प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तहसीलों में नवागत उप अधिकारियों की तैनाती, तत्काल प्रभाव से लागू हुए आदेश
जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न तहसीलों में नवागत उप जिलाधिकारियों एवं उप जिला मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अधिकारियों को जनसुनवाई, राजस्व कार्य, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने जारी किए आदेश, तत्काल प्रभाव से लागू
कालपी, कोंच, उरई, जालौन और माधौगढ़ में मिली नई जिम्मेदारियां
जनसुनवाई, राजस्व और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर रहेगा फोकस
उरई। जनपद जालौन में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए विभिन्न तहसीलों में नवागत उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) एवं उप जिला मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नई तैनातियों का उद्देश्य राजस्व कार्यों में तेजी लाना, कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करना, जनसुनवाई को प्रभावी बनाना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रशासनिक आवश्यकताओं और अधिकारियों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न तहसीलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके तहत विनय कुमार मौर्य को उप जिलाधिकारी एवं उप जिला मजिस्ट्रेट कालपी नियुक्त किया गया है। वहीं अभिनव कुमार यादव को उप जिलाधिकारी एवं उप जिला मजिस्ट्रेट कोंच का दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें उप जिलाधिकारी (न्यायिक) कोंच का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, जिससे न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
इसी क्रम में अनीता देवी को उप जिलाधिकारी (न्यायिक) जालौन नियुक्त किया गया है। उत्तम कुमार तिवारी को उप जिलाधिकारी एवं उप जिला मजिस्ट्रेट उरई बनाया गया है। जबकि मनोज प्रकाश को उप जिलाधिकारी, उप जिला मजिस्ट्रेट एवं न्यायिक माधौगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त कुमार संजय को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट उरई का दायित्व सौंपा गया है तथा उन्हें उप जिलाधिकारी (न्यायिक) कालपी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इन नई तैनातियों से तहसील स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और आम जनता को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण, नामांतरण, सीमांकन, प्रमाण पत्रों के निर्गमन, भूमि विवादों के समाधान तथा जन शिकायतों के त्वरित निपटारे में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में शासन की मंशा के अनुरूप पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई को प्रभावी बनाने, राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी विभागीय समन्वय के साथ कार्य करें और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
नई तैनातियों को लेकर प्रशासनिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही विभिन्न तहसीलों में अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ने से आम लोगों को छोटी-छोटी प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे जनता और प्रशासन के बीच समन्वय भी बेहतर होगा।
जिलाधिकारी ने सभी नवागत अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने कार्यभार का तत्काल ग्रहण करें और क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था तथा विकास कार्यों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है कि वह पारदर्शी, निष्पक्ष और संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराए।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे प्रशासनिक फेरबदल से न केवल कार्यकुशलता बढ़ती है बल्कि शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होता है। जनपद जालौन में जारी यह आदेश भी प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस