुप्ता के मुताबिक, इंदौर निवासी महिला रात करीब 12 बजे लिखित आवेदन लेकर थाने पहुंची थी। पुलिस के अनुसार, युवती पिछले दो-तीन साल से अपने परिवार के संपर्क में नहीं है।
सीएसपी ने बताया कि युवती की इंस्टाग्राम के माध्यम से उज्जैन के युवक से दोस्ती हुई थी और दोनों पहले भी मिल चुके थे। युवती बस से उज्जैन आई थी, जिसके बाद उसके दोस्त ने उसे कार में बैठाया। पुलिस के मुताबिक, बाद में एक और युवक कार में बैठा और तीनों साथ घूमने निकले।
पुलिस के अनुसार, युवती ने दोनों युवकों पर उसके साथ ओरल सेक्स करने का आरोप लगाया है। इसके बाद उसे इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के पास छोड़ दिया गया।
पुलिस ने बताया कि युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। सीएसपी के मुताबिक, मेडिकल जांच में युवती के निजी अंग में किसी तरह की इंजरी नहीं मिली है। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट और युवती के बयान समेत अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
कार अब तक जब्त नहीं, रूट की भी जांच
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि घटना चलती कार में हुई, तो पुलिस उस कार और उसके पूरे रूट का पता कैसे लगाएगी। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, लेकिन घटना में बताए गए अन्य लोगों की भूमिका भी जांच का विषय है।
युवती के आरोप के मुताबिक, कार में कई लोग बाद में सवार हुए थे। ऐसे में पुलिस कार के मालिकाना हक, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और रास्ते में आने वाले स्थानों की जानकारी जुटा सकती है। फिलहाल घटना की सटीक जगह और कार का पूरा रूट स्पष्ट नहीं है।
उज्जैन से इंदौर के बीच लगभग 55 किलोमीटर लंबा मार्ग है। इस मार्ग पर इन दिनों छह लेन सड़क विकसित करने का काम भी चल रहा है। कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है। मार्ग पर दो पुलिस चौकियां और बड़ी संख्या में होटल-रेस्टोरेंट मौजूद हैं।
इसके बावजूद घटना के बाद कार की जब्ती नहीं हो पाना और वारदात की सटीक लोकेशन स्पष्ट नहीं होना जांच की गति और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
सिंहस्थ से पहले सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा
उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। आने वाले समय में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। ऐसे में उज्जैन-इंदौर मार्ग बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
इस मार्ग पर दिन-रात बड़ी संख्या में वाहन चलेंगे। निर्माण कार्य के चलते कई जगह यातायात व्यवस्था भी बदलती रहती है। ऐसे में पुलिस के सामने केवल यातायात प्रबंधन ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी चुनौती होगी।
युवती के आरोपों ने यह सवाल उठाया है कि लंबे मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की निगरानी किस तरह की जा रही है। क्या प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे हैं? क्या होटल और रेस्टोरेंट के आसपास आने-जाने वाले वाहनों की निगरानी होती है? क्या जरूरत पड़ने पर किसी वाहन का पूरा रूट तत्काल ट्रेस किया जा सकता है? इन सवालों के जवाब जांच के साथ सामने आना बाकी हैं।
आरोपों की जांच के बाद ही तस्वीर होगी साफ
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, आरोपियों के बयान, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और कार की जानकारी जैसे साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मामले में युवती द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी में अंतर है। इसलिए घटना के वास्तविक स्वरूप को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सामने आए इस मामले ने उज्जैन-इंदौर मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूर चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपियों की कार और घटना में शामिल अन्य लोगों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
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प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस