कुपोषण के खिलाफ जालौन की बड़ी पहल, 52 अधिकारियों ने 97 बच्चों को लिया गोद

जालौन में कुपोषण के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी समीर ने 52 जिला स्तरीय अधिकारियों को 97 अतिकुपोषित बच्चों की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने खुद चार बच्चों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी का जिम्मा लिया। अधिकारियों को बच्चों की नियमित निगरानी के साथ जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

कुपोषण के खिलाफ जालौन की बड़ी पहल, 52 अधिकारियों ने 97 बच्चों को लिया गोद

52 अधिकारियों ने 97 अतिकुपोषित बच्चों को लिया गोद

डीएम समीर ने खुद चार बच्चों की ली जिम्मेदारी

बच्चों के वजन और लंबाई की नियमित होगी निगरानी

जरूरतमंद परिवारों को राशन कार्ड, मनरेगा और आवास योजना का लाभ

कुपोषण दूर करने के लिए विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर

जरूरत के अनुसार बच्चों के परिवारों को दुधारू गाय दिलाने की पहल

 उरई । जनपद में कुपोषण उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन ने प्रभावी पहल की है। जिलाधिकारी समीर ने 52 जिला स्तरीय अधिकारियों को 97 अतिकुपोषित बच्चों को गोद दिलाकर उनके पोषण एवं स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाधिकारी ने स्वयं भी चार बच्चों को गोद लेकर उनके बेहतर स्वास्थ्य और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नामित अधिकारी अपने-अपने बच्चों की नियमित निगरानी करें तथा वजन और लंबाई के मापन की शुद्धता जांचते हुए उनके पोषण स्तर में सुधार सुनिश्चित कराएं। बच्चों के परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर उन्हें पात्रता के अनुसार राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराया जाए। जरूरत के अनुसार दुधारू गाय उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि कुपोषण से मुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सभी अधिकारी बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए गंभीरता से प्रयास करें, ताकि कोई भी बच्चा आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।