भोपाल में बड़ा हादसा: भारी बारिश के बाद कोलार में धंसी सड़क, जमीन में समाईं कई गाड़ियां; लोगों में दहशत

राजधानी भोपाल में कोलार के दानिशकुंज इलाके में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। आम्रवेली परिसर के बाहर सड़क अचानक धंस गई, जिससे वहां खड़ी कई गाड़ियां जमीन के अंदर समा गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। क्रेन की मदद से गाड़ियों को बाहर निकाला गया।

भोपाल में बड़ा हादसा: भारी बारिश के बाद कोलार में धंसी सड़क, जमीन में समाईं कई गाड़ियां; लोगों में दहशत

जमीन धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया और वहां खड़ी कई कारें उसमें फंस गईं। बाद में उन्हें क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। कोलार क्षेत्र के दानिशकुंज इलाके में आम्रवेली परिसर के बाहर सड़क अचानक धंस गई। सड़क धंसने के साथ ही वहां खड़ी कई गाड़ियां गड्ढे में समा गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क के एक हिस्से में अचानक जमीन धंसने लगी। देखते ही देखते सड़क का बड़ा हिस्सा नीचे चला गया और उसके आसपास खड़े वाहन भी जमीन में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित अमला मौके पर पहुंचा। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।

क्रेन की मदद से निकाली गईं गाड़ियां

सड़क धंसने के बाद गड्ढे में फंसी गाड़ियों को बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। राहत और बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद वाहनों को बाहर निकाला। हादसे की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोगों में सड़क की सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण जमीन के भीतर पानी का दबाव बढ़ने और मिट्टी के कमजोर होने से सड़क धंसने की स्थिति बनी हो सकती है। हालांकि, सड़क धंसने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया गया।

भोपाल में मूसलाधार बारिश का दौर जारी

भोपाल में पिछले कुछ समय से बारिश का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने शहर के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया। मौसम विभाग ने भोपाल समेत मध्य प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

लगातार बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है। कई सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई है।

शुक्रवार को राजधानी भोपाल में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही करीब 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री नीचे गिरकर 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री कम है।

बड़ा तालाब लबालब, भदभदा डैम का गेट खोला गया

लगातार बारिश के कारण भोपाल का बड़ा तालाब भी पूरी तरह लबालब हो गया है। तालाब का जलस्तर 1666.80 फीट के एफटीएल तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए भदभदा डैम के गेट खोले गए।

शुक्रवार शाम करीब 6 बजे भोपाल की महापौर मालती राय ने पूजा-अर्चना के बाद भदभदा डैम का गेट नंबर 6 खोला। इसके बाद अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई। डैम से पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।

भोपाल में तेज बारिश के दौरान नदियों, नालों और जलाशयों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें।

भारी बारिश से कई जिलों में स्कूल बंद

मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए 5 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, भिंड और ग्वालियर समेत कई जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कुछ जिलों में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के बच्चों की कक्षाएं स्थगित की गई हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बारिश को देखते हुए कई स्थानों पर आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय मौसम और जलभराव की स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जा रहा है।

सड़क धंसने की घटना ने बढ़ाई चिंता

कोलार के दानिशकुंज में सड़क धंसने की घटना ने शहर में बारिश के दौरान सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में सड़क के नीचे पानी का रिसाव होने, मिट्टी के कटाव या भूमिगत पाइपलाइन में लीकेज जैसी वजहों से कई बार सड़क के नीचे खाली स्थान बन जाता है। ऐसी स्थिति में ऊपर से सड़क सामान्य दिखाई देती है, लेकिन अचानक उसका हिस्सा धंस सकता है।

हालांकि, दानिशकुंज में हुई घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह संबंधित विभाग की जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि घटना के दौरान कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

राजधानी में लगातार बारिश और कई इलाकों में जलभराव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सड़क पर कहीं पानी जमा हो या जमीन धंसी हुई दिखाई दे तो वहां वाहन लेकर जाने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान खुले नाले, पुल-पुलिया और तेज बहाव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।

कोलार की घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत जरूर है, लेकिन प्रशासन और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। गाड़ियों को क्रेन की मदद से बाहर निकाल लिया गया है और प्रभावित सड़क हिस्से की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

भोपाल में लगातार बारिश, बढ़ता जलस्तर और अब सड़क धंसने की घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान शहर की ड्रेनेज और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत सामने ला दी है। आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन के सामने जलभराव, यातायात और सड़क सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बनी रहेंगी।