इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ से पहले ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर, QR कोड में 40 दावों का जिक्र; 13 रास्तों पर भारी वाहनों की एंट्री बंद
राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले ही सियासी तापमान बढ़ गया है। शहर में कई जगहों पर झूठ की गूंज के पोस्टर लगाए गए हैं। उनके साथ एक क्यूआर कोड है, जिसमें उनके 40 दावों का जिक्र है। साथ ही कार्यक्रम को लेकर ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया है।
झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में अड़चन डालने की कोशिश की जा रही है।
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शनिवार शाम इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले शहर का सियासी माहौल गरमा गया है। राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले शुक्रवार देर रात शहर के कई इलाकों में ‘झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय’ लिखे पोस्टर और होर्डिंग नजर आए। पोस्टरों में राहुल गांधी के पूर्व कार्यक्रमों में दिए गए बयानों और दावों पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर पर एक QR कोड भी लगाया गया है, जिसे स्कैन करने पर एक वेबसाइट खुलती है।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस वेबसाइट पर राहुल गांधी की कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में हुई रैलियों में दिए गए करीब 40 दावों की पड़ताल किए जाने का दावा किया गया है। वेबसाइट के मुताबिक इन दावों की जांच के लिए 169 स्रोतों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों और निष्कर्षों को वेबसाइट की ओर से प्रस्तुत सामग्री के रूप में ही देखा जा रहा है।
रातोंरात लगाए गए पोस्टर, सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हटाए
राहुल गांधी के कार्यक्रम के विरोध में लगाए गए इन पोस्टर-होर्डिंग्स की जानकारी शनिवार सुबह सामने आई। किला मैदान, महेश गार्डन गाइडलाइन समेत शहर के कुछ हिस्सों में पोस्टर लगाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया समर्थकों के साथ कुछ स्थानों पर पहुंचे और पोस्टर हटवाए।
हालांकि पोस्टर किस व्यक्ति, समूह या संगठन की ओर से लगाए गए, इसकी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। किसी संगठन ने सार्वजनिक रूप से इन पोस्टरों की जिम्मेदारी लेने की पुष्टि भी नहीं की है।
कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं। पार्षद राजू भदौरिया का कहना है कि यदि ये पोस्टर बिना अनुमति लगाए गए थे तो नगर निगम की टीम ने इन्हें रात में ही क्यों नहीं हटाया। इस पूरे मामले के बाद इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
QR कोड में राहुल गांधी के भाषणों के दावों का जिक्र
पोस्टरों की सबसे खास बात उन पर दिया गया QR कोड है। इसे स्कैन करने पर ऐसी वेबसाइट से जोड़ने की बात सामने आई है, जहां राहुल गांधी के विभिन्न शहरों में दिए गए भाषणों के कथित दावों की पड़ताल प्रस्तुत की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार वेबसाइट पर करीब 40 दावों का उल्लेख है। इनमें कुछ दावों को गलत और कुछ को भ्रामक बताए जाने का दावा किया गया है। वेबसाइट यह भी बताती है कि सामग्री तैयार करने के लिए 169 अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाई गई।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है। इसलिए इन्हें पोस्टर अभियान की ओर से किए गए दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए बदला गया था आयोजन स्थल
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आयोजन स्थल भी पहले से चर्चा में रहा है। कांग्रेस की ओर से शुरुआत में नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम कराने की तैयारी थी। बाद में कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने आईडीए की जमीन तय की गई।
रिपोर्टों के अनुसार इंदौर विकास प्राधिकरण ने करीब 12 हजार वर्गमीटर जमीन तीन दिनों के लिए कांग्रेस को आवंटित की थी। इसके लिए करीब 10.08 लाख रुपये शुल्क निर्धारित किया गया था। आवंटन में सुरक्षा, पार्किंग, ध्वनि व्यवस्था और अन्य विभागों से आवश्यक अनुमति लेने जैसी शर्तें शामिल थीं।
बाद में आईडीए ने जमीन के अतिरिक्त उपयोग को लेकर कांग्रेस से 4,03,270 रुपये अतिरिक्त जमा कराने को कहा। आईडीए के अनुसार करीब 4,800 वर्गमीटर हिस्से का इस्तेमाल निर्धारित अवधि से पहले शुरू हो गया था। कांग्रेस की ओर से अतिरिक्त राशि जमा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
शनिवार शाम विद्यार्थियों से संवाद करेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम के केंद्र में शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे बताए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के लिए राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उपलब्ध ट्रैफिक प्लान के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे।
13 रास्तों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित
राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की है। रिपोर्टों के मुताबिक 13 मार्गों पर ट्रक, बस और अन्य भारी या व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
इनमें राऊ चौराहे से राजेंद्र नगर तिराहा, नर्मदा नगर चौराहे से राजेंद्र नगर ब्रिज, गोपुर चौराहे से चाणक्यपुरी, बिजलपुर फाटा से चोइथराम और बिजलपुर चौराहे से केसरबाग की ओर जाने वाले मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा आवासा चौराहे से चाणक्यपुरी ब्रिज, चाणक्यपुरी चौराहे से चोइथराम मंडी, ट्रांसपोर्ट नगर से चोइथराम, तीन इमली से आईटी पार्क, तेजाजी नगर से आईटी पार्क और देवगुराड़िया से तीन इमली की ओर भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा।
पांच मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर भी रोक
भारी वाहनों के अलावा कुछ मार्गों को नो-व्हीकल जोन के तौर पर रखा गया है। चोइथराम चौराहे से कार्यक्रम स्थल की ओर, गड़बड़ी पुलिया से चोइथराम की ओर, राजीव गांधी चौराहे से चोइथराम की ओर, भंवरकुआं चौराहे से भोलाराम उस्ताद मार्ग होते हुए राजीव गांधी चौराहे तक तथा प्रतीक्षा ढाबा चौराहे से राजीव गांधी चौराहे की ओर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहने की जानकारी दी गई है।
एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था
राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से रेडिसन होटल तक उनके स्वागत के लिए कई स्थान तय किए गए हैं। इसके बाद वे शाम को रीजनल पार्क के सामने स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने और प्रतिबंधित मार्गों से बचने की अपील की है। आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंधों से अलग रखा गया है।
पोस्टर वार से बढ़ी राजनीतिक हलचल
राहुल गांधी के कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले सामने आए ‘झूठ की गूंज’ पोस्टरों ने कार्यक्रम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया है। एक तरफ कांग्रेस कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं से संवाद का मंच बता रही है, वहीं पोस्टरों में राहुल गांधी के पूर्व भाषणों में किए गए दावों पर सवाल उठाए गए हैं।
फिलहाल इन पोस्टरों को किसने लगवाया, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर स्पष्टता नहीं है। ऐसे में पोस्टर अभियान के पीछे किसका हाथ है, यह अलग राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। इसी बीच प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया है और राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर शहर की निगाहें टिकी हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस