अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की बैठक में बड़ा निर्णय, ब्लॉक स्तर से शुरू होगा अभियान, फिर राजधानी में बनेगी आगे की रणनीति

गुना में अतिथि शिक्षक समन्वय समिति का मंथन, 10 आकस्मिक अवकाश पर शासन का आभार, अब ब्लॉक से भोपाल तक बनेगी रणनीति

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की बैठक में बड़ा निर्णय, ब्लॉक स्तर से शुरू होगा अभियान, फिर राजधानी में बनेगी आगे की रणनीति

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की बैठक: वक्ताओं ने रखे विचार, आकस्मिक अवकाश मिलने पर शासन का जताया आभार

गुना। मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से संचालित की जा रही है। इसी क्रम में रविवार को गुना जिले के शास्त्री पार्क में अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों ने अतिथि शिक्षकों की वर्तमान स्थिति, उनकी समस्याओं, शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों तथा आगामी संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी सर्जन सिंह शिल्पकार, जिला महासचिव थानसिंह धाकड़ तथा जिला अध्यक्ष विजयानंद जोशी सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि जुलाई माह में शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के बाद प्रदेश के अनेक सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी सामने आई थी। इस स्थिति को देखते हुए शासन एवं शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की और पूर्व में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर पुनः जॉइनिंग का अवसर दिया गया।

बैठक में बताया गया कि जिन अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति किसी कारणवश नहीं हो सकी थी, उनके मामलों का भी प्रशासनिक स्तर पर निराकरण किया गया और उन्हें दोबारा अवसर प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की गई। समिति के पदाधिकारियों ने इसे अतिथि शिक्षकों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताते हुए शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने हाल ही में शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों को पूरे शैक्षणिक सत्र में 10 आकस्मिक अवकाश देने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अतिथि शिक्षक इस सुविधा की मांग कर रहे थे। शासन द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने से प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों को राहत मिली है। इससे उनके कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा और वे अधिक मनोयोग से विद्यार्थियों के हित में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने कहा कि अतिथि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सीमित संसाधनों और अस्थायी व्यवस्था के बावजूद वे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समिति लगातार अतिथि शिक्षकों की समस्याओं को शासन तक पहुंचा रही है और सरकार भी चरणबद्ध तरीके से उनके समाधान की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने सभी अतिथि शिक्षकों से संगठन की एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।

बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रणनीति भी तय की गई। निर्णय लिया गया कि अगले रविवार को प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित ब्लॉक के सभी संकुलों के अतिथि शिक्षक शामिल होंगे। इन बैठकों में स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करने के साथ-साथ आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

इसके बाद अगले चरण में जिला स्तर पर सभी ब्लॉकों के अतिथि शिक्षकों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विभिन्न ब्लॉकों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं पर विचार करते हुए संगठन की आगामी रणनीति तय की जाएगी। पदाधिकारियों ने बताया कि यदि शासन और प्रशासन से आवश्यक सहमति प्राप्त होती है तो इसके बाद राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक शामिल होकर अपनी मांगों और सुझावों को संगठित रूप से प्रस्तुत करेंगे।

बैठक का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद सेन ने किया। उन्होंने संगठन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि समिति का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि संवाद और समन्वय के माध्यम से उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और अतिथि शिक्षकों से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

बैठक में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें जिला मीडिया प्रभारी गौतम चंदेल, जिला सचिव अनूप जाटव, केशव भार्गव, राजकुमार शर्मा, दिनेश चिडार, हरिकिशन खरे, धनराज धाकड़, सोहन वैरागी, भगवान सिंह, देवेंद्र जाटव, प्रवीण श्रीवास्तव, विक्रम यादव, हरकिशन शर्मा और कृष्णपाल सिंह रघुवंशी सहित अनेक अतिथि शिक्षक शामिल हुए।

बैठक का समापन संगठन की एकता बनाए रखने, शासन के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखने और विद्यार्थियों के हित में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ। समिति के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों के हित में लिए जा रहे निर्णय भविष्य में भी जारी रहेंगे और उनकी लंबित समस्याओं का समाधान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का प्रयास रहेगा कि प्रदेश के प्रत्येक अतिथि शिक्षक की आवाज शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को उचित सम्मान मिले।